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ट्रेन में दस मजदूर बने जहरखुरान गिरोह का शिकार
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ट्रेन में दस मजदूरों को खिलाया जहर
झांसी। शनिवार देर रात झांसी - आगरा पैसेंजर में सवार दस मजदूरों को जहरखुरान गिरोह ने जहर खिला दिया। उनके चार साथियों ने दिया प्रसाद नहीं खाया, जिससे वे होश में रहे। इस कारण बदमाश इन मजदूरों के रुपये व सामान नहीं ले जा सके। हालत गंभीर होने पर मजदूरों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां सभी की हालत में सुधार है। जीआरपी ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह मजदूर मुरैना से फसल काटकर अपने घर ललितपुर जा रहे थे।
जिला ललितपुर के बार तहसील स्थित लड़वारी रोड जैन मंदिर के पास रहने वाले अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं। गांव के कई लोग छह मार्च को मुरैना के मऊखेड़ा गांव में मजदूरी पर सरसों की फसल काटने गए थे। काम पूरा करने के बाद शनिवार रात सभी शाम करीब सात बजे मुरैैना स्टेशन पहुंचे। यहां से रात करीब आठ बजे झांसी आगरा पैसेेंजर में झांसी के लिए सवार हुए। जिस कोच में सभी बैठे थे, उसी के पास वाली सीट पर एक व्यक्ति आकर बैठ गया। कुछ देर बातों बातों में सभी से दोस्ती कर घुलमिल गया। कुछ ही समय में उक्त व्यक्ति ने एक सिद्ध स्थान का प्रसाद बताकर सभी को खिला दिया।
प्रसाद खाते ही कुछ ही देर बार भूपेंद्र (9), पूरन (35), मुस्कान (15), कल्याण (19), खुशबू (3), प्रवेश (14), राखी (14), देव (9), पुक्खन (60) और अभी (8) को उल्टियां होने लगीं। यह देखकर उनके पास बैठे साथी मजदूर कल्लू, कृपाल, ममता और किरन घबरा गए। यह घटना होेने तक ट्रेन ग्वालियर निकल चुकी थी, ऐेेसे में जब तक सभी उल्टियां करने के बाद बेहोश हो गए। रात करीब साढ़े बारह बजे ट्रेन के झांसी पहुंचते ही मजदूरों ने रेलकर्मियोें को जानकारी दी। रेलकर्मियों ने मजदूरों के साथ जीआरपी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह, आरपीएफ प्र्रभारी निरीक्षक एके यादव व टिकट चेकिंग स्टाफ के विनोेद कुमार व लवकेश कुमार मीणा ने ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार देते हुए चिकित्सकों को बुलाया। मौके पर पहुंचे रेलवे चिकित्सकोें ने सभी का प्राथमिक उपचार कर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां रात भर उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार बताया गया है।
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चार के प्रसाद न खाने पर बचा माल
जहरखुरान गिरोह के सदस्य ने सभी को धर्म का वास्ता देकर प्रसाद दे दिया था। कल्लू, कृपाल, ममता और किरन नींद मेें होने के कारण चुपचाप प्रसाद सीट पर रखकर लेट गए थे। जहरखुरान व्यक्ति को लगा कि सभी ने प्र्रसाद खा लिया है। इसी बीच सभी को उल्टियां होने के बाद चारों लोगों के साथ उक्त जहरखुरान भी उपचार में लग गया था, लेकिन चारों के बेहोश न होने पर घबराकर वह ग्वालियर से पहले उतरकर भाग गया। यदि चारों ने भी प्रसाद खा लिया होता तो उनका कुछ भी माल नहीं बचता।
मांगी थी मदद, कर दिया था अनसुना
ट्रेन में सभी को उल्टियां होते देख साथी मजदूर घबरा गए थे। मजदूरोें ने ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों से मदद भी मांगी, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया था। दो महिलाओं ने अलग अलग कोचों में दौैड़कर सो रहे यात्रियों को जगाया भी, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। मजदूर अनपढ़ थे और उनको यह भी नहीं पता था कि शिकायत कहां करना है।
कांग्रेसियों ने की खाने व घर पहुंचाने की मदद
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन व शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैैन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां मेडिकल प्रशासन से वार्ता कर इलाज की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज मेें ही सभी के खाने का इंतजाम भी कराया। मौके पर ही रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर घटना पर नाराजगी जाहिर की। प्रदीप ने सभी कपड़ों का इंतजाम भी कराया। इसके बाद निजी वाहन बुलाने के बाद घर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इस घटना के पीछे मानव तस्करी के लोग जुड़े हुए हैं, जो भले ही अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन इरादा उनका कुछ इस तरह की ही होगा।
पूरा प्रकरण संज्ञान लेेकर मुरैैना में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। पीड़ितों से घटना की जानकारी ली गई है। इस मामले में कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचकर जेल भेजा जाएगा।
प्रभाकर चौधरी, पुलिस अधीक्षक - रेेलवे
टीम मुरैना पहुंची, लिए बयान
- स्टेशन पर लगे कैमरों को खंगाला जाएगा
- पहले भी हो चुकी हैं जहरखुरान की घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जहरखुरानी की घटना ने जीआरपी व आरपीएफ को हिलाकर रख दिया है। आनन फानन में पीड़ितों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद जीआरपी की एक टीम मुरैना रवाना हो गई। मुरैना पहुंचकर टीम ने अपनी पड़ताल भी शुरू कर दी है। मुरैना स्टेशन पर लगे कैमरों को खंगालकर जहरखुरान गिरोह तक पहुंचने की कवायद तेज कर दी गई है।
आगरा से झांसी के बीच यह जहरखुरानी की पहली घटना नहीं है। इस रेलमार्ग पर आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। जहखुरान गिरोह के सदस्य कभी स्टेशन तो कभी ट्रेन में सक्रिय होकर घटनाएं कर निकल जाते हैं। जीआरपी व आरपीएफ भले ही यात्रियों को जागरुक कर ले, लेकिन खुद की पर्याप्त व्यवस्था न होने से आसानी से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। ग्वालियर से ट्रेन निकलने के बाद हर स्टेशन पर खड़ी भी हुई, लेकिन ऐसे मेें यदि पुलिस नजर आती तो घटना की जानकारी बहुत पहले ही मिल जाती है। यह घटना पुलिस गश्त व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। इस घटना ने यह तो साफ कर दिया कि ट्रेनों में पर्याप्त गश्त व्यवस्था हवाहवाई है। रास्ते की तो छोड़िये, झांसी स्टेशन पर ही मजदूरों को कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। रेलकर्मियों की मदद से जीआरपी थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी गई।
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झांसी। शनिवार देर रात झांसी - आगरा पैसेंजर में सवार दस मजदूरों को जहरखुरान गिरोह ने जहर खिला दिया। उनके चार साथियों ने दिया प्रसाद नहीं खाया, जिससे वे होश में रहे। इस कारण बदमाश इन मजदूरों के रुपये व सामान नहीं ले जा सके। हालत गंभीर होने पर मजदूरों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां सभी की हालत में सुधार है। जीआरपी ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। यह मजदूर मुरैना से फसल काटकर अपने घर ललितपुर जा रहे थे।
जिला ललितपुर के बार तहसील स्थित लड़वारी रोड जैन मंदिर के पास रहने वाले अधिकांश लोग मजदूरी करते हैं। गांव के कई लोग छह मार्च को मुरैना के मऊखेड़ा गांव में मजदूरी पर सरसों की फसल काटने गए थे। काम पूरा करने के बाद शनिवार रात सभी शाम करीब सात बजे मुरैैना स्टेशन पहुंचे। यहां से रात करीब आठ बजे झांसी आगरा पैसेेंजर में झांसी के लिए सवार हुए। जिस कोच में सभी बैठे थे, उसी के पास वाली सीट पर एक व्यक्ति आकर बैठ गया। कुछ देर बातों बातों में सभी से दोस्ती कर घुलमिल गया। कुछ ही समय में उक्त व्यक्ति ने एक सिद्ध स्थान का प्रसाद बताकर सभी को खिला दिया।
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प्रसाद खाते ही कुछ ही देर बार भूपेंद्र (9), पूरन (35), मुस्कान (15), कल्याण (19), खुशबू (3), प्रवेश (14), राखी (14), देव (9), पुक्खन (60) और अभी (8) को उल्टियां होने लगीं। यह देखकर उनके पास बैठे साथी मजदूर कल्लू, कृपाल, ममता और किरन घबरा गए। यह घटना होेने तक ट्रेन ग्वालियर निकल चुकी थी, ऐेेसे में जब तक सभी उल्टियां करने के बाद बेहोश हो गए। रात करीब साढ़े बारह बजे ट्रेन के झांसी पहुंचते ही मजदूरों ने रेलकर्मियोें को जानकारी दी। रेलकर्मियों ने मजदूरों के साथ जीआरपी पहुंचकर घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अजीत सिंह, आरपीएफ प्र्रभारी निरीक्षक एके यादव व टिकट चेकिंग स्टाफ के विनोेद कुमार व लवकेश कुमार मीणा ने ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक उपचार देते हुए चिकित्सकों को बुलाया। मौके पर पहुंचे रेलवे चिकित्सकोें ने सभी का प्राथमिक उपचार कर एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां रात भर उपचार के बाद सभी की हालत में सुधार बताया गया है।
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चार के प्रसाद न खाने पर बचा माल
जहरखुरान गिरोह के सदस्य ने सभी को धर्म का वास्ता देकर प्रसाद दे दिया था। कल्लू, कृपाल, ममता और किरन नींद मेें होने के कारण चुपचाप प्रसाद सीट पर रखकर लेट गए थे। जहरखुरान व्यक्ति को लगा कि सभी ने प्र्रसाद खा लिया है। इसी बीच सभी को उल्टियां होने के बाद चारों लोगों के साथ उक्त जहरखुरान भी उपचार में लग गया था, लेकिन चारों के बेहोश न होने पर घबराकर वह ग्वालियर से पहले उतरकर भाग गया। यदि चारों ने भी प्रसाद खा लिया होता तो उनका कुछ भी माल नहीं बचता।
मांगी थी मदद, कर दिया था अनसुना
ट्रेन में सभी को उल्टियां होते देख साथी मजदूर घबरा गए थे। मजदूरोें ने ट्रेन में सवार अन्य यात्रियों से मदद भी मांगी, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया था। दो महिलाओं ने अलग अलग कोचों में दौैड़कर सो रहे यात्रियों को जगाया भी, लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। मजदूर अनपढ़ थे और उनको यह भी नहीं पता था कि शिकायत कहां करना है।
कांग्रेसियों ने की खाने व घर पहुंचाने की मदद
घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन व शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैैन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां मेडिकल प्रशासन से वार्ता कर इलाज की जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज मेें ही सभी के खाने का इंतजाम भी कराया। मौके पर ही रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर घटना पर नाराजगी जाहिर की। प्रदीप ने सभी कपड़ों का इंतजाम भी कराया। इसके बाद निजी वाहन बुलाने के बाद घर रवाना किया। उन्होंने बताया कि इस घटना के पीछे मानव तस्करी के लोग जुड़े हुए हैं, जो भले ही अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके, लेकिन इरादा उनका कुछ इस तरह की ही होगा।
पूरा प्रकरण संज्ञान लेेकर मुरैैना में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। पीड़ितों से घटना की जानकारी ली गई है। इस मामले में कार्रवाई कर आरोपियों को दबोचकर जेल भेजा जाएगा।
प्रभाकर चौधरी, पुलिस अधीक्षक - रेेलवे
टीम मुरैना पहुंची, लिए बयान
- स्टेशन पर लगे कैमरों को खंगाला जाएगा
- पहले भी हो चुकी हैं जहरखुरान की घटनाएं
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। जहरखुरानी की घटना ने जीआरपी व आरपीएफ को हिलाकर रख दिया है। आनन फानन में पीड़ितों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद जीआरपी की एक टीम मुरैना रवाना हो गई। मुरैना पहुंचकर टीम ने अपनी पड़ताल भी शुरू कर दी है। मुरैना स्टेशन पर लगे कैमरों को खंगालकर जहरखुरान गिरोह तक पहुंचने की कवायद तेज कर दी गई है।
आगरा से झांसी के बीच यह जहरखुरानी की पहली घटना नहीं है। इस रेलमार्ग पर आए दिन इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। जहखुरान गिरोह के सदस्य कभी स्टेशन तो कभी ट्रेन में सक्रिय होकर घटनाएं कर निकल जाते हैं। जीआरपी व आरपीएफ भले ही यात्रियों को जागरुक कर ले, लेकिन खुद की पर्याप्त व्यवस्था न होने से आसानी से इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। ग्वालियर से ट्रेन निकलने के बाद हर स्टेशन पर खड़ी भी हुई, लेकिन ऐसे मेें यदि पुलिस नजर आती तो घटना की जानकारी बहुत पहले ही मिल जाती है। यह घटना पुलिस गश्त व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। इस घटना ने यह तो साफ कर दिया कि ट्रेनों में पर्याप्त गश्त व्यवस्था हवाहवाई है। रास्ते की तो छोड़िये, झांसी स्टेशन पर ही मजदूरों को कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। रेलकर्मियों की मदद से जीआरपी थाने पहुंचकर घटना की जानकारी दी गई।