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सिपाही अड़ा, नहीं किए फर्द पर हस्ताक्षर
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 03 Jul 2015 01:04 AM IST
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झांसी। जानलेवा हमले के मामले में की गई एक अभियुक्त की गिरफ्तारी की फर्द पर एक सिपाही ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। सिपाही ने अधिकारियों के आदेश को भी नहीं माना। ऐसे हालातों में थाना पुलिस ने आनन-फानन में कागजों पर सिपाही को बीमार दिखाकर कार्रवाई को अंजाम दिया।
यह मामला शहर के एक थाने का है, जहां से विगत दिवस एक व्यक्ति को गिरफ्तार दिखाकर जेल भेजा गया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि जानलेवा हमला करने के आरोपी की गिरफ्तारी संबंधी फर्द (लिखा पढ़ी) तैयार कर ली गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में एक सिपाही को शामिल किया गया। जब फर्द पर सिपाही से हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो उसने इनकार कर दिया। यह मामला थाने से होता हुआ वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सिपाही से फोन पर बात करते हुए फर्द पर हस्ताक्षर करने को कहा तो सिपाही ने इनकार कर दिया। उसका तर्क था कि यदि थानेदार गिरफ्तारी में शामिल होते तो हस्ताक्षर कर देता मगर वह ऐसा नहीं करेगा। जिस पर थाना पुलिस ने उसे कागजों में बीमार दिखा दिया। बताते हैं कि इसकी वजह यह है कि जेल भेजा गया व्यक्ति विगत तीन-चार दिन से थाने पर बैठा था। चर्चा है कि जेल गए व्यक्ति की थाने पर बैठे होने की परिवार के कुछ सदस्य मोबाइल से रिकार्डिंग करके ले गए हैं, जिससे मामला कोर्ट में फंस सकता है।
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यह मामला पुलिस विभाग में गुरुवार को चर्चा का विषय बना रहा। माना जा रहा है कि अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करने का सिपाही को हरजाना झेलना पड़ सकता है।
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यह मामला शहर के एक थाने का है, जहां से विगत दिवस एक व्यक्ति को गिरफ्तार दिखाकर जेल भेजा गया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि जानलेवा हमला करने के आरोपी की गिरफ्तारी संबंधी फर्द (लिखा पढ़ी) तैयार कर ली गई। गिरफ्तार करने वाली टीम में एक सिपाही को शामिल किया गया। जब फर्द पर सिपाही से हस्ताक्षर करने के लिए कहा गया तो उसने इनकार कर दिया। यह मामला थाने से होता हुआ वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने सिपाही से फोन पर बात करते हुए फर्द पर हस्ताक्षर करने को कहा तो सिपाही ने इनकार कर दिया। उसका तर्क था कि यदि थानेदार गिरफ्तारी में शामिल होते तो हस्ताक्षर कर देता मगर वह ऐसा नहीं करेगा। जिस पर थाना पुलिस ने उसे कागजों में बीमार दिखा दिया। बताते हैं कि इसकी वजह यह है कि जेल भेजा गया व्यक्ति विगत तीन-चार दिन से थाने पर बैठा था। चर्चा है कि जेल गए व्यक्ति की थाने पर बैठे होने की परिवार के कुछ सदस्य मोबाइल से रिकार्डिंग करके ले गए हैं, जिससे मामला कोर्ट में फंस सकता है।
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यह मामला पुलिस विभाग में गुरुवार को चर्चा का विषय बना रहा। माना जा रहा है कि अधिकारियों के आदेश का पालन नहीं करने का सिपाही को हरजाना झेलना पड़ सकता है।