फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   contractor sequrity mony seize

ठेकेदार पर पड़ी भारी, उसकी कलाकारी

Thu, 25 May 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 25 May 2017 01:01 AM IST
विज्ञापन
contractor sequrity mony seize
निर्माण - फोटो : demo
डामर के रेट पर सड़क पर एपेक्स बिछाने की जुगाड़ में लगे एक ठेकेदार की 1.15 लाख रुपये सिक्योरिटी नगर निगम ने जब्त कर ली है। तिलयानी बजरिया में एक साल पहले डामर की सड़क का टेंडर जारी हुआ था, जिस पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। ठेकेदार अतिक्रमण का हवाला देकर वहां रोड रोलर न पहुंचने की बात कह रहा था। महापौर किरन वर्मा ने इसकी जांच कराई तो गड़बड़ी उजागर हुई।
विज्ञापन

तिलयानी बजरिया चौराहा से सुभाष गंज तक सड़क पर डामरीकरण कराने के लिए एक साल पहले टेंडर हुआ था। लेकिन, सड़क का निर्माण नहीं किया गया। जबकि, नगर निगम ने ठेकेदार को नोटिस देकर 25 मई तक काम शुरू करने को कहा था। ठेकेदार का कहना था कि अतिक्रमण के कारण सड़क नहीं बन पा रही है। पार्षद अशोक पलया ने इसकी शिकायत नगर आयुक्त अरुण प्रकाश से की, तो उन्होंने जांच कराई। जांच में अतिक्रमण की समस्या नहीं पाई गई। इस पर पार्षद ने नगर आयुक्त को फिर से ज्ञापन देकर जिम्मेदार अधिकारी की भूमिका की जांच करने की मांग की। महापौर ने मामले को संज्ञान में लिया और जांच कराई तो पता चला कि ठेकेदार ने एक अन्य पार्षद से मिलकर एक चिट्ठी लिखवाई कि अतिक्रमण के कारण वहां पर डामर की सड़क नहीं बन पाएगी, बेहतर होगा कि एपेक्स की सड़क डाल दी जाए।
विज्ञापन

मौके का मुआयना किया गया तो कहीं पर भी अतिक्रमण नहीं पाया गया, मुहल्लेवासियों ने भी किसी तरह का विरोध नहीं करने की बात कही और डामर की सड़क डालने में सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रकरण में ठेकेदार की गलती मानते हुए महापौर ने बताया कि ठेकेदार गर्ग ट्रेडिंग कंपनी की जमानत राशि 1.15 लाख रुपये जब्त कर ली है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड भी किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


एपेक्स लगाने की मंशा पूरी नहीं हो सकी
डामर की सड़क पर एपेक्स लगाने के लिए ठेकेदार ने पड़ोसी वार्ड के पार्षद से समीकरण फिट कर लिया था। इसको लेकर ठेकेदार की ओर से एक साल से काम करने को लेकर टालमटोल होती रही। दिलचस्प बात यह है कि ठेकेदार का निवास भी उसी वार्ड में है, जहां सड़क डाली जानी थी। मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में डामर की जगह एपेक्स लगाने की मंशा पूरी नहीं हो सकी।

पार्षद अड़ गए, इसलिए झुकना पड़ा
पार्षद अशोक पलया ने इस मामले में काफी गंभीरता दिखाई व ठेकेदार को तीन नोटिस जारी कराए। पार्षद को साधने के प्रयास किए गए, लेकिन दाल नहीं गली। पार्षद के अड़ जाने के कारण मामला खुल गया।   
क्या दोषी अफसरों पर होगी कार्रवाई?

पार्षद ने प्रकरण में नगर निगम के अधिकारियों को दोषी मानते हुए इसकी जांच करने व दोषियोें पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर नगर आयुक्त को ज्ञापन दिया था। जांच के बाद दोषी ठेकेदार के खिलाफ तो कार्रवाई हो गई, क्या दोषी अफसरों पर भी कार्रवाई होगी। इसको लेकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है।


निर्माण कार्यों की समीक्षा 26 को
महापौर ने 26 मई को दिन में एक बजे निर्माण कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठक में 2015-16 और 2016-17 के सभी कार्यों की पड़ताल की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि तेरहवें वित्त आयोग, 14 वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग और अवस्थापना निधि से कौन से कार्य कराए गए और इनकी क्या स्थिति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed