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मिलेगा काम का इनाम या बदलेंगे बीयू के ‘निजाम’
ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:37 AM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के ‘निजाम’ को लेकर गर्म चर्चाओं के बाजार के बीच मंगलवार को कुलपति के नाम पर राजभवन अपनी मुहर लगा सकता है। यूं तो रेस में कई नाम चर्चा में हैं लेकिन मौजूदा कुलपति की दावेदारी भी मजबूत मानी जा रही है।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय का तीन साल का कार्यकाल 23 दिसंबर 2015 को पूरा हो रहा है। इससे पूर्व कुलपति के नाम की घोषणा होनी है। सोमवार को राजभवन से कुलपति के नाम का फैक्स आने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल राम नाईक के लखनऊ से बाहर होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
अब मंगलवार की शाम तक कुलपति की घोषणा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी बीयू के कुलपति बनने की कतार में हैं। सब अपने-अपने स्तर से जोर आजमाइश में लगे हैं। वहीं, वर्तमान कुलपति द्वारा किए गए कार्यों के मद्देनजर उनका कार्यकाल बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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गौरतलब है कि मौजूदा वीसी द्वारा तैयार किए गए ‘बीयू मॉडल’ को राजभवन प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों में प्रभावी करने के निर्देश दे चुका है। मौजूदा कुलपति ने शिक्षा व्यवस्था सुधार, शोध को बढ़ावा देने, ‘डिजिटल’ विश्वविद्यालय तैयार करने, वार्षिक परीक्षाओं में काफी हद तक नकल पर अंकुश लगाने, बीयू को आईएसओ प्रमाणित कराने समेत कई अहम कार्य किए हैं। जिसका लाभ उन्हें मिल सकता है।
परीक्षाएं नजदीक, नैक ए ग्रेड की भी उम्मीद
कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं में अब कुछ महीने ही शेष रह गए हैं। इसके अलावा हाल ही में नैक की टीम को भी बीयू में निरीक्षण को आना है। राज्यपाल स्वयं नकल विहीन परीक्षा कराने पर बल देते रहते हैं और बीयू को नैक का ए ग्रेड पाने की दिशा में हर संभव प्रयास करने को भी निर्देशित किया है। इस लिहाज से यदि बीयू में सत्ता परिवर्तन हुआ, तो नए ‘निजाम’ के सामने बहुत चुनौतियां होंगी। वहीं, मौजूदा वीसी का कार्यकाल बढ़ा तो नैक की तैयारियां पूर्ण हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय का तीन साल का कार्यकाल 23 दिसंबर 2015 को पूरा हो रहा है। इससे पूर्व कुलपति के नाम की घोषणा होनी है। सोमवार को राजभवन से कुलपति के नाम का फैक्स आने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल राम नाईक के लखनऊ से बाहर होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
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अब मंगलवार की शाम तक कुलपति की घोषणा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार कानपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर भी बीयू के कुलपति बनने की कतार में हैं। सब अपने-अपने स्तर से जोर आजमाइश में लगे हैं। वहीं, वर्तमान कुलपति द्वारा किए गए कार्यों के मद्देनजर उनका कार्यकाल बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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गौरतलब है कि मौजूदा वीसी द्वारा तैयार किए गए ‘बीयू मॉडल’ को राजभवन प्रदेश के समस्त राज्य विश्वविद्यालयों में प्रभावी करने के निर्देश दे चुका है। मौजूदा कुलपति ने शिक्षा व्यवस्था सुधार, शोध को बढ़ावा देने, ‘डिजिटल’ विश्वविद्यालय तैयार करने, वार्षिक परीक्षाओं में काफी हद तक नकल पर अंकुश लगाने, बीयू को आईएसओ प्रमाणित कराने समेत कई अहम कार्य किए हैं। जिसका लाभ उन्हें मिल सकता है।
परीक्षाएं नजदीक, नैक ए ग्रेड की भी उम्मीद
कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाओं में अब कुछ महीने ही शेष रह गए हैं। इसके अलावा हाल ही में नैक की टीम को भी बीयू में निरीक्षण को आना है। राज्यपाल स्वयं नकल विहीन परीक्षा कराने पर बल देते रहते हैं और बीयू को नैक का ए ग्रेड पाने की दिशा में हर संभव प्रयास करने को भी निर्देशित किया है। इस लिहाज से यदि बीयू में सत्ता परिवर्तन हुआ, तो नए ‘निजाम’ के सामने बहुत चुनौतियां होंगी। वहीं, मौजूदा वीसी का कार्यकाल बढ़ा तो नैक की तैयारियां पूर्ण हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है।