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बुंदेलखंड प्रांत निर्माण को वकीलों ने भरी हुंकार
jhansi
Updated Fri, 19 Aug 2016 01:25 AM IST
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- फोटो : demo pic
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झांसी। बुंदेलखंड प्रांत निर्माण के संघर्ष में अब अधिवक्ता भी जुड़ गए हैं। जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में वकीलों ने न्यायिक कार्य नहीं किया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से अलग बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा। तय किया कि राजनीतिक दल चुनाव में इस मुद्दे का भावनात्मक रूप से लाभ उठाते हैं, जबकि बाद में भूल जाते हैं। ऐसे नेताओं की कथनी और करनी में अंतर को जनता के बीच बेनकाब किया जाएगा।
ज्ञापन में कहा कि बुंदेलखंड राज्य बने बिना क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। बुंदेलखंड का यह क्षेत्र प्राकृतिक संपदाओं से भरा है, लेकिन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दो राज्यों में बंटा होने के कारण इसका दोहन हो रहा है। मांग की गई कि संविधान के अनुच्छेद (3) के अंतर्गत केंद्र सरकार स्वयं पहल करे अथवा राज्य पुनर्गठन आयोग (द्वितीय) का गठन कर समयबद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य निर्माण किया जाए। अन्यथा अधिवक्ता जन आंदोलन करेंगे।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा और महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने वाले अधिवक्ताओं में छोटेलाल वर्मा, राजीव निगम, अमित साहू, रमेश यादव, केपी श्रीवास्तव, भानू सहाय, संतोष चौहान, रफीक खान, सईद मोहम्मद, संदीप यादव, अशोक पटैरिया उपस्थित रहे।
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ज्ञापन में कहा कि बुंदेलखंड राज्य बने बिना क्षेत्र का विकास संभव नहीं है। बुंदेलखंड का यह क्षेत्र प्राकृतिक संपदाओं से भरा है, लेकिन उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दो राज्यों में बंटा होने के कारण इसका दोहन हो रहा है। मांग की गई कि संविधान के अनुच्छेद (3) के अंतर्गत केंद्र सरकार स्वयं पहल करे अथवा राज्य पुनर्गठन आयोग (द्वितीय) का गठन कर समयबद्ध कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य निर्माण किया जाए। अन्यथा अधिवक्ता जन आंदोलन करेंगे।
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जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा और महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपने वाले अधिवक्ताओं में छोटेलाल वर्मा, राजीव निगम, अमित साहू, रमेश यादव, केपी श्रीवास्तव, भानू सहाय, संतोष चौहान, रफीक खान, सईद मोहम्मद, संदीप यादव, अशोक पटैरिया उपस्थित रहे।
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