{"_id":"6217e880979d93264a010498","slug":"bundeli-artists-got-stage-but-did-not-get-appreciation-jhansi-news-jhs2156311111","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुंदेली कलाकारों को मंच मिला पर नहीं मिले कद्रदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुंदेली कलाकारों को मंच मिला पर नहीं मिले कद्रदान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। बुंदेली कलाकारों को मंच देने के लिए अटल एकता पार्क स्थित अटल कला मंच पर प्रतिदिन सांस्कृतिक आयोजन हो रहे हैं। इस मंच पर रोजाना बुंदेली कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया जा रहा है। लेकिन इनकी कला को देखने व सुनने के लिए दर्शक दीर्घा में गिने-चुने लोग ही पहुंच रहे।
बुंदेलखंड के कलाकारों को बढ़ावा देने और कलाकारों को रोजगार मुहैया करने के लिए मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय की पहल पर अटल एकता पार्क स्थित अटल कला मंच इन्हें प्रदान किया गया है, इसके तहत मंच पर प्रतिदिन बुंदेलखंड के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।
मंच पर रोजाना बुंदेली कलाकारों द्वारा राई नृत्य, लोक नृत्य-गायन-वादन, ढिमरयाई नृत्य-संगीत, ढोलक वादन के साथ शास्त्रीय गायन, मृदंग वादन, कथक, बांसुरी, शहनाई, ख्याल गायन सहित कई कार्यक्रम अलग-अलग दिन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसके एवज में झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा कलाकारों को मानदेय दिया जा रहा, लेकिन कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की कला को प्रोत्साहित करने व उनका उत्साहवर्धन करने के लिए मंच के सामने दर्शकों का टोटा रहता है। दर्शक नहीं होने के कारण कलाकारों को मायूस होना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुंदेलखंड के कलाकारों को बढ़ावा देने और कलाकारों को रोजगार मुहैया करने के लिए मंडलायुक्त डॉ. अजय शंकर पांडेय की पहल पर अटल एकता पार्क स्थित अटल कला मंच इन्हें प्रदान किया गया है, इसके तहत मंच पर प्रतिदिन बुंदेलखंड के कलाकारों द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जा रही है।
विज्ञापन
मंच पर रोजाना बुंदेली कलाकारों द्वारा राई नृत्य, लोक नृत्य-गायन-वादन, ढिमरयाई नृत्य-संगीत, ढोलक वादन के साथ शास्त्रीय गायन, मृदंग वादन, कथक, बांसुरी, शहनाई, ख्याल गायन सहित कई कार्यक्रम अलग-अलग दिन प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इसके एवज में झांसी विकास प्राधिकरण द्वारा कलाकारों को मानदेय दिया जा रहा, लेकिन कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की कला को प्रोत्साहित करने व उनका उत्साहवर्धन करने के लिए मंच के सामने दर्शकों का टोटा रहता है। दर्शक नहीं होने के कारण कलाकारों को मायूस होना पड़ता है।
विज्ञापन