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बंपर पैदावार से कम हुई महंगाई की मार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Apr 2017 12:53 AM IST
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- फोटो : demo
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इस साल हुई बंपर पैदावार से महंगाई की मार कम हुई है। 160 रुपये किलो बिकने वाली अरहर की दाल 80 रुपये किलो, तो 24 रुपये बिकने वाला आटा 19 रुपये में बिक रहा है। इससे आम आदमी को कुछ राहत मिली है।
दो माह पहले तक ही दालों के दाम आसमान छू रहे थे। महंगाई की मार से परेशान आम आदमी की थाली पर इसका साफ असर पड़ रहा था। इस सीजन में फसल अच्छी होने से महंगाई औंधे मुंह गिरी है। मसूर, मूंग, चना की दाल के दाम तो गिरे ही, तेल, शक्कर, मसालों की कीमतें भी काफी कम हुई हैं। किराना व्यापारियों के अनुसार गेहूं के दाम और भी घटने की संभावना है, जबकि अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम स्थिर रह सकते हैं।
गोदामों से बाहर आया माल
पहले कालाबाजारी भाव चढ़ाकर स्टाक करते थे, लेकिन सरकार की सख्ती के बाद गोदामों में पड़ा माल बाजार में बडे़ पैमाने पर बिकने आ गया। भाव कम होने का एक कारण यह भी है।
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विजय प्रजापति, किराना व्यापारी
दाम कम होने के कई कारण
बाजार में इन दिनों जीएसटी को लेकर भ्रम फैला हुआ है। वहीं, बुंदेलखंड की फसल के बाजार में आने और गोदामों का माल बाजार में उतरने सहित कई कारणों से दाम कम हुए हैं।
मनोज सिंधी, किराना व्यापारी
दामों के स्थिर रहने की उम्मीद
शहर में कई जिलों से खाद्यान्न वस्तुएं आती है। रेट गिरने पर कई घरों से अतिरिक्त दाल व खाद्यान्न सामग्री के आर्डर दुकानदारों को मिल रहे है। संभावना है कि खाद्यान्न सामग्री के दाम वर्तमान की तरह स्थिर रहेंगे।
विशाल साहू, किराना व्यापारी
तीन माह के अंतराल में गिरे दाम
किराना खाद्यान्न वस्तुओं के दाम पिछले तीन माह के अंतराल में जबरदस्त गिरे हैं। 160 रुपये किलो बिकने वाली अरहर अब 80 रुपये किलो, मसूर 80 से 60, मूंग 160 से 60, चना दाल 140 से 70, उड़द 160 से 70, सामान्य चावल 26 से 20, आटा 22 से 20, शक्कर 45 से 41, धना 160 से 85, हल्दी 160 से 100, मिर्ची 140 से 90, रिफाइंड तेल 85 से 75, सरसों 90 से 75, बेसन 140 से 80 रुपये किलों की बिक्री में पहुंच गया है। दुकानदारों के अनुसार गेहूं के रेट गिरने पर आटा और भी सस्ता हो सकता है।
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दो माह पहले तक ही दालों के दाम आसमान छू रहे थे। महंगाई की मार से परेशान आम आदमी की थाली पर इसका साफ असर पड़ रहा था। इस सीजन में फसल अच्छी होने से महंगाई औंधे मुंह गिरी है। मसूर, मूंग, चना की दाल के दाम तो गिरे ही, तेल, शक्कर, मसालों की कीमतें भी काफी कम हुई हैं। किराना व्यापारियों के अनुसार गेहूं के दाम और भी घटने की संभावना है, जबकि अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम स्थिर रह सकते हैं।
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गोदामों से बाहर आया माल
पहले कालाबाजारी भाव चढ़ाकर स्टाक करते थे, लेकिन सरकार की सख्ती के बाद गोदामों में पड़ा माल बाजार में बडे़ पैमाने पर बिकने आ गया। भाव कम होने का एक कारण यह भी है।
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विजय प्रजापति, किराना व्यापारी
दाम कम होने के कई कारण
बाजार में इन दिनों जीएसटी को लेकर भ्रम फैला हुआ है। वहीं, बुंदेलखंड की फसल के बाजार में आने और गोदामों का माल बाजार में उतरने सहित कई कारणों से दाम कम हुए हैं।
मनोज सिंधी, किराना व्यापारी
दामों के स्थिर रहने की उम्मीद
शहर में कई जिलों से खाद्यान्न वस्तुएं आती है। रेट गिरने पर कई घरों से अतिरिक्त दाल व खाद्यान्न सामग्री के आर्डर दुकानदारों को मिल रहे है। संभावना है कि खाद्यान्न सामग्री के दाम वर्तमान की तरह स्थिर रहेंगे।
विशाल साहू, किराना व्यापारी
तीन माह के अंतराल में गिरे दाम
किराना खाद्यान्न वस्तुओं के दाम पिछले तीन माह के अंतराल में जबरदस्त गिरे हैं। 160 रुपये किलो बिकने वाली अरहर अब 80 रुपये किलो, मसूर 80 से 60, मूंग 160 से 60, चना दाल 140 से 70, उड़द 160 से 70, सामान्य चावल 26 से 20, आटा 22 से 20, शक्कर 45 से 41, धना 160 से 85, हल्दी 160 से 100, मिर्ची 140 से 90, रिफाइंड तेल 85 से 75, सरसों 90 से 75, बेसन 140 से 80 रुपये किलों की बिक्री में पहुंच गया है। दुकानदारों के अनुसार गेहूं के रेट गिरने पर आटा और भी सस्ता हो सकता है।