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ऑटो चले बेढंगे, आज फिर होगा एक्शन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Dec 2016 12:17 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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ज्यादा किराया वसूलने वाले ऑटो चालक कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरे। वृहस्पतिवार को भी उन्होंने बड़ाबाजार से बसस्टैंड तक का किराया पांच की जगह दस रुपये ही वसूल किया। बुधवार को आरटीओ विभाग ने इनकी मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सात चालकों के चालान काटे थे। एआरटीओ प्रवर्तन आरके सिंह का कहना है कि शुक्रवार को फिर से मनमाना किराया वसूलने वाले ऑटो चालकों के चालान काटे जाएंगे।
अमर उजाला ने बड़ाबाजार में जाम और अतिक्रमण की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया था। अभियान का असर यह हुआ कि प्रशासन ने व्यापारियों, ट्रांस्पोर्टर्स और ऑटो चालकों के साथ बैठक करके सभी के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत यह तय किया गया कि ऑटो चालक वनवे व्यवस्था के तहत बड़ाबाजार में चलेंगे। वह घासमंडी के पास क्रम से खड़े होकर सवारियां लेंगे। ऑटो चालकों ने व्यवस्था को तो माना, लेकिन मनमानी करते हुए यहां से बस स्टैंड तक का किराया पांच की जगह दस रुपये कर दिया। अमर उजाला ने ऑटो चालकों की इस मनमानी को उजागर किया तो बुधवार को आरटीओ विभाग ने डंडा चलाया। विभागीय कर्मचारियों ने अधिक किराया वसूलने वाले सात चालकों का चालान किया था।
आरटीओ की कार्रवाई के बाद लोगों को लगा कि अब ऑटो चालक सुधर जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बृहस्पतिवार को भी ऑटो चालकों ने बड़ाबाजार से बस स्टैंड तक के दस रुपये ही वसूले। अब शुक्रवार को एक बार फिर कार्रवाई का डंडा चलेगा।
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ऑटो चालकों की समस्या
ऑटो चालक लक्ष्मी नारायण और विनोद तिवारी ने बताया कि सागर गेट से घास मंडी आने का रास्ता संकरा है। समय ज्यादा लग जाता है। वनवे में ऑटो चालकाें को ही रोका जा रहा है। इस कारण अन्य वाहन उस संकरे रास्ते में घुस जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है। कुछ ऑटो चालक हैं जो नियमों के विरुद्घ चलते हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। इनको आरटीओ विभाग के कुछ कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है। हम लोगों पर कार्रवाई हो जाती है। लक्ष्मी गेट से भी वाहन अंदर आ जाते हैं और घास मंडी से सागर गेट की ओर भी लोडिंग वाहन घुस जाते हैं।
हम लोग नंबर से चलते हैं तो एक घंटे में नंबर आता है। दिन में पांच चक्कर ही लगा पा रहे हैं। मुरली मनोहर मंदिर के पास ऑटो स्टैंड बनाया गया था। वहां पर ठेले वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। कुछ ऑटो हैं जो बीच रोड से ही सवारियां बैठाकर चले जाते हैं।
आरटीओ की कार्रवाई का कोई फर्क नहीं पड़ा। सुबह सामान लेने स्टैंड तक गया था तो दस रुपये ले मांगे। मैने विरोध किया तो अभद्रता करने लगे। इनकों कोई सुधार ही नहीं सकता।
कमलेश जैन, यात्री
इतनी स्पीड से चलाते हैं कि कभी भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्टैंड पर खड़े होकर महिलाओं से अभद्रता भी करते हैं। इनकी मनमानी का विरोध करें तो गालियां देने लगते हैं।
प्रमोद जैन, यात्री
सागर गेट से घास मंडी तक का रास्ता संकरा है। इस कारण एक ही ऑटो निकल सकता है। वनवे होने के बाद भी कुछ ऑटो घुस जाते हैं। इस कारण जाम लग जाता है।
संतोष साहू, यात्री
मनमानी सवारियां बैठा लेते हैं। आरटीओ विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। इस कारण इनके हौसले बुलंद हैं। तीन सवारियाें का परमिट है लेकिन आठ-दस सवारियां बैठा लेते हैं।
प्रमोद साहू, यात्री
बुधवार को कार्रवाई हुई थी। स्टाफ की कमी होने के कारण रोज कार्रवाई नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को फिर से कार्रवाई की जाएगी। किसी ऑटो चालक को विभागीय कर्मियों का संरक्षण नहीं है।
आरके सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन
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अमर उजाला ने बड़ाबाजार में जाम और अतिक्रमण की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अभियान चलाया था। अभियान का असर यह हुआ कि प्रशासन ने व्यापारियों, ट्रांस्पोर्टर्स और ऑटो चालकों के साथ बैठक करके सभी के लिए नियम बनाए थे। इसके तहत यह तय किया गया कि ऑटो चालक वनवे व्यवस्था के तहत बड़ाबाजार में चलेंगे। वह घासमंडी के पास क्रम से खड़े होकर सवारियां लेंगे। ऑटो चालकों ने व्यवस्था को तो माना, लेकिन मनमानी करते हुए यहां से बस स्टैंड तक का किराया पांच की जगह दस रुपये कर दिया। अमर उजाला ने ऑटो चालकों की इस मनमानी को उजागर किया तो बुधवार को आरटीओ विभाग ने डंडा चलाया। विभागीय कर्मचारियों ने अधिक किराया वसूलने वाले सात चालकों का चालान किया था।
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आरटीओ की कार्रवाई के बाद लोगों को लगा कि अब ऑटो चालक सुधर जाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। बृहस्पतिवार को भी ऑटो चालकों ने बड़ाबाजार से बस स्टैंड तक के दस रुपये ही वसूले। अब शुक्रवार को एक बार फिर कार्रवाई का डंडा चलेगा।
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ऑटो चालकों की समस्या
ऑटो चालक लक्ष्मी नारायण और विनोद तिवारी ने बताया कि सागर गेट से घास मंडी आने का रास्ता संकरा है। समय ज्यादा लग जाता है। वनवे में ऑटो चालकाें को ही रोका जा रहा है। इस कारण अन्य वाहन उस संकरे रास्ते में घुस जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है। कुछ ऑटो चालक हैं जो नियमों के विरुद्घ चलते हैं। उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। इनको आरटीओ विभाग के कुछ कर्मचारियों का संरक्षण प्राप्त है। हम लोगों पर कार्रवाई हो जाती है। लक्ष्मी गेट से भी वाहन अंदर आ जाते हैं और घास मंडी से सागर गेट की ओर भी लोडिंग वाहन घुस जाते हैं।
हम लोग नंबर से चलते हैं तो एक घंटे में नंबर आता है। दिन में पांच चक्कर ही लगा पा रहे हैं। मुरली मनोहर मंदिर के पास ऑटो स्टैंड बनाया गया था। वहां पर ठेले वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। कुछ ऑटो हैं जो बीच रोड से ही सवारियां बैठाकर चले जाते हैं।
आरटीओ की कार्रवाई का कोई फर्क नहीं पड़ा। सुबह सामान लेने स्टैंड तक गया था तो दस रुपये ले मांगे। मैने विरोध किया तो अभद्रता करने लगे। इनकों कोई सुधार ही नहीं सकता।
कमलेश जैन, यात्री
इतनी स्पीड से चलाते हैं कि कभी भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्टैंड पर खड़े होकर महिलाओं से अभद्रता भी करते हैं। इनकी मनमानी का विरोध करें तो गालियां देने लगते हैं।
प्रमोद जैन, यात्री
सागर गेट से घास मंडी तक का रास्ता संकरा है। इस कारण एक ही ऑटो निकल सकता है। वनवे होने के बाद भी कुछ ऑटो घुस जाते हैं। इस कारण जाम लग जाता है।
संतोष साहू, यात्री
मनमानी सवारियां बैठा लेते हैं। आरटीओ विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। इस कारण इनके हौसले बुलंद हैं। तीन सवारियाें का परमिट है लेकिन आठ-दस सवारियां बैठा लेते हैं।
प्रमोद साहू, यात्री
बुधवार को कार्रवाई हुई थी। स्टाफ की कमी होने के कारण रोज कार्रवाई नहीं हो पा रही है। शुक्रवार को फिर से कार्रवाई की जाएगी। किसी ऑटो चालक को विभागीय कर्मियों का संरक्षण नहीं है।
आरके सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन