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मेट्रो ट्रेन की तरह इलेक्ट्रिक बसों में भी मिलेगी अगले स्टॉपेज की जानकारी
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महानर में 18 दिसंबर से इलैक्टिक बसों का संचालन शुरु होने जारहा है। को
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झांसी। महानगर में इलेक्ट्रिक बस सेवा का संचालन 18 दिसंबर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। इन बसों में मेट्रो ट्रेन की तरह उद्घोषणा के जरिये यात्रियों को आने वाले अगले स्टॉपेज की जानकारी दी जाएगी। सुरक्षा के लिए बस में पांच कैमरे लगे हैं। शुरूआत में चार रूटों पर एक- एक बस चलाने की योजना है। एक बस को रिजर्व में रखा जाएगा।
परिवहन विभाग को 25 बसें संचालन के लिए मिलनी हैं, जिसमें 15 बसें अब तक आ चुकी हैं। शुरूआत में पांच बसों का संचालन होगा। कोछाभांवर के निकट बनाए गए चार्जिंग डिपो पांच व बाकी बसें पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी की गईं हैं। बुधवार को तकनीकी टीम ने बसों का निरीक्षण किया। कंपनी अधिकारियों ने टीम को बस की खूबियों व उसके संचालन के संबंध में जानकारी दी। टीम में बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर विजय वर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य बस सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप अग्रवाल, सहायक लेखाधिकारी मनोज कुमार खन्ना, सर्विस मैनेजर लोकेश राजपूत शामिल रहे।
- इलेक्ट्रिक बस सेवा को 18 दिसंबर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। अभी मंडलायुक्त से प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी रह गई है। शुरूआत में चारों रूटों पर चार बसें चलाईं जाएंगी। धीरे- धीरे चारों रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
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संदीप अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य बस सड़क परिवहन निगम।
120 किलोमीटर के बाद दोबारा करनी पड़ेगी चार्जिंग
एक बस में पांच बैटरी 690 वोल्ट व दो 24 वोल्ट की बैटरियां लगीं हैं। इन बैटरियों की मदद से बस को 120 से 130 किलोमीटर दूरी तक चलाया जा सकता है। चार्जिंग खत्म होने के 20 किलोमीटर पहले इंडीकेशन बजने लगता है। इसके बाद बस को दोबारा रिचार्ज के लिए चार्जिंग स्टेशन लाना होगा। आखिर रास्ते में बैटरी खत्म हो गई तो बस को क्रेन से खींचकर लाना होगा। बस को अधिकतम 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा सकता है।
इन रूटों पर चलेंगी बसें
- बबीना से झांसी होकर चिरगांव।
- कोछाभांवर अंबावाय होकर बबीना।
- रेलवे स्टेशन से चित्रा चौराहा, बीकेडी, खंडेराव गेट, कोतवाली मिनर्वा, गोविंद चौराहा, कचहरी चौराहा होकर रेलवे स्टेशन।
- कोछाभांवर से झलकारी बाई तिराहा होकर रेलवे स्टेशन।
इस तरह लगेगा किराया
महानगर में प्रत्येक तीन किलोमीटर के हिसाब से यात्रियों को दस रुपये किराया देना होगा। कस्बों की तरफ बनाए गए रूटों पर किराया अलग होगा।
बस में ये हैं खासियतें
-----------------
- 28 यात्रियों के बैठने के लिए सीट हैं। इनमें दो सीट दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित हैं।
- 22 यात्री खड़े रह सकते हैं। वह हैंगर पकड़कर खड़े रह सकते हैं।
- संगीत सुनने के लिए म्यूजिक सिस्टम लगा है।
- स्क्रीन बोर्ड पर अगले स्टॉपेज व उद्घोषणा के जरिये जानकारी मिलती रहेगी।
- सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक होगा संचालन।
- पूरी तरह ऑटोमेटिक है। अलग- अलग बटन दबाने पर आगे, पीछे और खड़ी होती है।
- एक यूनिट बिजली में एक बस की बैटरियां चार्ज हो जातीं हैं।
- चालक के पास एक माइक लगा है, जिसके जरिये वह यात्रियों के संपर्क में रह सकता है।
- जीपीएस सिस्टम लगा है। यदि ड्राइवर गलत रूट पर जाएगा तो इस बात का तुरंत पता लग जाएगा।
- सुरक्षा के लिए पांच कैमरे लगे हैं। ड्राइवर स्टेयरिंग के पास लगी टीवी पर कैमरों की मदद से यात्रियों पर नजर रख सकता है।
- दोनों गेट बंद होने के बाद ही बस आगे बढ़ेगी। गेट खोलना व बंद करना ड्राइवर के हाथ में है।
- हरियाणा की पीएमआई इलेक्ट्रो कोविलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बसों का निर्माण किया है।
- हरियाणा की फ्लीट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा ड्राइवर रखे जा रहे हैं।
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परिवहन विभाग को 25 बसें संचालन के लिए मिलनी हैं, जिसमें 15 बसें अब तक आ चुकी हैं। शुरूआत में पांच बसों का संचालन होगा। कोछाभांवर के निकट बनाए गए चार्जिंग डिपो पांच व बाकी बसें पैरामेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी की गईं हैं। बुधवार को तकनीकी टीम ने बसों का निरीक्षण किया। कंपनी अधिकारियों ने टीम को बस की खूबियों व उसके संचालन के संबंध में जानकारी दी। टीम में बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर विजय वर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य बस सड़क परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप अग्रवाल, सहायक लेखाधिकारी मनोज कुमार खन्ना, सर्विस मैनेजर लोकेश राजपूत शामिल रहे।
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- इलेक्ट्रिक बस सेवा को 18 दिसंबर से शुरू करने की तैयारी चल रही है। अभी मंडलायुक्त से प्रशासनिक स्वीकृति मिलना बाकी रह गई है। शुरूआत में चारों रूटों पर चार बसें चलाईं जाएंगी। धीरे- धीरे चारों रूटों पर बसों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।
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संदीप अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य बस सड़क परिवहन निगम।
120 किलोमीटर के बाद दोबारा करनी पड़ेगी चार्जिंग
एक बस में पांच बैटरी 690 वोल्ट व दो 24 वोल्ट की बैटरियां लगीं हैं। इन बैटरियों की मदद से बस को 120 से 130 किलोमीटर दूरी तक चलाया जा सकता है। चार्जिंग खत्म होने के 20 किलोमीटर पहले इंडीकेशन बजने लगता है। इसके बाद बस को दोबारा रिचार्ज के लिए चार्जिंग स्टेशन लाना होगा। आखिर रास्ते में बैटरी खत्म हो गई तो बस को क्रेन से खींचकर लाना होगा। बस को अधिकतम 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जा सकता है।
इन रूटों पर चलेंगी बसें
- बबीना से झांसी होकर चिरगांव।
- कोछाभांवर अंबावाय होकर बबीना।
- रेलवे स्टेशन से चित्रा चौराहा, बीकेडी, खंडेराव गेट, कोतवाली मिनर्वा, गोविंद चौराहा, कचहरी चौराहा होकर रेलवे स्टेशन।
- कोछाभांवर से झलकारी बाई तिराहा होकर रेलवे स्टेशन।
इस तरह लगेगा किराया
महानगर में प्रत्येक तीन किलोमीटर के हिसाब से यात्रियों को दस रुपये किराया देना होगा। कस्बों की तरफ बनाए गए रूटों पर किराया अलग होगा।
बस में ये हैं खासियतें
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- 28 यात्रियों के बैठने के लिए सीट हैं। इनमें दो सीट दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित हैं।
- 22 यात्री खड़े रह सकते हैं। वह हैंगर पकड़कर खड़े रह सकते हैं।
- संगीत सुनने के लिए म्यूजिक सिस्टम लगा है।
- स्क्रीन बोर्ड पर अगले स्टॉपेज व उद्घोषणा के जरिये जानकारी मिलती रहेगी।
- सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक होगा संचालन।
- पूरी तरह ऑटोमेटिक है। अलग- अलग बटन दबाने पर आगे, पीछे और खड़ी होती है।
- एक यूनिट बिजली में एक बस की बैटरियां चार्ज हो जातीं हैं।
- चालक के पास एक माइक लगा है, जिसके जरिये वह यात्रियों के संपर्क में रह सकता है।
- जीपीएस सिस्टम लगा है। यदि ड्राइवर गलत रूट पर जाएगा तो इस बात का तुरंत पता लग जाएगा।
- सुरक्षा के लिए पांच कैमरे लगे हैं। ड्राइवर स्टेयरिंग के पास लगी टीवी पर कैमरों की मदद से यात्रियों पर नजर रख सकता है।
- दोनों गेट बंद होने के बाद ही बस आगे बढ़ेगी। गेट खोलना व बंद करना ड्राइवर के हाथ में है।
- हरियाणा की पीएमआई इलेक्ट्रो कोविलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बसों का निर्माण किया है।
- हरियाणा की फ्लीट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा ड्राइवर रखे जा रहे हैं।