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Jhansi News: अमेरिका में स्कूल जाने लगी है अपूर्वी, कृत्रिम हाथ भी करने लगा है काम

Thu, 29 Feb 2024 02:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 02:44 AM IST
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Apurvi has started going to school in America, has also started working with artificial hand.
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। अमेरिका में अब स्कूल जाने लगी है हमारी अपूर्वी। उसका कृत्रिम हाथ भी काम करने लगा है। अमेरिका के एक बड़े उद्यमी परिवार में उसकी बेहतर परवरिश हो रही है। जबकि, चार साल पहले अपूर्वी लावारिस अवस्था में पाई गई थी। कुत्तों ने उसका एक हाथ खा लिया था। अमर उजाला की कोशिशों से वह जिंदा बच पाई थी। यहां उसे शिशु विहार में रखा गया था। यहां से अमेरिकन दंपती ने उसे गोद ले लिया था।
मेडिकल कॉलेज के सामने एक गली में 16 दिसंबर 2019 की रात एक नवजात खुले आकाश के नीचे पाई गई थी। कुत्तों ने उसका हाथ खा लिया था। सूचना मिलने पर अमर उजाला की टीम मौके पर पहुंच गई थी। लावारिस को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। लंबे चले इलाज के बाद उसकी जान तो बच गई थी, परंतु उसका हाथ नहीं बच पाया था। इसके बाद बेटी को खातीबाबा स्थित शिशु विहार में रख दिया गया था। यहां से दो साल पहले उसे एक अमेरिकन दंपती ने गोद ले लिया था। दंपती ने अमेरिका में ले जाकर अपूर्वी का हाथ लगवा दिया था। हालांकि, शुरुआत में उसका कृत्रिम हाथ काम नहीं कर रहा था। लेकिन, अब वह पूरी तरह से काम करने लगा है। अपूर्वी का दाखिला वहां के एक स्कूल में हो गया है और वह सामान्य बच्चों की तरह पढ़-लिख रही है।
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अमेरिका में अपूर्वी को मिली नई पहचान
लावारिस अवस्था में मिली नवजात को अपूर्वी नाम बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डा. नीता साहू ने दिया था। यहां वह इसी नाम से पहचानी जाती है। लेकिन, अमेरिका में उसे नई पहचान मिल गई है। गोद लेने वाले दंपती ने प्यार से उसका नाम स्वीटी रखा है। स्कूल में भी उसका इसी नाम से दाखिला हुआ है।
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नियमानुसार अपूर्वी का नियमित रूप से हाल-चाल लिया जा रहा है। वहां उसकी अच्छी परवरिश हो रही है। वह स्कूल जाने लगी है और उसका कृत्रिम हाथ भी काम करने लगा है। अपूर्वी अमेरिकन भाषा में ही बात करती है। - राजीव शर्मा, अध्यक्ष - बाल कल्याण समिति
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