{"_id":"5f737d528ebc3e9b90282946","slug":"animal-accident-sachkhand-express-stop-six-minut-reporters-news-jhs177458977","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानवर टकराने से छह मिनट खड़ी रही सचखंड एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानवर टकराने से छह मिनट खड़ी रही सचखंड एक्सप्रेस
विज्ञापन
झांसी। मंगलवार को सचखंड एक्सप्रेस व दो मालगाड़ियों के इंजन की चपेट में जानवर आ गए। इससे उक्त गाड़ियों का संचालन प्रभावित रहा।
मंगलवार की देर शाम अमृतसर से नांदेड जाने वाली 02716 सचखंड एक्सप्रेस दतिया से चिरुला स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी, तभी पटरियों पर चल रहा एक जानवर इंजन की चपेट में आ गया। इस कारण चालक को ट्रेन मौके पर रोकना पड़ी। ट्रेन के रुकने के बाद चालक व सह चालक ने इंजन की जांच की। जांच में देखा जाता है कि जानवर का मांस इंजन में कहीं फंस तो नहीं गया है। सब ठीक मिलने पर छह मिनट बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो गई। इसी तरह कानपुर से झांसी की तरफ आ रही मालगाड़ी से एक जानवर मुस्तरा स्टेशन के निकट व दूसरी मालगाड़ी से नंदखास व मोंठ स्टेशन के बीच टकरा गया। घटना के कारण उक्त दोनों मालगाड़ियां बीस-बीस मिनट तक मौके पर खड़ीं रहीं। गनीमत रही कि इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंच सका।
बारिश के बाद खेतों में हरियाली होने पर जानवर चरने के लिए पटरियों के पास तक आ जाते हैं। इस दौरान वे सूखी जमीन की तलाश में पटरियों के आसपास आकर बैठ जाते हैं। इधर- उधर होने पर जानवर जैसे ही पटरी पर आते हैं ट्रेन की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। जानवर कटने से इंजन के खराब होने की आशंका बनी रहती है। आरपीएफ लगातार गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर गांव वालों से आग्रह करती है कि वे अपने जानवरों को पटरी के पास न भटकने दें, लेकिन गांव वालों की अनदेखी का खामियाजा रेलवे को भुगतना पड़ता है। किसान का भी नुकसान होता है।
विज्ञापन
मंगलवार की देर शाम अमृतसर से नांदेड जाने वाली 02716 सचखंड एक्सप्रेस दतिया से चिरुला स्टेशन की तरफ बढ़ रही थी, तभी पटरियों पर चल रहा एक जानवर इंजन की चपेट में आ गया। इस कारण चालक को ट्रेन मौके पर रोकना पड़ी। ट्रेन के रुकने के बाद चालक व सह चालक ने इंजन की जांच की। जांच में देखा जाता है कि जानवर का मांस इंजन में कहीं फंस तो नहीं गया है। सब ठीक मिलने पर छह मिनट बाद ट्रेन आगे के लिए रवाना हो गई। इसी तरह कानपुर से झांसी की तरफ आ रही मालगाड़ी से एक जानवर मुस्तरा स्टेशन के निकट व दूसरी मालगाड़ी से नंदखास व मोंठ स्टेशन के बीच टकरा गया। घटना के कारण उक्त दोनों मालगाड़ियां बीस-बीस मिनट तक मौके पर खड़ीं रहीं। गनीमत रही कि इंजन को कोई नुकसान नहीं पहुंच सका।
बारिश के बाद खेतों में हरियाली होने पर जानवर चरने के लिए पटरियों के पास तक आ जाते हैं। इस दौरान वे सूखी जमीन की तलाश में पटरियों के आसपास आकर बैठ जाते हैं। इधर- उधर होने पर जानवर जैसे ही पटरी पर आते हैं ट्रेन की चपेट में आकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। जानवर कटने से इंजन के खराब होने की आशंका बनी रहती है। आरपीएफ लगातार गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर गांव वालों से आग्रह करती है कि वे अपने जानवरों को पटरी के पास न भटकने दें, लेकिन गांव वालों की अनदेखी का खामियाजा रेलवे को भुगतना पड़ता है। किसान का भी नुकसान होता है।
विज्ञापन