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तफरी करने मुंबई गए हैं तीनों बच्चे
ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2016 12:50 AM IST
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झांसी। घर वालों और पुलिस प्रशासन का पसीना छुड़ाने वाले तीनों बच्चे मुंबई में हैं। उनको कोई लेकर नहीं गया था, बल्कि स्वयं मौज मस्ती करने गए थे। पुलिस की टीम तीनों बच्चों को लाने के लिए मुंबई रवाना हो गई है।
मिशन कंपाउंड निवासी सैन्य कर्मी बसंत राज का पुत्र पृथ्वीराज उर्फ प्रेम (10), ग्वाल टोली निवासी राजेंद्र गुप्ता का पुत्र मयंक गुप्ता (14) और कोतवाली पठौरिया निवासी महेंद्र मिश्रा का पुत्र अभिषेक मिश्रा (15) बुधवार की शाम से गायब थे। तीनों एकसाथ मिशन कंपाउंड से निकले थे, जिसके फुटेज सीसीटीवी कैमरे में हैं।
एक साथ तीन बच्चों के गायब होने से बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन में हड़कंप गया था। पुलिस की आधा दर्जन टीमें उनकी तलाश में जुटी हुईं थीं। शक के आधार पर तमाम लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
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एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने शुक्रवार को बताया कि तीनों बच्चे मुंबई के अंधेरी इलाके में मिल गए हैं। दोपहर में मयंक गुप्ता ने अंधेरी की एसटीडी से पिता को फोन किया कि वह मुंबई में है। एटीएम से रुपये नहीं निकल रहे हैं। उनके पास रुपये खत्म हो गए हैं। उन्हें रुपयों की जरूरत हैं, इसलिए खाते में डलवा दें। पिता ने मुंबई में रह रहे एक रिश्तेदार के पास बच्चे को पहुंचने के लिए कहा। पिता ने तत्काल यह सूचना पुलिस को दी।
योजना बना कर गए थे तीनों बच्चे
तीनों बच्चों को मौजमस्ती करने के लिए मुंबई जाने की बात से परिजन भौचक्के हैं। अब वह भी मान रहे हैं कि तीनों योजना बनाकर मुंबई गए हैं। यही वजह है कि बच्चे कुछ दिनों से अजीबोगरीब बातें कर रहे थे। सैन्य कर्मी बसंत राज ने बताया कि दो-तीन दिन पूर्व पृथ्वीराज ने मां के गले से लिपटकर पूछा था कि यदि मैं बिना बताए कहीं पर चला गया तो तुम क्या करोगी? मां का जवाब सुनकर वह चुप रह गया था।
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मिशन कंपाउंड निवासी सैन्य कर्मी बसंत राज का पुत्र पृथ्वीराज उर्फ प्रेम (10), ग्वाल टोली निवासी राजेंद्र गुप्ता का पुत्र मयंक गुप्ता (14) और कोतवाली पठौरिया निवासी महेंद्र मिश्रा का पुत्र अभिषेक मिश्रा (15) बुधवार की शाम से गायब थे। तीनों एकसाथ मिशन कंपाउंड से निकले थे, जिसके फुटेज सीसीटीवी कैमरे में हैं।
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एक साथ तीन बच्चों के गायब होने से बृहस्पतिवार को पुलिस प्रशासन में हड़कंप गया था। पुलिस की आधा दर्जन टीमें उनकी तलाश में जुटी हुईं थीं। शक के आधार पर तमाम लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ की, मगर कोई सुराग नहीं मिला।
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एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे ने शुक्रवार को बताया कि तीनों बच्चे मुंबई के अंधेरी इलाके में मिल गए हैं। दोपहर में मयंक गुप्ता ने अंधेरी की एसटीडी से पिता को फोन किया कि वह मुंबई में है। एटीएम से रुपये नहीं निकल रहे हैं। उनके पास रुपये खत्म हो गए हैं। उन्हें रुपयों की जरूरत हैं, इसलिए खाते में डलवा दें। पिता ने मुंबई में रह रहे एक रिश्तेदार के पास बच्चे को पहुंचने के लिए कहा। पिता ने तत्काल यह सूचना पुलिस को दी।
योजना बना कर गए थे तीनों बच्चे
तीनों बच्चों को मौजमस्ती करने के लिए मुंबई जाने की बात से परिजन भौचक्के हैं। अब वह भी मान रहे हैं कि तीनों योजना बनाकर मुंबई गए हैं। यही वजह है कि बच्चे कुछ दिनों से अजीबोगरीब बातें कर रहे थे। सैन्य कर्मी बसंत राज ने बताया कि दो-तीन दिन पूर्व पृथ्वीराज ने मां के गले से लिपटकर पूछा था कि यदि मैं बिना बताए कहीं पर चला गया तो तुम क्या करोगी? मां का जवाब सुनकर वह चुप रह गया था।