{"_id":"623a328715e93e5eb923c9be","slug":"after-ten-years-serial-killer-who-committed-four-murders-was-killed-by-police-three-including-his-wife-were-put-to-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"झांसी : दस साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा चार हत्याएं करने वाला सीरियल किलर, पत्नी समेत तीन को उतारा था मौत के घाट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झांसी : दस साल बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा चार हत्याएं करने वाला सीरियल किलर, पत्नी समेत तीन को उतारा था मौत के घाट
Wed, 23 Mar 2022 02:03 AM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: सुशील कुमार
Updated Wed, 23 Mar 2022 02:03 AM IST
सार
सीओ मऊरानीपुर अरुण कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश के बिलौआ थाना निवासी राजेश कमरिया 2010 में ग्वालियर के बाला बाई बाजार में मनोज गहलोत के यहां किराए पर रहता था। वहां उसने मनोज की पत्नी गीता को प्रेमजाल में फंसा लिया।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपनी पत्नी, दोस्त समेत एक के बाद एक चार हत्याएं करके तकरीबन दस साल से फरार चल रहा सीरियल किलर ग्वालियर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। झांसी में ही उसने चारों हत्याएं की थीं। वह नाम बदलकर ग्वालियर में रह रहा था। झांसी पुलिस हत्यारे को झांसी लाने के लिए रवाना हो गई है।
विज्ञापन
सीओ मऊरानीपुर अरुण कुमार ने बताया कि मध्य प्रदेश के बिलौआ थाना निवासी राजेश कमरिया 2010 में ग्वालियर के बाला बाई बाजार में मनोज गहलोत के यहां किराए पर रहता था। वहां उसने मनोज की पत्नी गीता को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद गीता और उसने मनोज की हत्या की योजना बनाई। पार्टी मनाने के बहाने 31 दिसंबर 2011 को राजेश गीता और उसके पति को लेकर झांसी आया। यहां गीता और राजेश ने मिलकर मनोज की हत्या करके शव बेतवा नदी में फेंक दिया।
विज्ञापन
इसके बाद उसने गीता से शादी कर ली और मऊरानीपुर में रहने लगा। मऊरानीपुर में ही गीता का मायका था। बाद में राजेश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर वर्ष 2013 में पत्नी गीता, उसके बेटे निक्की एवं भतीजे सूरज की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। वह गीता का सारा जेवर लेकर ग्वालियर भाग गया। वहां पहचान बदलकर राजेंद्र मेहरा के नाम से रहने लगा। उसने ग्वालियर निवासी अनामिका से विवाह भी कर लिया।
विज्ञापन
राजेश ने 12 मार्च को अनामिका के साथ मारपीट कर दी। इसकी शिकायत अनामिका ने ग्वालियर स्थित झांसी मार्ग थाने मेंदर्ज कराई। पुलिस ने जब राजेश को पकड़कर जांच की तो एक के बाद एक घटनाओं का खुलासा हुआ। सीओ का कहना है कि मऊरानीपुर थाने में दर्ज मामले की तलाश शुरू कर दी गई है।
हत्या के दस साल बाद अब हुई मनोज की शिनाख्त
मनोज की हत्या के दस साल बाद तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। राजेश की गिरफ्तारी के बाद बड़ागांव पुलिस ने आज जब अपने रिकार्ड खंगाले तब उसमें अज्ञात शव का विवरण दर्ज मिला। थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह के मुताबिक न्यायालय से इजाजत लेकर इस मामले की विवेचना कराई जाएगी।