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हड़ताली मनरेगा कार्मिकों का कटेगा वेतन
Jhansi
Updated Thu, 04 Apr 2013 05:30 AM IST
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झांसी। मनरेगा कार्मिकों की कलमबंद हड़ताल का असर दिखाई देने लगा है। स्थिति यह है कि एमआईएस फीडिंग से लेकर फील्ड में होने वाले सारे कामकाज थम गए हैं। डीआरडीए के परियोजना निदेशक ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उनके वेतन काटने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
जॉब कार्डधारक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के माध्यम से मनरेगा संचालित है। इसके लिए विभाग में 11 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, 09 समन्वय, 08 लेखा सहायक, 07 कंप्यूटर आपरेटर, 08 तकनीकी सहायक (ब्लाक), 65 तकनीकी सहायक (ग्राम पंचायत) और 390 रोजगार सेवक सहित करीब पांच सौ कर्मचारी तैनात हैं। मनरेगा कार्य में मजदूर लगाने से लेकर स्टीमेट बनाने और एमआईएस फीडिंग तक के तमाम कार्य इन्हीं कर्मचारियों के हवाले हैं। मनरेगा कार्मिकों का आरोप है कि ज्वाइनिंग के समय उन्हें जिस वेतन पर रखा गया था, आज तक वही दिया जा रहा है।
राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की भांति अवकाश और नियमित वेतनमान की मांग को लेकर यह कर्मचारी मनरेगा कार्मिक संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले दो अप्रैल से प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल से मनरेगा के सभी कामकाज ठप पड़ गए हैं। प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपये की एमआईएस फीडिंग, फील्ड विजिट, एमबी आदि कार्य नहीं होने से जॉब कार्डधारकोें को दिक्कत हो रही है। रोजगार सृजन के लिए शुरू की गई सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में व्यवधान पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक जी पी गौतम ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
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जॉब कार्डधारक ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के माध्यम से मनरेगा संचालित है। इसके लिए विभाग में 11 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, 09 समन्वय, 08 लेखा सहायक, 07 कंप्यूटर आपरेटर, 08 तकनीकी सहायक (ब्लाक), 65 तकनीकी सहायक (ग्राम पंचायत) और 390 रोजगार सेवक सहित करीब पांच सौ कर्मचारी तैनात हैं। मनरेगा कार्य में मजदूर लगाने से लेकर स्टीमेट बनाने और एमआईएस फीडिंग तक के तमाम कार्य इन्हीं कर्मचारियों के हवाले हैं। मनरेगा कार्मिकों का आरोप है कि ज्वाइनिंग के समय उन्हें जिस वेतन पर रखा गया था, आज तक वही दिया जा रहा है।
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राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की भांति अवकाश और नियमित वेतनमान की मांग को लेकर यह कर्मचारी मनरेगा कार्मिक संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले दो अप्रैल से प्रदेशव्यापी कलमबंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल से मनरेगा के सभी कामकाज ठप पड़ गए हैं। प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपये की एमआईएस फीडिंग, फील्ड विजिट, एमबी आदि कार्य नहीं होने से जॉब कार्डधारकोें को दिक्कत हो रही है। रोजगार सृजन के लिए शुरू की गई सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में व्यवधान पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक जी पी गौतम ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
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