{"_id":"5b3a7f434f1c1b52578b45d5","slug":"81530560323-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीआईओएस व डीएसओ पर जुर्माना -City","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीआईओएस व डीएसओ पर जुर्माना -City
Updated Tue, 03 Jul 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीआईओएस और डीएसओ पर 25-25 हजार का जुर्माना
सब हेड... आरटीआई के तहत सूचना देने में शिथिलता बरतने पर हुई कार्रवाई
- राज्य सूचना आयुक्त ने कमिश्नरी में की अपीलों की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सोमवार को प्रदेश के सूचना आयुक्त ने कमिश्नरी न्यायालय में सूचना के अधिकार अधिनियम की अपीलों की सुनवाई की। इस दौरान सूचना देने में शिथिलता बरतने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय और जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कहा कि सूचना का अधिकार नियमावली के अंतर्गत सत्य सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य ही नहीं, बल्कि यह वादी का अधिकार भी है। इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए अधिकारी नियमावली को बार-बार पढ़ें । सूचनाएं समय पर उपलब्ध न कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो सूचना आपके पास है, वो आपको देनी होगी। इससे बच नहीं सकते। राज्य सूचना आयुक्त ने 55 केसों की सुनवाई की, जिनके सभी पक्षकार मौजूद रहे। इस दौरान 19 केसों का निस्तारण किया गया।
इस मौके पर अपर आयुक्त (प्रशासन) उर्मिला सोनकर खाबरी, एसपीआरए कुलदीप नारायण, आरएफसी नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
सुनवाई से पहले दी सूचना
सूचना आयुक्त की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ मामलों में अधिकारियों ने सुनवाई से पूर्व वादी को मांगी गई सूचना उपलब्ध करा दी। विवेक मुदगिल बनाम बीएसए प्रकरण में अपीलकर्ता ने जो सूचना मांगी थी, वो सूचना आयुक्त के समक्ष उपलब्ध करा दी गई। एक अन्य मामले में बीएसए कार्यालय से विभागीय कर्मचारी सतीश चंद्र स्वर्णकार ने सूचना मांगी थी। कर्मचारी ने सुनवाई के दौरान बीएसए कार्यालय के प्रति संतोष जताया।
विज्ञापन
चार दिन और होगी सुनवाई
राज्य सूचना आयुक्त मंडल मुख्यालय पर तीन जुलाई का झांसी, चार व पांच जुलाई को ललितपुर और छह जुलाई को जनपद जालौन से संबंधित अपीलों की सुनवाई करेंगे।
विज्ञापन
सब हेड... आरटीआई के तहत सूचना देने में शिथिलता बरतने पर हुई कार्रवाई
- राज्य सूचना आयुक्त ने कमिश्नरी में की अपीलों की सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। सोमवार को प्रदेश के सूचना आयुक्त ने कमिश्नरी न्यायालय में सूचना के अधिकार अधिनियम की अपीलों की सुनवाई की। इस दौरान सूचना देने में शिथिलता बरतने पर जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय और जिला पूर्ति अधिकारी अनूप तिवारी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त गजेंद्र यादव ने कहा कि सूचना का अधिकार नियमावली के अंतर्गत सत्य सूचना उपलब्ध कराना अनिवार्य ही नहीं, बल्कि यह वादी का अधिकार भी है। इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करने के लिए अधिकारी नियमावली को बार-बार पढ़ें । सूचनाएं समय पर उपलब्ध न कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो सूचना आपके पास है, वो आपको देनी होगी। इससे बच नहीं सकते। राज्य सूचना आयुक्त ने 55 केसों की सुनवाई की, जिनके सभी पक्षकार मौजूद रहे। इस दौरान 19 केसों का निस्तारण किया गया।
विज्ञापन
इस मौके पर अपर आयुक्त (प्रशासन) उर्मिला सोनकर खाबरी, एसपीआरए कुलदीप नारायण, आरएफसी नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
सुनवाई से पहले दी सूचना
सूचना आयुक्त की कार्रवाई से बचने के लिए कुछ मामलों में अधिकारियों ने सुनवाई से पूर्व वादी को मांगी गई सूचना उपलब्ध करा दी। विवेक मुदगिल बनाम बीएसए प्रकरण में अपीलकर्ता ने जो सूचना मांगी थी, वो सूचना आयुक्त के समक्ष उपलब्ध करा दी गई। एक अन्य मामले में बीएसए कार्यालय से विभागीय कर्मचारी सतीश चंद्र स्वर्णकार ने सूचना मांगी थी। कर्मचारी ने सुनवाई के दौरान बीएसए कार्यालय के प्रति संतोष जताया।
विज्ञापन
चार दिन और होगी सुनवाई
राज्य सूचना आयुक्त मंडल मुख्यालय पर तीन जुलाई का झांसी, चार व पांच जुलाई को ललितपुर और छह जुलाई को जनपद जालौन से संबंधित अपीलों की सुनवाई करेंगे।