फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   नाला सफाई कर्मचारी-Dehat

नाला सफाई कर्मचारी-Dehat

Thu, 22 Jun 2017 10:11 PM IST
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:11 PM IST
विज्ञापन
नाला सफाई कर्मचारी-Dehat
फोटो
विज्ञापन

-----
क्या सफाई कर्मचारी की जान की कीमत नहीं?
सब हेड: बिना सुरक्षा किट के नालों में उतरा जा रहा, मानकों का पालन नहीं
क्रासर
किसी के पैर में घुस रहा कांच, तो किसी से लिपट रहा सांप
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
नाला सफाई जैसा खतरनाक काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा का किसी को ध्यान नहीं है। न तो उन्हें सेफ्टी किट उपलब्ध कराई गई है और न ही उनका बीमा कराया गया है। नाले के भीतर जहरीले कीड़े, जानलेवा कचरा, जहरीली गैसें और रसायन मौजूद रहते हैं। ये सफाई कर्मचारियों के लिए जान का खतरा बन सकते हैं। शहर के छोटे-बड़े 204 नालों की सफाई में दो सौ से अधिक सफाई कर्मचारी जुटे हैं।
नगर निगम के अफसर शहर के नालों की सफाई के काम में आउटसोर्स से तैनात कर्मचारियों को लगाए हुए है। सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना कराई जा रही सफाई की वजह से कर्मचारी रोज घायल हो रहे हैं। बिना गम बूट के नाले में उतरने के कारण किसी के पैरों में टूटे कांच घुस रहे हैं तो किसी से सांप लिपट रहे हैं। अपने परिवार का भरण पोषण करने के लिए ये सफाई कर्मचारी जान हथेली पर लेकर काम कर रहे हैं। नगर निगम सफाई कर्मचारियों अमानवीय तरीके काम करा रहा है। इनकी सुरक्षा के लिए किट देना तो दूर अनहोनी की दशा में परिवार की व्यवस्था के लिए नियमानुसार इनका बीमा भी नहीं कराया गया है। अवैध अतिक्रमण और सड़क खोदने वालों को नियमों की दुहाई देकर कार्रवाई करने वाले नगर निगम के अफसर खुद ही अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए मानकों को पलीता दिखा रहे हैं।
विज्ञापन

शहर में एक मीटर से चौड़े 42 तथा इससे संकरे 162 नाले हैं। रोस्टर के अनुसार नालों की सफाई 15 जुलाई तक पूरी होनी है। पानी बरसने के कारण सफाई का काम तेज कर दिया है। एक अप्रैल से नाला सफाई का काम शुरू हुआ था। करीब तीन माह पूरे होने को हैं। अब जब काम समाप्ति की ओर है तो नगर निगम का दावा है कि सेफ्टी किट बांटना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोज हो रहे बीमार
बिना सुरक्षा किट के नाला सफाई करने से कर्मचारी बीमार हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को भांडेरी गेट के पास नटबली नाला की सफाई करते समय कर्मचारी अरविंद को अचानक उल्टियां होने लगीं और वह बीमार हो गया। चक्कर आने पर वह नाले के किनारे लेट गया। करीब एक घंटा बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। अकेले अरविंद ही नहीं, बल्कि इससे पहले सफाई कर्मचारी जितेंद्र मेहंदीबाग नाला की साफ करते समय बेहोश हो गया था। नटवली नाला की सफाई के दौरान एक सप्ताह पहले कल्याण और लक्ष्मनगंज में पप्पू बीमार पड़ गया था।

ये है सेफ्टी किट
सफाई कर्मचारियों को मास्क अनिवार्य है
गम बूट (घुटनों तक ऊंचे मजबूत जूते)
सेफ्टी ड्रेस (गर्दन से पैर तक सूट)
हुक लगी रस्सी (नाले में उतरने के दौरान कमर में बांधने के लिए)
टार्च (यदि मेनहोल में उतरना हो)
फर्स्ट एड बॉक्स भी साथ होना चाहिए

इनका भी दर्द सुनो
---------------
कांच से घाव बन गए
बिना गम बूट के नालों में घुसने से कांच लग जाता है। मेरे पैरों में कम से कम बीस बार कांच लगने से घाव हो गए हैं। मजबूरन बिना गम बूट के काम करना पढ़ रहा है। अफसर सुनते नहीं हैं। बेरोजगार बैठने से तो अच्छा है कि कुछ कमा लिया जाए।
- विष्णु, सफाई कर्मचारी।

बहुत कम पैसा मिल रहा
नालों की सफाई में लगे सफाई कर्मचारियों को 250 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं। नाला सफाई का काम हर कोई नहीं कर सकता। बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना पड़ रहा है। कई बार पैरों में सांप लिपट चुका है। कम से कम 350 रुपये प्रतिदिन मिलने चाहिए।

- सफाई कमी, अजय

नगर निगम का दावा
सुरक्षा किट खरीदने में देरी हो गई थी, लेकिन अब नाला सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट बांटी जा रही है। कुछ सर्किलों में इसे बांटने का काम पूरा हो गया है, जल्द ही सभी सर्किलों में किट बांट दी जाएगी।
- डा. राकेश बाबू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed