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कामयाब रही 51,253 लोगों की पाबंद करने की रणनीति
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झांसी। पिछले चुनाव के मुकाबले इस दफा मतदान काफी शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया। इसके पीछे पुलिस की एक खास रणनीति कामयाब होती दिखी। अबकी पहली बार पुलिस ने 51,253 लोगों को पाबंद किया था। संवेदनशील इलाकों में लोग 5 से 60 लाख रुपये से पाबंद किए गए थे। इसका असर रहा कि बूथों के बाहर गड़बड़ी फैलाने वालों की भीड़ जमा नहीं हो सकी।
हर लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पुलिस चुनाव प्रभावित करने वालों को पाबंद करती है लेकिन, अभी तक अधिकांश मामलों में यह काम कागजों में ही होता था। पाबंद होने वालों को नोटिस तामील नहीं होती थी। लिहाजा, वह पाबंद होने से बचे रह जाते थे। जो पाबंद होते उनकी जमानत राशि 50 हजार से दो लाख के बीच रहती थी।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक पिछले चुनाव में महज 1800 लोग ही पाबंद किए गए थे। पिछले चुनाव में बूथों के अंदर एवं बाहर जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ गया लेकिन, इस बार पुलिस ने रणनीति बदलते हुए मतदान से पहले ही पूरे जनपद में कुल 51,253 लोगों को पाबंद कर दिया।
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क्रिटिकल एवं वल्नरेबल बूथ वाले इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पाबंद हुए। वल्नरेबल बूथ वाले मैरी, उन्नाव गेट बाहर, छनियापुरा, कोछा भांवर, अंदर एवं बाहर ओरछा गेट, बुढ़पुरा, पालर, लकारा, खिसनीखुर्द, रानीपुर, अकसेव, सारौन आदि इलाकों में सौ-सौ से अधिक लोग पाबंद हुए। पाबंद होने के साथ उनकी जमानत राशि भी पांच से साठ लाख तय की गई। इसका असर यह रहा कि इतनी बड़ी धनराशि का बांड भरने वाले अधिकांश लोगों ने खुद को वोट डालने तक सीमित रखा। अधिकांश पोलिंग बूथ के आसपास सन्नाटा पसरा रहा।
प्रशासन की मदद से इतने लोगों को पाबंदी नोटिस तामील हुई। निश्चित तौर से इसका फायदा हुआ। मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस फोर्स भी तैनात था। गड़बड़ी करने वालों से कड़ाई से निपटने के निर्देश दिए गए थे। इस वजह से शांतिपूर्ण मतदान कराने में मदद मिली।
शिवहरी मीना, एसएसपी
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हर लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में पुलिस चुनाव प्रभावित करने वालों को पाबंद करती है लेकिन, अभी तक अधिकांश मामलों में यह काम कागजों में ही होता था। पाबंद होने वालों को नोटिस तामील नहीं होती थी। लिहाजा, वह पाबंद होने से बचे रह जाते थे। जो पाबंद होते उनकी जमानत राशि 50 हजार से दो लाख के बीच रहती थी।
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पुलिस आंकड़ों के मुताबिक पिछले चुनाव में महज 1800 लोग ही पाबंद किए गए थे। पिछले चुनाव में बूथों के अंदर एवं बाहर जमकर हंगामा हुआ था। पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ गया लेकिन, इस बार पुलिस ने रणनीति बदलते हुए मतदान से पहले ही पूरे जनपद में कुल 51,253 लोगों को पाबंद कर दिया।
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क्रिटिकल एवं वल्नरेबल बूथ वाले इलाकों में बड़ी संख्या में लोग पाबंद हुए। वल्नरेबल बूथ वाले मैरी, उन्नाव गेट बाहर, छनियापुरा, कोछा भांवर, अंदर एवं बाहर ओरछा गेट, बुढ़पुरा, पालर, लकारा, खिसनीखुर्द, रानीपुर, अकसेव, सारौन आदि इलाकों में सौ-सौ से अधिक लोग पाबंद हुए। पाबंद होने के साथ उनकी जमानत राशि भी पांच से साठ लाख तय की गई। इसका असर यह रहा कि इतनी बड़ी धनराशि का बांड भरने वाले अधिकांश लोगों ने खुद को वोट डालने तक सीमित रखा। अधिकांश पोलिंग बूथ के आसपास सन्नाटा पसरा रहा।
प्रशासन की मदद से इतने लोगों को पाबंदी नोटिस तामील हुई। निश्चित तौर से इसका फायदा हुआ। मतदान के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस फोर्स भी तैनात था। गड़बड़ी करने वालों से कड़ाई से निपटने के निर्देश दिए गए थे। इस वजह से शांतिपूर्ण मतदान कराने में मदद मिली।
शिवहरी मीना, एसएसपी