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38 कैदी भेजे जाएंगे दूसरी जेलों में
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38 संगीन कैदी भेजेे जाएंगे दूसरी जेलों में
झांसी। जिला कारागार में बंद आजीवन और संगीन मामलों में सजा काट रहे कैदियों को प्रदेश की दूसरी जेलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 38 कैदियों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी गई है। जल्द ही इन कैदियों को शिफ्ट किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
जिला कारागार की क्षमता 450 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में 1250 कैदी बंद हैं। ऐसे में तीन गुना से अधिक कैदी होने के कारण जेल प्रशासन के सामने 24 घंटे चुनौती बनी रहती है। मानक के अनुरूप स्टाफ की किल्लत और क्षमता से ज्यादा बंदी-कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता था। जेल में भार कम करने के साथ किसी भी तरह की गैंग न बन सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने आजीवन और संगीन मामलों में सजा काट रहे कैदियों को दूसरी जेलों में भेजने का फैसला लिया है।
मुख्यालय से ऐसे संगीन मामलों के कैदियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन ने ऐसे 38 कैदियों की सूची तैयार कर ली है, इसे मुख्यालय भेज दिया गया है। वर्तमान में जिला कारागार में आजीवन कारावास के 300 कैदी हैं। इनमें 100 कैदी ज्यादा खतरनाक हैं। ऐसे ही 200 और कैदियों को भी छांटा जा रहा है, जिनका आपराधिक इतिहास काफी खतरनाक है। इनसे हर समय झगड़े की भी आशंका रहती है। इन कैदियों में से 38 को प्रदेश की अन्य जेलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बनी रहती है आशंका
जेल में हत्या, डकैती, दुष्कर्म, लूट व अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के बंदी भी हैं। संख्या अधिक होने के चलते आपसी संघर्ष होने, साजिश रचने और बंदियों के गुट बनाने की आशंका रहती है। हर दिन पेशी पर आने-जाने के दौरान बंदियों की जांच में चूक होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन जेल प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जेल में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी दी गई है, जल्द ही ऐसे सभी कैदियों को अन्य जेलों में भेज दिया जाएगा। - राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।
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झांसी। जिला कारागार में बंद आजीवन और संगीन मामलों में सजा काट रहे कैदियों को प्रदेश की दूसरी जेलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है। पहले चरण में 38 कैदियों की सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी गई है। जल्द ही इन कैदियों को शिफ्ट किया जाएगा। जेल प्रशासन ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
जिला कारागार की क्षमता 450 कैदियों की है, लेकिन वर्तमान में 1250 कैदी बंद हैं। ऐसे में तीन गुना से अधिक कैदी होने के कारण जेल प्रशासन के सामने 24 घंटे चुनौती बनी रहती है। मानक के अनुरूप स्टाफ की किल्लत और क्षमता से ज्यादा बंदी-कैदियों के होने की वजह से जेल की सुरक्षा को भी खतरा बना रहता था। जेल में भार कम करने के साथ किसी भी तरह की गैंग न बन सके, इसके लिए जेल प्रशासन ने आजीवन और संगीन मामलों में सजा काट रहे कैदियों को दूसरी जेलों में भेजने का फैसला लिया है।
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मुख्यालय से ऐसे संगीन मामलों के कैदियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन ने ऐसे 38 कैदियों की सूची तैयार कर ली है, इसे मुख्यालय भेज दिया गया है। वर्तमान में जिला कारागार में आजीवन कारावास के 300 कैदी हैं। इनमें 100 कैदी ज्यादा खतरनाक हैं। ऐसे ही 200 और कैदियों को भी छांटा जा रहा है, जिनका आपराधिक इतिहास काफी खतरनाक है। इनसे हर समय झगड़े की भी आशंका रहती है। इन कैदियों में से 38 को प्रदेश की अन्य जेलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बनी रहती है आशंका
जेल में हत्या, डकैती, दुष्कर्म, लूट व अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के बंदी भी हैं। संख्या अधिक होने के चलते आपसी संघर्ष होने, साजिश रचने और बंदियों के गुट बनाने की आशंका रहती है। हर दिन पेशी पर आने-जाने के दौरान बंदियों की जांच में चूक होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन जेल प्रशासन का दावा है कि सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जेल में सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। सूची तैयार कर मुख्यालय भेजी दी गई है, जल्द ही ऐसे सभी कैदियों को अन्य जेलों में भेज दिया जाएगा। - राजीव शुक्ला, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।