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रेलवे: आरक्षण, बुकिंग होंगे एक
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रेल मंडल में जल्द ही वाणिज्य कर विभाग के बुकिंग, पार्सल, माल गोदाम, ऑफिस और आरक्षण के कर्मचारी एक होने वाले हैं। इन शाखाओं को समायोजित कर एक कैडर बनाया जा रहा है। इससे यह कर्मचारी वाणिज्य से जुड़े सभी काम सीख सकेंगे। अभी तक यह जिस विभाग में तैनात हैं, उसी के काम को जानते हैं। इन कर्मचारियों को समायोजित करने का काम तेजी से चल रहा है। दूसरे चरण में टिकट चेकिंग स्टाफ को भी इसी में समायोजित किया जाएगा।
रेलवे के वाणिज्य विभाग की चार प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग, मालगोदाम व आरक्षण हैं। यह शाखाएं यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है।
स्टेशन के काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रहा है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। दूसरा, इन शाखाओं के कर्मचारी अपनी ही विधा के काम जानते हैं। इस कारण सातवें वेतन आयोग में वाणिज्य विभाग के सभी कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
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रेल प्रशासन का मानना है कि वाणिज्य विभाग के सभी कैडर एक होने पर कर्मचारी सभी विधाओं का काम कर सकेंगे। कैडर को एक करके कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सकता है। तीनों कैडर के एक होने से कर्मचारियों को आसानी से कहीं भी तैनात किया जा सकेगा। इस समय मंडल में बुकिंग, पार्सल, मालगोदाम और ऑफिस में 353 कर्मचारी तैनात हैं। 40 कर्मचारियों की कमी चल रही है। आरक्षण कार्यालय में 113 कर्मचारी हैं और 13 पद खाली चल रहे हैं।
‘वाणिज्य कर विभाग के सभी कैडर को एक करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द ही कर्मचारियों का समायोजन हो जाएगा। दूसरे चरण में टिकट चेकिंग स्टाफ को मर्ज किया जाएगा।’
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
इस तरह कम हो रहा काम
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- अब आरक्षण 60 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही है। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़े।
रेलवे के वाणिज्य विभाग की चार प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग, मालगोदाम व आरक्षण हैं। यह शाखाएं यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है।
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स्टेशन के काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रहा है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। दूसरा, इन शाखाओं के कर्मचारी अपनी ही विधा के काम जानते हैं। इस कारण सातवें वेतन आयोग में वाणिज्य विभाग के सभी कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
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रेल प्रशासन का मानना है कि वाणिज्य विभाग के सभी कैडर एक होने पर कर्मचारी सभी विधाओं का काम कर सकेंगे। कैडर को एक करके कर्मचारियों की कमी को पूरा किया जा सकता है। तीनों कैडर के एक होने से कर्मचारियों को आसानी से कहीं भी तैनात किया जा सकेगा। इस समय मंडल में बुकिंग, पार्सल, मालगोदाम और ऑफिस में 353 कर्मचारी तैनात हैं। 40 कर्मचारियों की कमी चल रही है। आरक्षण कार्यालय में 113 कर्मचारी हैं और 13 पद खाली चल रहे हैं।
‘वाणिज्य कर विभाग के सभी कैडर को एक करने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। जल्द ही कर्मचारियों का समायोजन हो जाएगा। दूसरे चरण में टिकट चेकिंग स्टाफ को मर्ज किया जाएगा।’
मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
इस तरह कम हो रहा काम
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- अब आरक्षण 60 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही है। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़े।