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जानवरों को छुट्टा छोड़ा तो होगी जेल, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
Mon, 21 Jan 2019 12:38 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 21 Jan 2019 12:38 AM IST
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दूध निकालने के बाद अब गाय को छुट्टा छोड़ने वालों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसमें छह महीने तक की सजा का प्रावधान है। जानवरों को छुट्टा छोड़ने पर रोक लगाने के मद्देनजर शासन ने ये निर्देश दिए हैं।
छुट्टा जानवरों की समस्या का समाधान करने के लिए 100 गांवों में गोआश्रय स्थल बनाने के लिए भूमिपूजन हो गया है। गांवों में जो जानवर छुट्टा घूम रहे हैं, उनकी गिनती भी हो रही है। साथ ही उनके मालिकों को चिह्नित किया जा रहा है। ग्राम प्रधान भी मुनादी करा रहे हैं कि कोई व्यक्ति अपनी गायों को छुट्टा न छोड़े। इसी तरह, नगर निगम में छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान जारी है।
अब तक 100 से अधिक सांड और गायों को बिजौली स्थित कांजी हाउस में बंद किया जा चुका है तथा सौ छुट्टा जानवरों को लहरगिर्द स्थित गो आश्रय स्थल में रखा गया है। नगर निगम लगातार एनाउंसमेंट करा रहा है कि यदि दूध निकालने के बाद गाय को छुट्टा छोड़ दिया और पहचान हो गई कि संबंधित व्यक्ति की गाय है तो उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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यदि दोष सिद्ध हो गया तो छह महीने की सजा का प्रावधान है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान जारी है। एनाउंसमेंट इसलिए कराया जा रहा है कि लोग अपने जानवरों को छुट्टा न छोड़ें। यदि चेतावनी देने के बाद भी उनके ऊपर असर नहीं पड़ता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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छुट्टा जानवरों की समस्या का समाधान करने के लिए 100 गांवों में गोआश्रय स्थल बनाने के लिए भूमिपूजन हो गया है। गांवों में जो जानवर छुट्टा घूम रहे हैं, उनकी गिनती भी हो रही है। साथ ही उनके मालिकों को चिह्नित किया जा रहा है। ग्राम प्रधान भी मुनादी करा रहे हैं कि कोई व्यक्ति अपनी गायों को छुट्टा न छोड़े। इसी तरह, नगर निगम में छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान जारी है।
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अब तक 100 से अधिक सांड और गायों को बिजौली स्थित कांजी हाउस में बंद किया जा चुका है तथा सौ छुट्टा जानवरों को लहरगिर्द स्थित गो आश्रय स्थल में रखा गया है। नगर निगम लगातार एनाउंसमेंट करा रहा है कि यदि दूध निकालने के बाद गाय को छुट्टा छोड़ दिया और पहचान हो गई कि संबंधित व्यक्ति की गाय है तो उसके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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यदि दोष सिद्ध हो गया तो छह महीने की सजा का प्रावधान है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि छुट्टा जानवरों को पकड़ने का अभियान जारी है। एनाउंसमेंट इसलिए कराया जा रहा है कि लोग अपने जानवरों को छुट्टा न छोड़ें। यदि चेतावनी देने के बाद भी उनके ऊपर असर नहीं पड़ता है तो कार्रवाई की जाएगी।