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अक्षय तृतीया सात को, होंगे विवाह समारोह
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अक्षय तृतीया सात को, होंगे विवाह समारोह
झांसी। अक्षय तृतीया का पर्व सात मई को रोहिणी नक्षत्र और मातंग योग में मनाया जाएगा। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई वस्तु का क्षय नहीं होता है। विवाह के मुहूर्त दृष्टि से यह सबसे उत्तम तिथि मानी जाती हैं। पर्व पर विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं की ओर से सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखातीज भी कहते हैं। बुंदेलखंड के शहरों व गांवों में क्वांरी कन्याएं शिव पार्वती की पूजा कर लोकगीत गाती हैं। लोग मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर दान करते हैं। प्याऊ भी खुलवाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का जन्म और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार पर्व पर सूर्योदय के साथ ही रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इस दौरान मातंग योग बेहद लाभकारी रहेगा।
उनके अनुसार स्वर्ण सहित अन्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए अति शुभ मुहूर्त सुबह 10:35 बजे से है। इसमें कर्क लग्न शुरू हो जाएगा। इसके बाद एक बजे से सिंह लग्न शुरू हो जाएगी। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई वस्तु के मूल्यों में कभी क्षय नहीं होता है। वह लाभकारी रहता है।
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यह करें दान
अक्षय तृतीया पर दान का बड़ा महत्व है। इस दिन हाथ का पंखा, जल से भरे मटके, शक्कर, शरबत, इमली, सत्तू, नमक, कुल्हड़, गाय, खडाऊ, छाता, चावल, ककड़ी, खरबूजा को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
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झांसी। अक्षय तृतीया का पर्व सात मई को रोहिणी नक्षत्र और मातंग योग में मनाया जाएगा। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई वस्तु का क्षय नहीं होता है। विवाह के मुहूर्त दृष्टि से यह सबसे उत्तम तिथि मानी जाती हैं। पर्व पर विभिन्न समाज सेवी संस्थाओं की ओर से सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का बड़ा महत्व है। वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया को आखातीज भी कहते हैं। बुंदेलखंड के शहरों व गांवों में क्वांरी कन्याएं शिव पार्वती की पूजा कर लोकगीत गाती हैं। लोग मंदिरों व सार्वजनिक स्थलों पर दान करते हैं। प्याऊ भी खुलवाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का जन्म और त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार पर्व पर सूर्योदय के साथ ही रोहिणी नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इस दौरान मातंग योग बेहद लाभकारी रहेगा।
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उनके अनुसार स्वर्ण सहित अन्य वस्तुओं की खरीददारी के लिए अति शुभ मुहूर्त सुबह 10:35 बजे से है। इसमें कर्क लग्न शुरू हो जाएगा। इसके बाद एक बजे से सिंह लग्न शुरू हो जाएगी। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर खरीदी गई वस्तु के मूल्यों में कभी क्षय नहीं होता है। वह लाभकारी रहता है।
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यह करें दान
अक्षय तृतीया पर दान का बड़ा महत्व है। इस दिन हाथ का पंखा, जल से भरे मटके, शक्कर, शरबत, इमली, सत्तू, नमक, कुल्हड़, गाय, खडाऊ, छाता, चावल, ककड़ी, खरबूजा को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है।