विज्ञापन

कोर्ट: पुत्रों को खाली करना होगा वृद्ध पिता का घर -City

Jhansi Bureau Updated Tue, 11 Sep 2018 10:56 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
श्रेणी - कोर्ट
विज्ञापन
-----------
बेटे-बहुओं को खाली करना होगा वृद्ध पिता का मकान
सब हेड... 11 साल पुराने अधिनियम के तहत जिले में पहला फैसला
- पुत्रों, पुत्रवधुओं से पीड़ित 97 वर्षीय वृद्ध के पक्ष में निर्णय
- पुलिस को बुजुर्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। ग्यारह साल पुराने ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम’ में जिले में पहला फैसला आया है, जिसमें उप जिला मजिस्ट्रेट/मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल अनुनय झा की अदालत ने पुत्रों और पुत्रवधुओं से पीड़ित 97 वर्षीय वृद्ध के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने बेटे और बहुओं को तीस दिन में वृद्ध का मकान छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस को वृद्ध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिविल लाइन टंडन कंपाउंड निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त कर्मचारी कैलाश नारायण दुबे (97) ने उक्त अधिनियम के तहत उप जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में वाद दायर किया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि उसने स्वअर्जित पूंजी से 1968 में मकान खरीदा था, जिसमें वह सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त अपने दो पुत्र अजय कुमार दुबे, अखिलेश कुमार दुबे व उनके परिवारों के साथ रह रहा था। वृद्धावस्था को देखते हुए उसने मौखिक रूप से मकान का अंतरण कुछ वर्ष पूर्व पुत्रों को कर दिया था, जिसमें शर्त थी कि पुत्र उसका जीवन पर्यंत ख्याल रखेंगे।
लेकिन, पुत्रों व उनके परिवार के लोगों का उसके साथ व्यवहार अत्यंत अशोभनीय, असभ्य और क्रूरतापूर्ण हो गया, जिससे उसे अपने छोटे पुत्र, पुत्री व अन्य नाते - रिश्तेदारों के यहां निर्वासित जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है। वृद्ध ने अदालत से पुत्रों व उनके परिवारों को मकान से बेदखल करने और उसके हड़पे हुए रुपये व जेवरात वापस दिलाने क गुहार लगाई थी। इस मामले में वादी वृद्ध की ओर से चार प्रतिवादी बनाए गए थे, जिनमें उसके दो पुत्र व दोनों पुत्रवधुएं शामिल थीं।
अधिवक्ता सुमित अग्रवाल ने बताया कि अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद चारों प्रतिवादियों को 30 दिन के अंदर वृद्ध के घर का कब्जा छोड़ने और उसकी सभी चल-अचल संपत्ति व सामान वापस सौंपने का आदेश दिया है। इसके अलावा सीपरी थाना पुलिस को उक्त आदेश का पालन सुनिश्चित कराने और वृद्ध की संपत्ति व जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

वकील की जरूरत नहीं, हाईकोर्ट में अपील
झांसी। माता- पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण तथा कल्याण अधिनियम के तहत संबंधित उप जिला मजिस्ट्रेट (एसडीएम) /मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल की अदालत में वाद दायर किया जा सकता है। उप जिला मजिस्ट्रेट अनुनय झा ने बताया कि इसमें वादी को अधिवक्ता की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि सादा कागज पर भी प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है। उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय द्वारा किए गए फैसले के विरुद्ध अपील हाईकोर्ट में ही की जा सकती है।

एक्ट के प्रमुख तथ्य
----------------
- जो वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष या अधिक) स्वयं का भरण पोषण करने में असमर्थ हैं, वे संतान से भरण पोषण का दावा कर सकते हैं।
- संतानहीन वरिष्ठ नागरिक उन संबंधियों के विरुद्ध आवेदन कर सकते हैं, जो उनकी संपत्ति के उत्तराधिकारी हैं।
- संतान /संबंधी माता - पिता का भरण पोषण करेंगे, जिससे वे सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
- आवेदन भरण - पोषण अधिकरण (उप जिला मजिस्ट्रेट) के समक्ष किया जा सकता है।
- भरण - पोषण का भुगतान न करने वाली संतानों को एक महीने का कारावास और माता-पिता का परित्याग करने वाली संतानों को तीन माह के कारावास का प्रावधान है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jhansi

ललितपुर-सागर हाइवे पर हादसा, ट्रक की टक्कर से कार सवार 9 लोगों की मौत

बुधवार की सुबह ललितपुर सागर हाइवे पर मध्यप्रदेश के मालथौन के पास ट्रक की टक्कर से कार सवार नौ लोगों की मौत हो गई। सभी लोग फलदान के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सागर जा रहे थे। सभी लोग शहर क्षेत्र के गोविंद नगर व जुगपुरा मुहल्ले के निवासी हैं।

22 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

अब झांसी में जल उठी पैसेंजर ट्रेन, जांच के दिए गए आदेश

उत्तर प्रदेश के झांसी में पैसेंजर ट्रेन में आग लगने का मामला सामने आया है। यहां रेलवे स्टेशन पर ही पैसेंजर ट्रेन के कोच में आग लग गई। देखिए इस ‘बर्निंग ट्रेन’ की डराने वाली तस्वीरें।

5 नवंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree