फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   17 years passed in the hope of finding his missing minor son, when he returned home his wife and children were with him, he described his entire struggle.

Jhansi News: लापता नाबालिग बेटे की आस में बीत गए 17 साल, घर लौटा तो बीवी-बच्चे भी थे साथ, बताया पूरा संघर्ष

Sun, 23 Nov 2025 02:44 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 02:44 AM IST
विज्ञापन
17 years passed in the hope of finding his missing minor son, when he returned home his wife and children were with him, he described his entire struggle.
गांव लौट कर आए विनीत का स्वागत करते ग्रामीण।  - फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन




गरौठा। सत्रह साल पहले लापता हुए इकलौते पुत्र विनीत के वियोग में माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके थे। परिवार के अन्य लोगों ने भी उसके वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी। इसी बीच उसके सकुशल होने की सूचना मिली। पुलिस की मदद से उसे गांव वापस लाया गया। बैंड-बाजे के साथ गांव में उसका स्वागत किया गया। इस दौरान माता-पिता और गांव के अन्य लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

ग्राम इमलौटा निवासी रामकुमार तिवारी का इकलौता पुत्र सत्रह साल पहले अपनी मौसी के घर हरपालपुर गया था। वहां से वह चार सितंबर 2008 को अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला पाया था। पिता ने हरपालपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने भी उसकी तलाश की थी, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। यहां पुत्र के इंतजार में माता-पिता की आंखों के आंसू भी सूख चुके थे। हाल ही में चचेरे भाई का विनीत से फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ। फेसबुक से उसका मोबाइल नंबर हासिल कर उससे बात की। परिजनों ने इसकी सूचना हरपालपुर पुलिस को दी। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसके पास लुधियाना पहुंच गई। पुलिस उसे अपने साथ ले आई और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन उसे गांव लेकर पहुंचे। गांव में उसका डीजे और बैंड-बाजों के बीच हार-माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दरम्यान माता-पिता बेहद खुश नजर आए।
विज्ञापन




0000

पत्नी और बच्चा भी साथ आया



विनीत जब गायब हुआ था तब उसकी आयु लगभग 13-14 साल थी। हरपालपुर से वह बांदा पहुंच गया था। वहां वह तकरीबन एक साल तक जीआरपी थाने के इर्द-गिर्द बना रहा। पूछने पर पुलिस को उसने बताया था कि उसका कोई नहीं है। हालांकि, इस दरम्यान उसके मन में घर लौटने का विचार आया, परंतु वह हिम्मत नहीं जुटा सका था। उसे डर था कि कहीं उसके साथ सख्ती न की जाए। विनीत ने बताया कि बांदा में एक पुलिसकर्मी ने उसे चांटा मार दिया था। इसके बाद वह बांदा से अमृतसर पहुंच गया था। अमृतसर में गुरुद्वारे के सहारे उसने काफी समय बिताया। यहां से उसे एक परिवार अपने साथ जलंधर ले गया था। परिवार ने उसे अपने साथ रख लिया था। उसकी शादी भी करा दी थी और उसके एक बच्चा भी है। वह एक कंपनी में काम करने लगा था। इसी बीच फेसबुक के माध्यम से उसका चचेरे भाई से संपर्क हो गया, जिसके बाद वह वापस लौट आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed