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Jhansi News: लापता नाबालिग बेटे की आस में बीत गए 17 साल, घर लौटा तो बीवी-बच्चे भी थे साथ, बताया पूरा संघर्ष
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गांव लौट कर आए विनीत का स्वागत करते ग्रामीण।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गरौठा। सत्रह साल पहले लापता हुए इकलौते पुत्र विनीत के वियोग में माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके थे। परिवार के अन्य लोगों ने भी उसके वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी। इसी बीच उसके सकुशल होने की सूचना मिली। पुलिस की मदद से उसे गांव वापस लाया गया। बैंड-बाजे के साथ गांव में उसका स्वागत किया गया। इस दौरान माता-पिता और गांव के अन्य लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
ग्राम इमलौटा निवासी रामकुमार तिवारी का इकलौता पुत्र सत्रह साल पहले अपनी मौसी के घर हरपालपुर गया था। वहां से वह चार सितंबर 2008 को अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला पाया था। पिता ने हरपालपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने भी उसकी तलाश की थी, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। यहां पुत्र के इंतजार में माता-पिता की आंखों के आंसू भी सूख चुके थे। हाल ही में चचेरे भाई का विनीत से फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ। फेसबुक से उसका मोबाइल नंबर हासिल कर उससे बात की। परिजनों ने इसकी सूचना हरपालपुर पुलिस को दी। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसके पास लुधियाना पहुंच गई। पुलिस उसे अपने साथ ले आई और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन उसे गांव लेकर पहुंचे। गांव में उसका डीजे और बैंड-बाजों के बीच हार-माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दरम्यान माता-पिता बेहद खुश नजर आए।
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पत्नी और बच्चा भी साथ आया
विनीत जब गायब हुआ था तब उसकी आयु लगभग 13-14 साल थी। हरपालपुर से वह बांदा पहुंच गया था। वहां वह तकरीबन एक साल तक जीआरपी थाने के इर्द-गिर्द बना रहा। पूछने पर पुलिस को उसने बताया था कि उसका कोई नहीं है। हालांकि, इस दरम्यान उसके मन में घर लौटने का विचार आया, परंतु वह हिम्मत नहीं जुटा सका था। उसे डर था कि कहीं उसके साथ सख्ती न की जाए। विनीत ने बताया कि बांदा में एक पुलिसकर्मी ने उसे चांटा मार दिया था। इसके बाद वह बांदा से अमृतसर पहुंच गया था। अमृतसर में गुरुद्वारे के सहारे उसने काफी समय बिताया। यहां से उसे एक परिवार अपने साथ जलंधर ले गया था। परिवार ने उसे अपने साथ रख लिया था। उसकी शादी भी करा दी थी और उसके एक बच्चा भी है। वह एक कंपनी में काम करने लगा था। इसी बीच फेसबुक के माध्यम से उसका चचेरे भाई से संपर्क हो गया, जिसके बाद वह वापस लौट आया।
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गरौठा। सत्रह साल पहले लापता हुए इकलौते पुत्र विनीत के वियोग में माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके थे। परिवार के अन्य लोगों ने भी उसके वापस आने की उम्मीद छोड़ दी थी। इसी बीच उसके सकुशल होने की सूचना मिली। पुलिस की मदद से उसे गांव वापस लाया गया। बैंड-बाजे के साथ गांव में उसका स्वागत किया गया। इस दौरान माता-पिता और गांव के अन्य लोगों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
ग्राम इमलौटा निवासी रामकुमार तिवारी का इकलौता पुत्र सत्रह साल पहले अपनी मौसी के घर हरपालपुर गया था। वहां से वह चार सितंबर 2008 को अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला पाया था। पिता ने हरपालपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। पुलिस ने भी उसकी तलाश की थी, लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। यहां पुत्र के इंतजार में माता-पिता की आंखों के आंसू भी सूख चुके थे। हाल ही में चचेरे भाई का विनीत से फेसबुक के माध्यम से संपर्क हुआ। फेसबुक से उसका मोबाइल नंबर हासिल कर उससे बात की। परिजनों ने इसकी सूचना हरपालपुर पुलिस को दी। पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसके पास लुधियाना पहुंच गई। पुलिस उसे अपने साथ ले आई और परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन उसे गांव लेकर पहुंचे। गांव में उसका डीजे और बैंड-बाजों के बीच हार-माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दरम्यान माता-पिता बेहद खुश नजर आए।
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पत्नी और बच्चा भी साथ आया
विनीत जब गायब हुआ था तब उसकी आयु लगभग 13-14 साल थी। हरपालपुर से वह बांदा पहुंच गया था। वहां वह तकरीबन एक साल तक जीआरपी थाने के इर्द-गिर्द बना रहा। पूछने पर पुलिस को उसने बताया था कि उसका कोई नहीं है। हालांकि, इस दरम्यान उसके मन में घर लौटने का विचार आया, परंतु वह हिम्मत नहीं जुटा सका था। उसे डर था कि कहीं उसके साथ सख्ती न की जाए। विनीत ने बताया कि बांदा में एक पुलिसकर्मी ने उसे चांटा मार दिया था। इसके बाद वह बांदा से अमृतसर पहुंच गया था। अमृतसर में गुरुद्वारे के सहारे उसने काफी समय बिताया। यहां से उसे एक परिवार अपने साथ जलंधर ले गया था। परिवार ने उसे अपने साथ रख लिया था। उसकी शादी भी करा दी थी और उसके एक बच्चा भी है। वह एक कंपनी में काम करने लगा था। इसी बीच फेसबुक के माध्यम से उसका चचेरे भाई से संपर्क हो गया, जिसके बाद वह वापस लौट आया।
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