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शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण-City
Updated Fri, 02 Feb 2018 08:20 PM IST
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प्रोजेक्ट ऐसे दें, जो विद्यार्थी को मनोरंजक लगे
सब हेड - राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि बच्चों को ऐसे प्रोजेक्ट दें, जो उन्हें मनोरंजक लगे। विद्यार्थी से व्यवहार मित्रवत हो, ताकि वह अपनी जिज्ञासा का समाधान अपने शिक्षक से करा सकें ।
दस दिवसीय प्रशिक्षण के समापन दिवस शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य एवं मास्टर ट्रेनर पीके मौर्य ने प्रतिभागी शिक्षकों को बताया कि अध्यापन दौरान शिक्षक के भाव प्रसन्न चित होनी चाहिए। इससे कक्षा में भय का माहौल नहीं रहेगा। गणित का बेसिक ज्ञान भी कक्षा में उपलब्ध सामग्री और कक्षा की दीवारों से विद्यार्थी को मीटर, कोण के बारे में जानकारी दे सकते हैं। प्रशिक्षक ों में विजय लक्ष्मी शर्मा, डा. अनिल सिंह यादव ने संस्कृत, अंग्रेजी जैसी भाषा सीखने के लिए नाटक, कथा, कहानियां सुनाने के अलावा निबंध का प्रयोग जरूरी है। इन भाषाओं से जुडे़ रोचक मुहावरे बोले और विद्यार्थियों को सुनाए। हालांकि इस दौरान यह ध्यान रखे, कि बच्चों को यह भावना न होने दे, कि उनका कोर्स नहीं हुआ। इसके अलावा शिक्षक प्रोजेक्ट पद्धति को भी अपनाए, जो उनके लिए सरल हो और खेल कूद में उसे पूरा कर सके । जैसे वह अपने गांव में मिट्टी के प्रकारों की जांच करे। फिर विद्यार्थी के प्रोजेक्ट में जो कमियां हो, उसे शिक्षक पूरा करें। प्रशिक्षण में प्रो. मुन्ना तिवारी, बीबी त्रिपाठी, जीतेंद्र श्रीवास्तव ने भी अपने व्याख्यान दिए। दस दिवसीय प्रशिक्षण में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित विषयों के लगभग 75 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
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सब हेड - राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत शिक्षकों को मिला प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। मास्टर ट्रेनरों ने कहा कि बच्चों को ऐसे प्रोजेक्ट दें, जो उन्हें मनोरंजक लगे। विद्यार्थी से व्यवहार मित्रवत हो, ताकि वह अपनी जिज्ञासा का समाधान अपने शिक्षक से करा सकें ।
दस दिवसीय प्रशिक्षण के समापन दिवस शुक्रवार को कॉलेज प्राचार्य एवं मास्टर ट्रेनर पीके मौर्य ने प्रतिभागी शिक्षकों को बताया कि अध्यापन दौरान शिक्षक के भाव प्रसन्न चित होनी चाहिए। इससे कक्षा में भय का माहौल नहीं रहेगा। गणित का बेसिक ज्ञान भी कक्षा में उपलब्ध सामग्री और कक्षा की दीवारों से विद्यार्थी को मीटर, कोण के बारे में जानकारी दे सकते हैं। प्रशिक्षक ों में विजय लक्ष्मी शर्मा, डा. अनिल सिंह यादव ने संस्कृत, अंग्रेजी जैसी भाषा सीखने के लिए नाटक, कथा, कहानियां सुनाने के अलावा निबंध का प्रयोग जरूरी है। इन भाषाओं से जुडे़ रोचक मुहावरे बोले और विद्यार्थियों को सुनाए। हालांकि इस दौरान यह ध्यान रखे, कि बच्चों को यह भावना न होने दे, कि उनका कोर्स नहीं हुआ। इसके अलावा शिक्षक प्रोजेक्ट पद्धति को भी अपनाए, जो उनके लिए सरल हो और खेल कूद में उसे पूरा कर सके । जैसे वह अपने गांव में मिट्टी के प्रकारों की जांच करे। फिर विद्यार्थी के प्रोजेक्ट में जो कमियां हो, उसे शिक्षक पूरा करें। प्रशिक्षण में प्रो. मुन्ना तिवारी, बीबी त्रिपाठी, जीतेंद्र श्रीवास्तव ने भी अपने व्याख्यान दिए। दस दिवसीय प्रशिक्षण में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित विषयों के लगभग 75 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।
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