फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   प्रसूता की मौत

प्रसूता की मौत

Tue, 17 Jul 2018 02:08 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:08 AM IST
विज्ञापन
प्रसूता की मौत

विज्ञापन
प्रसूता की मौत ने व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
मेटरनिटी बिंग क्या शोपीस बनकर रह गई
तालबेहट। शनिवार की रात सीएचसी तालबेहट से गंभीर हालत में झांसी रेफर की गई एक प्रसूता की रास्ते में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि सीएचसी से हटकर करोड़ों रुपए की लागत से बनी मैटरनिटी बिंग क्या शोपीस बनकर रह गई हैं।
शासन ने करोड़ों रुपए की लागत से क्षेत्र की प्रसूताओं को बेहतर उपचार के लिए मैटरनिटी बिंग का निर्माण कराया। आपरेशन के लिए झांसी, ललितपुर या अन्य किसी स्थान पर न जाना पडे़े, इसके लिए चिकित्सक की व्यवस्था की गई। इसके बावजूद यहां कार्यरत नर्सें अपने लाभ के लिए प्रसूताओं के जीवन से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रही हैं।
विज्ञापन

तहसील का अधिकांश क्षेत्र ग्रामीण पृष्ठभूमि का होने के कारण लोगों की जागरूकता काफी कम है। इसके चलते पहले यहां प्रसव को आने वाली महिलाओं के परिजनों को कई तरह की बातें बताकर तनावग्रस्त किया जाता है। इसके बाद आशा या अन्य माध्यमों से जेब ढीली करने का तानाबाना बुना जाता है। दिन की तुलना में रात में तो यह काम और भी आसानी से किया जाता है। इसलिए अधिकांश मामले रात के समय के ही प्रकाश में आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर्षपुर प्रसव कांड की तरह रागनी के मामले में भी सीएचसी के कर्मचारियों की कमी दिखती है। प्रसव के भर्ती रजिस्टर में प्रसूता की उम्र 23 वर्ष है तो आनन-फानन में रेफर करने के लिए पर्चें में उसकी उम्र 6 वर्ष कम करके 17 वर्ष दर्शा दी गई। वर्तमान में मैटरनिटी बिंग और सीएचसी पर किसी का कोई नियत्रंण नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed