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किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास शुरू-Dehat

Jhansi Bureauझांसी ब्यूरो Updated Tue, 06 Jun 2017 09:27 PM IST
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किसानों की आय दोगुनी करने पर काम शुरू
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए केंद्र सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। पहले चरण में बबीना ब्लॉक के परासई गांव की मिट्टी के सैंपल लिए गए हैं। हैदराबाद के इक्रीसेट संस्थान से एक माह में आने वाली रिपोर्ट में पोषक तत्वों की मात्रा पता चलेगी। इसी के आधार पर पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। इसमें बताया जाएगा कि किसान किस तरह से खेती कर अपनी उपज बढ़ा सकते हैं। इस प्रोजेक्ट में बुंदेलखंड के सभी जिले शामिल किए गए हैं। बता दें कि केंद्र सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों की आमदनी बढ़ाने का वादा किया था, इसी के तहत यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
बुंदेलखंड के किसानों के लिए सूखा और ओलावृष्टि त्रासदी बनी हुई है। सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से लगातार फसलें चौपट होती रही हैं। इससे किसान कर्ज के मकड़जाल से मुक्त नहीं हो पा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया है। इसे ‘उन्नत भारत अभियान’ नाम दिया गया है। आमदनी बढ़ाने का जिम्मा हैदराबाद के इक्रीसेट (आईसीआरआईएसएटी) संस्थान को सौंपा गया है। यह संस्थान सूखा प्रभावित क्षेत्रों में काम करता है। खेतों की मिट्टी की जांच कर किसानों को बताता है कि कौन सी फसलें उगाई जाएं या क्या किया जाए, जिससे सूखे में भी उपज को बढ़ाकर आमदनी में इजाफा किया जा सके।
संस्थान बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट जिलों के एक-एक ब्लाक का चयन करेगा। इसके बाद ब्लाक के किसी एक गांव की मिट्टी के सैंपल जांचेगा। इसकी रिपोर्ट के आधार पर प्लान तैयार करेगा। झांसी में बबीना ब्लाक में सिंचाई के संसाधन बहुत कम हैं। इसलिए यहां का किसान साल भर बरसात के पानी पर निर्भर रहता है। हैदराबाद के इक्रीसेट संस्थान से आए वैज्ञानिकों ने इस ब्लाक के परासई गांव और आसपास के खेतों की मिट्टी के सैंपल लिए हैं। जांच के बाद वैज्ञानिक प्रोजेक्ट तैयार करेंगे, जिस पर जिलाधिकारी की अनुमति मिलने के बाद काम शुरू होगा। इस काम में एक महीना लगने की संभावना है।

इस तरह बढ़ेगी आमदनी
किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और डेयरी फार्म खोलने को बढ़ावा दिया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में पानी की कमी है तो वैज्ञानिकों की देखरेख में वहां चेकडैम बनवाए जाएंगे। इसके अलावा कम पानी में पैदा होने वाले बीजों की प्रजातियों की बुआई करने को बढ़ावा दिया जाएगा। यह कार्य संस्थान के वैज्ञानिकों के अनुसार किए जाएंगे, जिससे किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी।

हैदराबाद में होगी सैंपल की जांच
बबीना ब्लाक के परासई गांव के आसपास से मिट्टी के सैंपल ले लिए हैं। अब इनकी जांच हैदराबाद में होगी। इसी आधार पर प्लान तैयार होगा। इसमें एक महीने का समय लग सकता है। संस्थान जल संरक्षण से जुड़े काम करता है।
- डॉ. विजय, वैज्ञानिक, इक्रीसेट संस्थान


- वैज्ञानिकों ने बबीना ब्लॉक के परासई गांव की मिट्टी के सैंपल लिए
- पोषक तत्वों के आधार पर बताई जाएगी किसान कौन सी खेती करें
- केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड के सभी जिलों में शुरू कराया पायलट प्रोजेक्ट

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