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69.98 करोड़ की लागत से मंडल में निर्मित होंगे 12 अंडर रेल ब्रिज

Fri, 29 Jul 2022 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 01:00 AM IST
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12 Under Rail Bridges will be built in the division at a cost of 69.98 crores
झांसी। झांसी रेल मंडल में अंतर्गत दो रेल खंड के बीच पड़ने वाले 12 समपार फाटकों के नीचे अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे। इस काम पर कुल 69.98 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके बनने से इन समपार फाटकों की समस्या खत्म हो जाएगी। इससे न सिर्फ रेल संचालन आसान होगा बल्कि सड़क यातायात भी सुगम हो सकेगा। कार्य को कराने के लिए निविदा प्रक्रिया आरंभ हो गई है।
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रेल प्रशासन सड़कों पर मौजूद क्रासिंग खत्म करने की कवायद में जुटा है लेकिन, इसमें आने वाली अत्यधिक लागत के चलते यह काम चरणबद्ध तरीके से ही हो रहा है। अब झांसी रेल मंडल के अंतर्गत झांसी-मानिकपुर एवं खैरार-भीमसेन रेल खंड के बीच पड़ने वाली 12 समपार फाटकों पर अंडरग्राउंड ब्रिज बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बृहस्पतिवार को निविदा भी प्रकाशित कर दी गई। इस पूरे कार्य की लागत करीब 69.98 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके जरिए झांसी-मानिकपुर के बीच समपार संख्या 439 ए, 445, 459, 487 एवं खैरार भीमसेन के समपार संख्या एस 2, 10, 12, 17, 23, 25, एस 71 ए एवं एस 78 के बदले यहां अधोगामी सेतु बनाए जाएंगे। रेल अफसरों के मुताबिक अगले माह निविदा खोली जाएगी। यह कार्य 18 महीने के भीतर पूरा कराने की योजना है। वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक इस संबंध में प्रक्रिया आंरभ कर दी गई है। यह कार्य नियत समय के भीतर पूरा करा लिया जाएगा। इससे रेल संचालन सुविधा जनक हो सकेगा।
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सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगी रेलवे क्रॉसिंग
रेलवे क्रासिंग गेट पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। इसकी मदद से बूम तोड़कर भागने वालों को पकड़ा जा सकेगा बल्कि क्रासिंग के साथ छेड़खानी करने वालों की भी शिनाख्त की जा सकेगी। रेल अफसरों के मुताबिक मंडल में करीब तीन सौ क्रासिंग गेट (इंजीनियरिंग) हैं, जहां गेटमैन तैनात हैं। इन गेटों को ट्रेन निकलने के बाद खोलना पड़ता है। मगर कई ऐसे गेट हैं, जहां अक्सर वाहन चालक बूम (गेट) तोड़कर भाग जाते हैं। बाद में आरपीएफ भी इनको नहीं पकड़ पाती। ऐसी घटनाओं से रेल संचालन प्रभावित होता है। रेल प्रशासन ने अब ऐसे गेट चिह्नित करके वहां सीसीटीवी कैमरे लगवाने का काम शुरू कराया है। अभी मुरैना, सिकरौंदा एवं झांसी व ओरछा के बीच क्रॉसिंग गेट पर कैमरे लगाए गए हैं।
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