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साइन बोर्ड लगाने से पहले मांगी एनओसी
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पुरातत्व स्मारकों पर साइन बोर्ड के लिए मांगी अनापत्ति
झांसी। बुंदेलखंड के पुरातत्व एवं पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार हो। शासन के निर्देश पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, रेलवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी मांगी है।
झांसी मंडल के तीनों जिलों झांसी, ललितपुर और जालौन में कई एतिहासिक पुरातत्व एवं प्राकृतिक खूबसूरती से भरे पर्यटन स्थल हैं, इनमें झांसी का किला, जराय मठ से लेकर देवगढ़ के जैन मंदिर, तालबेहट का दुर्ग और वेद व्यास मंदिर, पंचनदा सहित कई स्थल हैं। प्रचार-प्रसार के अभाव में देश-विदेश के सैलानी इन स्थलों पर पहुंच नहीं पाते हैं। इन स्थानों की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचे, इसके लिए प्रदेश शासन ने साइन बोर्ड स्थापित करने को 80 लाख रुपये की धनराशि मंजूर कर पहली किश्त में 40 लाख रुपये भेजे थे। यह साइन बोर्ड भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित स्मारकों दुर्ग, रानी महल, गंगाधर राव की छतरी, जराय का मठ, दशावतार मंदिर, आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम, वराह मंदिर देवगढ़, जैन मंदिर समूह देवगढ़ व तालबेहट दुर्ग में लगने हैं। इसके अलावा झांसी रेलवे स्टेशन तथा हाईवे पर भी लगाए जाने हैं। पर्यटन विभाग ने भूमि की उपलब्धता व एनओसी इन विभागों से मांगी है। इसमें पर्यटन स्थलों का परिचय, उसकी दूरी, एतिहासिक व प्राकृतिक महत्व तथा उसका चित्र दिखाया जाएगा। उपनिदेशक आरके रावत के अनुसार पुरातत्व विभाग से एनओसी मांगी गई है।
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झांसी। बुंदेलखंड के पुरातत्व एवं पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार हो। शासन के निर्देश पर साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, रेलवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से एनओसी मांगी है।
झांसी मंडल के तीनों जिलों झांसी, ललितपुर और जालौन में कई एतिहासिक पुरातत्व एवं प्राकृतिक खूबसूरती से भरे पर्यटन स्थल हैं, इनमें झांसी का किला, जराय मठ से लेकर देवगढ़ के जैन मंदिर, तालबेहट का दुर्ग और वेद व्यास मंदिर, पंचनदा सहित कई स्थल हैं। प्रचार-प्रसार के अभाव में देश-विदेश के सैलानी इन स्थलों पर पहुंच नहीं पाते हैं। इन स्थानों की जानकारी पर्यटकों तक पहुंचे, इसके लिए प्रदेश शासन ने साइन बोर्ड स्थापित करने को 80 लाख रुपये की धनराशि मंजूर कर पहली किश्त में 40 लाख रुपये भेजे थे। यह साइन बोर्ड भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के संरक्षित स्मारकों दुर्ग, रानी महल, गंगाधर राव की छतरी, जराय का मठ, दशावतार मंदिर, आर्कियोलॉजिकल म्यूजियम, वराह मंदिर देवगढ़, जैन मंदिर समूह देवगढ़ व तालबेहट दुर्ग में लगने हैं। इसके अलावा झांसी रेलवे स्टेशन तथा हाईवे पर भी लगाए जाने हैं। पर्यटन विभाग ने भूमि की उपलब्धता व एनओसी इन विभागों से मांगी है। इसमें पर्यटन स्थलों का परिचय, उसकी दूरी, एतिहासिक व प्राकृतिक महत्व तथा उसका चित्र दिखाया जाएगा। उपनिदेशक आरके रावत के अनुसार पुरातत्व विभाग से एनओसी मांगी गई है।
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