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Jhansi News: झांसी से बढ़ा निर्यात, आठ महीने में आंकड़ा 100 करोड़ के पार
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झांसी। औद्योगिक रूप से पिछड़ा होने के बाद भी झांसी से निर्यात लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले आठ माह के दरम्यान 100 करोड़ रुपये से अधिक के उत्पाद यहां से निर्यात किए जा चुके हैं। विद्युत उपकरण, किताबें, आयुर्वेदिक दवाओं के साथ-साथ अन्य कई उत्पाद यहां से दुनिया के कई देशों में भेजे गए हैं।
झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड की गिनती देश और प्रदेश के औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाकों में होती है। बावजूद, यहां के कुछ कारोबारी दुनिया के कई देशों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इसका अंदाजा निर्यात के बढ़ते आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक 15 महीनों के दरम्यान यहां से 89 करोड़ रुपये का माल निर्यात किया गया था। जबकि, इस साल के आठ महीनों में ही एक अरब पांच करोड़ रुपये का माल यहां से दुनिया के कई देशों में भेजा जा चुका है। कारोबारियों के निर्यात के यह ऑर्डर ग्लोबल टेंडर के जरिये हासिल किए हैं।
यह माल हो रहा है एक्सपोर्ट
झांसी। झांसी से बिजली ट्रांसफार्मर व उसके उपकरण, थ्रेसिंग मशीन, गैस ऑपरेटिंग कटिंग मशीन, किताबें, आयुर्वेदिक दवाएं, कपड़ों में लगाई जाने वाली नील बनाने वाला पाउडर, फायर उपकरण, औद्योगिक विस्फोटक सामग्री आदि यहां से एक्सपोर्ट की जा रही है। ये आइटम अफ्रीका, रूस, तंजानिया, जांबिया, मोरक्को समेत गल्फ, यूरोपियन व अमेरिकन देशों तक में भेेेेजे जा रहे हैं।
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यहां के कारोबारियों ने ग्लोबल टेंडर के जरिये निर्यात के ऑर्डर हासिल किए हैं। उत्पाद की उच्च गुणवत्ता की वजह से विदेशी मुल्कों में यहां के उत्पादों की मांग बढ़ रही है। यहां से निर्यात किया जाने वाला माल पहले कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो भेजा जाता है। वहां से संबंधित देशों के लिए रवाना होता है।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग
सबसे ज्यादा किताबें हुईं निर्यात
..............................................
- किताबें - 45 करोड़
- बिजली ट्रांसफार्मर व उपकरण - 25 करोड़
- थ्रेसिंग व गैस ऑपरेटिंग कटिंग मशीन - 3.5 करोड़
- औद्योगिक विस्फोटक सामग्री - 03 करोड़
- फायर उपकरण - 06 करोड़
- आयुर्वेदिक दवाएं - 22 करोड़
- कपड़ों में लगाई जाने वाली नील बनाने का पाउडर - 1.5 करोड़
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झांसी समेत पूरे बुंदेलखंड की गिनती देश और प्रदेश के औद्योगिक रूप से पिछड़े इलाकों में होती है। बावजूद, यहां के कुछ कारोबारी दुनिया के कई देशों में अपनी पहचान बना रहे हैं। इसका अंदाजा निर्यात के बढ़ते आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है। जनवरी 2021 से मार्च 2022 तक 15 महीनों के दरम्यान यहां से 89 करोड़ रुपये का माल निर्यात किया गया था। जबकि, इस साल के आठ महीनों में ही एक अरब पांच करोड़ रुपये का माल यहां से दुनिया के कई देशों में भेजा जा चुका है। कारोबारियों के निर्यात के यह ऑर्डर ग्लोबल टेंडर के जरिये हासिल किए हैं।
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यह माल हो रहा है एक्सपोर्ट
झांसी। झांसी से बिजली ट्रांसफार्मर व उसके उपकरण, थ्रेसिंग मशीन, गैस ऑपरेटिंग कटिंग मशीन, किताबें, आयुर्वेदिक दवाएं, कपड़ों में लगाई जाने वाली नील बनाने वाला पाउडर, फायर उपकरण, औद्योगिक विस्फोटक सामग्री आदि यहां से एक्सपोर्ट की जा रही है। ये आइटम अफ्रीका, रूस, तंजानिया, जांबिया, मोरक्को समेत गल्फ, यूरोपियन व अमेरिकन देशों तक में भेेेेजे जा रहे हैं।
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यहां के कारोबारियों ने ग्लोबल टेंडर के जरिये निर्यात के ऑर्डर हासिल किए हैं। उत्पाद की उच्च गुणवत्ता की वजह से विदेशी मुल्कों में यहां के उत्पादों की मांग बढ़ रही है। यहां से निर्यात किया जाने वाला माल पहले कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो भेजा जाता है। वहां से संबंधित देशों के लिए रवाना होता है।
- मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग
सबसे ज्यादा किताबें हुईं निर्यात
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- किताबें - 45 करोड़
- बिजली ट्रांसफार्मर व उपकरण - 25 करोड़
- थ्रेसिंग व गैस ऑपरेटिंग कटिंग मशीन - 3.5 करोड़
- औद्योगिक विस्फोटक सामग्री - 03 करोड़
- फायर उपकरण - 06 करोड़
- आयुर्वेदिक दवाएं - 22 करोड़
- कपड़ों में लगाई जाने वाली नील बनाने का पाउडर - 1.5 करोड़