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पेड़ पर चढ़ा फरियादी, प्रशासन के फूले हाथ पांव

Fri, 24 Jun 2016 07:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Fri, 24 Jun 2016 07:23 PM IST
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Climbed trees complainant, swollen hands and feet of the administration
कलेक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के बाहर नीम के पेड़ पर चढ़ अपनी व्यथा सुनाता पीड़ित भानु प्रताप सिंह। 
लोहिया गांव के विकास में भेदभाव समेत कई अन्य मामलों की जांच की मांग को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठा व्यक्ति शुक्रवार को डीएम कार्यालय के सामने नीम के पेड़ पर चढ़ गया। वह पेड़ से कूदकर आत्महत्या की धमकी  देने लगा। यह देख अधिकारियों के हाथ पांव फूल आए। आनन फानन में फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलवाई गई।
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लेकिन पेड़ पर तकरीबन 40 फीट से अधिक ऊंचाई पर जहां वह बैठा था सीढ़ी  वहां तक नहीं पहुंच सकी। करीब एक घंटे बाद अधिकारियों ने पुचकार कर उसे नीचे उतारा फिर आत्महत्या के प्रयास के मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने जेल भेज दिया। मुंगराबादशाहपुर ब्लाक के अहमदपुर मुड़ाव गांव निवासी भानु प्रताप सिंह  पिछले तीन दिन से कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठा था।
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उसका आरोप है कि विद्यालय के नाम पर सुरक्षित की गई गांव की 35 एकड़ भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। उनकी बस्ती के लोग जिस कुएं से पानी पीते हैं उसमें कीड़े पड़ गए हैं। उनका गांव लोहिया समग्र विकास योजना में चयनित है लेकिन आवास का लाभ अपात्रों को दे दिया गया।
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इसकी शिकायत कई बार तहसील दिवस पर की और एसडीएम मछलीशहर और खंड विकास अधिकारी मुंगराबादशाहपुर से की लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। उलटे ग्राम प्रधान की ओर से उनको धमकी दी गई। इसी बात से खिन्न होकर वह तीन दिन से धरने पर बैठा था।

कोई अफसर उसकी पीड़ा सुनने नहीं पहुंचा तो शुक्रवार को दोपहर करीब 11:45 बजे वह डीएम कार्यालय के सामने नीम के पेड़ पर चढ़ गया। मौके पर एडीएम उमाकांत त्रिपाठी,  एसपी सिटी रामजी सिंह यादव पुलिस बल के साथ पहुंच गए। कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिवक्ता और वादकारी भी जुट गए।


मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। अधिकारियों ने उसकी सभी समस्या का समाधान का भरोसा देकर नीचे उतरने के लिए राजी कर लिया। नीम के पेड़ पर कुछ दूर व नीचे आया था तभी उसके हाथ पांव कांपने लगे। फायर ब्रिगेड के जवानों ने सीढ़ी लगाकर उसे नीचे उतार लिया। लाइन बाजार पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया। पीड़ित का कहना था कि वह स्वतंत्रता सेनानी झूरी सिंह का वंशज है जिन्होंने एक अंग्रेज को दौड़ाकर गला काट लिया था। ऐसे में वह अन्याय बर्दाश्त नहीं कर सकता। 
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