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किशोरी के परिजनों को धमका रही है पुलिस
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जौनपुर। सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने तीसरे दिन पीड़ित किशोरी का मेडिकल कराया है। पुलिस ने इस मामले में छेड़खानी का मामला बुधवार को दर्ज किया था। जबकि किशोरी के परिजन डीएम से मिलकर गुरूवार को दुष्कर्म का आरोप लगाए थे। डीएम के निर्देश के बाद भी 24 घंटे बाद किशोरी का पुलिस ने मेडिकल कराया है। परिजनों का आरोप है कि एसओ सिकरारा मारपीट, तोड़फोड़ का केस दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। शुक्रवार को पुलिस ने गिरफ्तारी आरोपी को छेड़खानी में ही जेल भेज दिया।
गुरुवार को सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पड़ोस के युवक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाए। परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई तो जिलाधिकारी ने सीओ सदर को बुलाकर किशोरी का मेडिकल कराने का निर्देश दिया। लेकिन पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। शुक्रवार को पुलिस मेडिकल कराई। घटना बुधवार की है। पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा तो उसे दिन भर थाने पर बैठाए जाने के बाद शाम को छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया। न तो किशोरी के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई और न ही घटना के दिन उसका मेडिकल कराया गया। थानाध्यक्ष खुद किशोरी से पूछताछ करते रहे। जबकि नियम है कि ऐसे मामलों में कोई महिला ही पूछताछ कर सकती है। वह भी परिजनों की मौजूदगी में।
गुरुवार को सिकरारा थाना क्षेत्र के एक गांव के लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर पड़ोस के युवक पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाए। परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई तो जिलाधिकारी ने सीओ सदर को बुलाकर किशोरी का मेडिकल कराने का निर्देश दिया। लेकिन पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। शुक्रवार को पुलिस मेडिकल कराई। घटना बुधवार की है। पीड़ित परिवार जब थाने पहुंचा तो उसे दिन भर थाने पर बैठाए जाने के बाद शाम को छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया। न तो किशोरी के बयान की वीडियो रिकार्डिंग कराई गई और न ही घटना के दिन उसका मेडिकल कराया गया। थानाध्यक्ष खुद किशोरी से पूछताछ करते रहे। जबकि नियम है कि ऐसे मामलों में कोई महिला ही पूछताछ कर सकती है। वह भी परिजनों की मौजूदगी में।
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