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दूसरे दिन भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची पुलिस

Wed, 15 Aug 2018 02:00 AM IST
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:00 AM IST
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जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के मढ़ी गांव निवासी एवं बिजली विभाग के ठेकेदार नवल किशोर सिंह की हत्या के दूसरे दिन मंगलवार को भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। मृतक की पत्नी पूनम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसपी दिनेशपाल सिंह ने सीओसिटी के नेतृत्व में घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीम गठित कर दी है। एसपी का दावा है कि बहुत जल्द घटना का खुलासा कर लिया जाएगा। उधर पोस्टमार्टम के बाद नवल किशोर का शव मंगलवार को मढ़ी गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचा तो कोहराम मच गया। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

चंदवक थाना क्षेत्र के मढ़ी (बाबा का पूरा)गांव निवासी नवल किशोर सिंह (55) की सोमवार की शाम लाइनबाजार थाना क्षेत्र के पीली कोठी के पास बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार बदमाशों की अभी पहचान नहीं ह सकी है। नवल किशोर अपनी कार से हाईडिल से निकल कर वाराणसी अपने आवास पर जा रहे थे कि रास्ते में बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी थी। घर पर नवल किशोर सिंह के पिता पिता कृपा शंकर सिंह व माता शारदा देवी का रो रो कर बुरा हाल है। उनकी पत्नी पूनम भी बेसुध पड़ी है। वह दो भाई में बड़े थे । छोटा भाई आनंद किशोर राजस्थान में रहते है। पत्नी पूनम सिंह अपने तीन बच्चो के साथ बेसुध पड़ी जीवन में असमय पति का साथ छूट जाने से तमाम बाते कह कह कर करुण क्रंदन करती रहीं। उनके दरवाजे पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का सुबह से देर शाम तक तांता लगा रहा। नवल किशोर की बड़ी बेटी नेहा सिंह की शादी की तैयीरी चल रही थी। बेटी की शादी बक्शा इलाके में तय है। आगामी रविवार को तिलक का कार्यक्रम रखा गया था। शादी 31 जनवरी को होनी है। नवल किशोर सोमवार को सुबह पहले मढ़ी गांव आए थे। माता पिता और परिवार के अन्य सदस्यों से तिलक की तैयारी के बारे में बात की फिर जौनपुर चले गए। जहां से वह अपने वाराणसी स्थित आवास के लिए निकले थे तभी रास्ते में बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। मृतक के चाचा माया शंकर सिंह ने बताया कि आठ साल पूर्व से गांव छोड़ कर परिवार को लेकर बच्चो की अच्छी शिक्षा के लिए वह वाराणसी में रहते थे । तभी से बिजली विभाग में ठेकेदारी करते थे। अब वह जौनपुर के अलावा दूसरे जिलों में भी अपनी पकड़ बना चुके थे । गांव मं उनके सरल स्वभाव की चर्चाएं होती रही। उनके शव का अंतिम संस्कार औड़िहार के जौहर गंज घाट पर कर दिया गया।
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