मछलीशहर। दीवानी न्यायालय से यथास्थिति कायम रखने के आदेश के बावजूद अधिवक्ता की भूमिधरी जमींन पर कब्जा कर लिया गया। नाराज अधिवक्ता अवनींद्र दुबे ने शुक्रवार को तहसील परिसर में आत्मदाह करने का प्रयास किया। परिवार के लोगों और अधिवक्ताओं के बीच बचाव के बाद आत्मदाह का प्रयास विफल हो गया। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने तहसील में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का घेराव किया और मामले में सीओ, तहसीलदार, कोतवाल की उपस्थिति में वार्ता के दौरान जमीन को कुर्क करने और आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। मोलनापुर गांव निवासी अधिवक्ता अवनींद्र दूबे की कस्बा घिसुआखास में भूमिधरी आराजी है। अधिवक्ता का आरोप है कि मीरपुर खास निवासी राजू पुत्र लालजी आदि बुधवार की रात से ही उक्त भूमि पर भवन निर्माण शुरु कर दिए। उन्होंने कोतवाल को फोन किया तो आरोपी को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिए। अधिवक्ताओं ने गुरूवार को तहसील में हंगामा के बाद तहसीलदार और लेखपाल मौके पर गए और विपक्षी को निर्माण करने से मना कर दिया। उधर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर चालान कर दिया। जमानत लेने से अधिवक्ताओं ने इनकार किया तो ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने आरोपी से लिखित आश्वासन लेने के बाद उसे जमानत पर रिहा कर दिया। बावजूद इसके विपक्षी ने फिर निर्माण रात में शुरू कर दिया। प्रशासन की निष्क्रियता से नाराज होकर अधिवक्ता संघ को प्रार्थना पत्र देकर अधिवक्ता ने आत्मदाह करने का निर्णय लिया और शुक्रवार को आत्मदाह करने पहुंच गए। जहां अधिवक्ताओं ने समझा बुझाकर उन्हें रोक लिया। इस मौके पर संघ के अध्यक्ष सुरेश बहादुर सिंह, महामंत्री संजीव चौधरी, दिनेश चंद्र सिंहा, यज्ञ नरायन सिंह, केदार नाथ यादव, सुरेंद्र मणि शुक्ला, सरजू प्रसाद बिंद आदि मौजूद रहे।