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Jaunpur News: 14 साल बाद मां दुर्गा की अष्टधातु प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा, भक्तों में उमड़ा आस्था का सैलाब
Fri, 06 Jun 2025 03:56 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 06 Jun 2025 03:56 PM IST
सार
Jaunpur News: जौनपुर में 200 वर्ष पुरानी मां दुर्गा की अष्टधातु प्रतिमा वर्ष 2011 में मिली थी। प्रतिमा की जांच कर अब 14 वर्ष के बाद प्राण प्रतिष्ठा हुई है।
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मां दुर्गा की अष्टधातु प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जौनपुर जिले के केराकत में लगभग 200 वर्ष पुरानी मां दुर्गा की अष्टधातु प्रतिमा जो वर्ष 2011 में गोमती नदी से मछुआरों के जाल में निकली थी उसको 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को केराकत कोतवाली परिसर स्थित हनुमान मंदिर के बगल में विधिवत रूप से स्थापित कर दिया गया। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना कोतवाली परिसर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा।
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यह दुर्लभ प्रतिमा वर्ष 2011 में उस समय चर्चा में आई थी जब मछुआरों के जाल में यह गोमती नदी से निकली थी। स्थानीय पुलिस द्वारा जब्त कर इसे कोतवाली परिसर के मालखाने में सुरक्षित रख दिया गया था। चूंकि यह प्रतिमा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई, इसलिए इसे आम जनता से दूर रखकर सुरक्षा में रखा गया।
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प्रतिमा की जांच में विशेषज्ञों ने यह स्पष्ट किया कि यह अष्टधातु से बनी हुई है और इसकी आयु लगभग दो शताब्दी पुरानी है। धातु संरचना, शिल्पकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण इसकी अनुमानित कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसके संरक्षण के बाद से ही स्थानीय लोग इसकी स्थापना की मांग करते आ रहे थे।
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वर्तमान कोतवाल की पहल से मूर्ति को मिला स्थान
वर्तमान कोतवाल प्रभारी अवनीश कुमार राय ने जनता की आस्था और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए पहल की और प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा एवं सार्वजनिक स्थापना का निर्णय लिया। प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आयोजन की तैयारियां शुरू की गईं।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह
स्थापना के दिन सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र होने लगे। प्रतिमा को विशेष रथ पर सुसज्जित कर पूजा-अर्चना के साथ मंदिर लाया गया। वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूजन और प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार, भजन, हवन एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ गूंजता रहा।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में क्षेत्र के कई अधिकारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन कोतवाली द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर अपराध निरीक्षक विजय शंकर यादव, अवधेश कुमार, रणजीत सिंह, रवि कुमार सिंह, मिथलेश राजभर, राकेश पाल, राकेश सिंह आदि लोग उपस्थि रहे।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह
स्थापना के दिन सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में एकत्र होने लगे। प्रतिमा को विशेष रथ पर सुसज्जित कर पूजा-अर्चना के साथ मंदिर लाया गया। वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधिवत पूजन और प्राण प्रतिष्ठा की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार, भजन, हवन एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ गूंजता रहा।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में क्षेत्र के कई अधिकारी, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। आयोजन कोतवाली द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया जिसमें हज़ारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर अपराध निरीक्षक विजय शंकर यादव, अवधेश कुमार, रणजीत सिंह, रवि कुमार सिंह, मिथलेश राजभर, राकेश पाल, राकेश सिंह आदि लोग उपस्थि रहे।