उरई। गुजरात के सूरत में पानी पूरी का धंधा करने वाले तीन सगे भाइयों समेत पांच लोग जिले में लौटे। वे रविवार को जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग कराने भी पहुंचे। आज जिला अस्पताल में 225 और मेडिकल कालेज में 260 लोग जांच कराने पहुंचे, जिनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर जांच प्रमाणपत्र दिया गया।
सिरसाकलार थाना क्षेत्र के धामनी निवासी रामनरेश पुत्र मूलचरन कुशवाहा ने बताया कि वह अपने भाई रामकेश व रामवीर एवं रिश्तेदार राजू एवं कुलदीप के साथ गुजरात के सूरत में पानी पूरी का धंधा करता है। लॉकडाउन होने के बाद काम धंधा बंद हो गया। जो कुछ राशन और अन्य सामग्री थी, वह भी समाप्त हो गई। ऐसे में घर पर आने के अलावा कोई चारा नहीं था। हम लोग 31 मार्च को सूरत से बाइकों से चले थे, शनिवार रात बाइकों से 1200 किलोमीटर की यात्रा कर जिले में आए। बताया कि रास्ते में बंद पड़े होटल और खेतों में किसी तरह रात गुजारते हुए निकले। रास्ते में कई जगह पुलिसिया चेकिंग का भी सामना करना पड़ा। तब पुलिस ने हालात समझते हुए कई जगह भोजन देकर आगे जाने की इजाजत दे दी। बताते है कि रास्ते में परेशानी तो बहुत आई पर अब घर लौट आए है तो राहत मिली है। अब 14 दिन तक क्वारंटीन रह लेंगे, कोई समस्या नहीं है।