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चार घंटे की दुकानदारी में क्या कमाएं, क्या बांटे
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रामशरण विश्वकर्मा
- फोटो : ORAI
जालौन। कोरोना के दौर में बाजारों का बदला समय व्यापारियों के गले नहीं उतर रहा है। सुबह 9 बजे से 4 बजे तक बाजार खोले जाने को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी है। उनका कहना है कि कम से कम सुबह नौ से रात नौ बजे तक का समय तो होना ही चाहिए। जिससे व्यापारियों को कुछ लाभ हो सके। व्यापारियों के मुताबिक ढाई माह के लॉकडाउन ने एक तो वैसे ही कारोबार का बेड़ा गर्क कर दिया है। अब सात घंटे में तीन घंटे तो दुकान लगाने और बढ़ाने में ही निकल जाते है, मात्र चार घंटे में व्यापार कर कितना कमाया जा सकता है। फिर दुकान के कर्मियों को भी वेतन देना पड़ रहा है। लिहाजा प्रशासन को इस पर विचार कर जल्द ही दुकानों के खुलने का समय बढ़ाने का फैसला करना होगा। प्रस्तुत है व्यापारियों की प्रतिक्रिया पर आधारित खबर-
व्यापारियों को सिर्फ नुकसान ही हो रहा
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष दिव्यांशु उर्फ रामजी अग्रवाल ने कहा कि सरकार की ओर से 12 घंटे का समय दिया गया है फिर क्यों सात ही घंटे दुकानें खोलने का आदेश दिया जा रहा है। इससे व्यापारियों को सिवाए नुकसान के और कुछ हासिल नहीं हो रहा है। लिहाजा समय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
ग्राहक भी नहीं निकल पाते हैं
किराना व्यापारी अनुराग बहरे का कहना है कि सुबह 9 से शाम 4 के बीच ग्राहक भी ठीक से नहीं निकल पाते हैं। ग्राहक शाम के वक्त अधिक आते हैं पर पांच बजे से पहले ही बाजार बंद हो जाती है। सर्दी का मौसम होता तो भी गनीमत थी लेकिन गर्मी में तो दुकानदारी शाम की होती है। ग्राहकों को भी कम समय मिल पा रहा है।
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दुकान का खर्च निकालना मुश्किल
इनवर्टर व बैटरी विक्रेता रामशरण के मुताबिक, दुकान पर सहयोग के लिए तीन लड़के रखे हैं। उन्हें तनख्वाह भी देनी पड़ती है। इलैक्ट्रिक सामान की रिपेयरिंग भी होती है। रिपेयरिंग में समय काफी लगता है। दुकान खोलने के बाद एक या दो आइटम की ही रिपेयरिंग हो पाती है। जबकि लड़कों को वेतन पूरा देना पड़ता है। दुकान खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
किराए की दुकान, घाटे का सौदा व्यापार
हार्डवेयर व्यापारी अमित शिवहरे ने बताया कि वे दुकान ही किराए पर लिए हैं। फिर दुकान खुलने का समय कुछ भी हो पर किराया पूरा ही देना पड़ता है। शाम की बंदी से दुकानदारी पहले जैसी नहीं हो पा रही है। व्यापार अब घाटे का सौदा लगने लगा है। कुछ दिन ऐसा ही चला तो किराए की दुकान ही छोड़नी पड़ेगी।
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व्यापारियों को सिर्फ नुकसान ही हो रहा
- उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष दिव्यांशु उर्फ रामजी अग्रवाल ने कहा कि सरकार की ओर से 12 घंटे का समय दिया गया है फिर क्यों सात ही घंटे दुकानें खोलने का आदेश दिया जा रहा है। इससे व्यापारियों को सिवाए नुकसान के और कुछ हासिल नहीं हो रहा है। लिहाजा समय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
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ग्राहक भी नहीं निकल पाते हैं
किराना व्यापारी अनुराग बहरे का कहना है कि सुबह 9 से शाम 4 के बीच ग्राहक भी ठीक से नहीं निकल पाते हैं। ग्राहक शाम के वक्त अधिक आते हैं पर पांच बजे से पहले ही बाजार बंद हो जाती है। सर्दी का मौसम होता तो भी गनीमत थी लेकिन गर्मी में तो दुकानदारी शाम की होती है। ग्राहकों को भी कम समय मिल पा रहा है।
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दुकान का खर्च निकालना मुश्किल
इनवर्टर व बैटरी विक्रेता रामशरण के मुताबिक, दुकान पर सहयोग के लिए तीन लड़के रखे हैं। उन्हें तनख्वाह भी देनी पड़ती है। इलैक्ट्रिक सामान की रिपेयरिंग भी होती है। रिपेयरिंग में समय काफी लगता है। दुकान खोलने के बाद एक या दो आइटम की ही रिपेयरिंग हो पाती है। जबकि लड़कों को वेतन पूरा देना पड़ता है। दुकान खर्च निकालना मुश्किल हो रहा है।
किराए की दुकान, घाटे का सौदा व्यापार
हार्डवेयर व्यापारी अमित शिवहरे ने बताया कि वे दुकान ही किराए पर लिए हैं। फिर दुकान खुलने का समय कुछ भी हो पर किराया पूरा ही देना पड़ता है। शाम की बंदी से दुकानदारी पहले जैसी नहीं हो पा रही है। व्यापार अब घाटे का सौदा लगने लगा है। कुछ दिन ऐसा ही चला तो किराए की दुकान ही छोड़नी पड़ेगी।

अमित शिवहरे- फोटो : ORAI

दिव्यांशु- फोटो : ORAI

अनुराग बहरे- फोटो : ORAI

बाजार में खरीदारी करते लोग- फोटो : ORAI