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एमपी के बांधों से एक साथ छोड़ा गया पानी, इस वजह से बुंदेलखंड में आई बाढ़ : स्वतंत्र देव
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बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री देते जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह।
- फोटो : संवाद
उरई/रामपुरा। मध्यप्रदेश के बांधों से एक साथ छोड़े गए पानी के कारण बुंदेलखंड के सातों जिलों में बाढ़ आई है। रविवार को यह बात प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जगम्मनपुर स्थित महाविद्यालय परिसर में आयोजित बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित करते हुए कही।
उन्होंने रविवार को जालौन व औरैया जिले के बाढ़ से प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वह रामपुरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ में जिनके मकान ध्वस्त हो गए हैं, उन्हें सरकार नया पक्का मकान देगी। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ राहत कार्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भी स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं। सरकार के निर्देश पर वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को लगाकर बाढ़ पीड़ितों के क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, ताकि बाढ़ पीड़ितों को त्वरित राहत व सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसी क्रम में उन्होंने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जानकारी ली।
उन्होंने सबसे पहले कालपी तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा विकासखंड के भिटौरा, कंजौसा क्षेत्रों से आए 180 बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट वितरित की। इस कार्य में उनका सहयोग माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी व मंत्री प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान ने बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट देने में सहयोग किया। किट के माध्यम से चावल, आटा, दाल, आलू, तेल, नमक, मसाले, बिस्कुट, लाई चना, साबुन, सैनेटरी पैड, बाल्टी, तिरपाल आदि दी गई।
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उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब एमपी के बांधों का पानी छोड़े जाने से बुंदेलखंड के सातों जिलों में यमुुना, पहूज, सिंध, चंबल, क्वारी आदि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इससे गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। बाढ़ पीड़ितों के गांवों में राहत शिविर, विद्यालय, पंचायत भवनों को शरण स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने कहा कि प्रशासन लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ के कारण सड़क संपर्क नहीं है, वहां नावों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, पूर्व आईआरएस अधिकारी शंभूदयाल, वरुण प्रताप सिंह परमार्थ ने विचार रखे। इस दौरान एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, एडीएम संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने रविवार को जालौन व औरैया जिले के बाढ़ से प्रभावित गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद वह रामपुरा पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बाढ़ में जिनके मकान ध्वस्त हो गए हैं, उन्हें सरकार नया पक्का मकान देगी। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार बाढ़ राहत कार्यों को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री भी स्वयं हालात की निगरानी कर रहे हैं। सरकार के निर्देश पर वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों को लगाकर बाढ़ पीड़ितों के क्षेत्रों में भेजा जा रहा है, ताकि बाढ़ पीड़ितों को त्वरित राहत व सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसी क्रम में उन्होंने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर जानकारी ली।
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उन्होंने सबसे पहले कालपी तहसील के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद माधौगढ़ विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा विकासखंड के भिटौरा, कंजौसा क्षेत्रों से आए 180 बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट वितरित की। इस कार्य में उनका सहयोग माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी व मंत्री प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान ने बाढ़ पीड़ितों को खाद्यान्न किट देने में सहयोग किया। किट के माध्यम से चावल, आटा, दाल, आलू, तेल, नमक, मसाले, बिस्कुट, लाई चना, साबुन, सैनेटरी पैड, बाल्टी, तिरपाल आदि दी गई।
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उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब एमपी के बांधों का पानी छोड़े जाने से बुंदेलखंड के सातों जिलों में यमुुना, पहूज, सिंध, चंबल, क्वारी आदि नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इससे गांवों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई। बाढ़ पीड़ितों के गांवों में राहत शिविर, विद्यालय, पंचायत भवनों को शरण स्थल के रूप में चिह्नित किया गया है।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडे ने कहा कि प्रशासन लगातार राहत कार्यों में जुटा हुआ है। जिन क्षेत्रों में बाढ़ के कारण सड़क संपर्क नहीं है, वहां नावों के माध्यम से राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। जल शक्ति मंत्री के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चौहान, पूर्व आईआरएस अधिकारी शंभूदयाल, वरुण प्रताप सिंह परमार्थ ने विचार रखे। इस दौरान एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार, सीडीओ केके सिंह, एडीएम संजय कुमार आदि मौजूद रहे।