{"_id":"6a00df40f78b86707c06dc12","slug":"vendors-working-in-station-canteens-will-undergo-medical-and-police-verification-orai-news-c-224-1-ori1005-144054-2026-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: स्टेशन की कैंटीनों में काम करने वाले वेंडरों का होगा मेडिकल और पुलिस सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: स्टेशन की कैंटीनों में काम करने वाले वेंडरों का होगा मेडिकल और पुलिस सत्यापन
विज्ञापन
उरई। रेलवे स्टेशन पर कैंटीनों में काम करने वाले वेंडरों को अब मेडिकल और पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न करने पर रेलवे की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
रेल प्रशासन की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर संचालित कैंटीनों के संचालकों से वहां कार्यरत वेंडरों की पूरी जानकारी मांगी गई है। संचालकों को बताना होगा कि उनके यहां कितने वेंडर काम कर रहे हैं।
स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक ने बताया कि इस संबंध में आरपीएफ और जीआरपी के साथ बैठक कर रणनीति बनाई गई है। कैंटीन संचालकों को नोटिस देकर 15 दिन के भीतर मेडिकल और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि स्टेशन पर काम करने वाले कुछ वेंडरों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सत्यापन के बाद सही और पात्र लोगों को ही स्टेशन परिसर में काम करने की अनुमति दी जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
रेल प्रशासन की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक, दो और तीन पर संचालित कैंटीनों के संचालकों से वहां कार्यरत वेंडरों की पूरी जानकारी मांगी गई है। संचालकों को बताना होगा कि उनके यहां कितने वेंडर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
स्टेशन अधीक्षक राजीव कौशिक ने बताया कि इस संबंध में आरपीएफ और जीआरपी के साथ बैठक कर रणनीति बनाई गई है। कैंटीन संचालकों को नोटिस देकर 15 दिन के भीतर मेडिकल और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए जाएंगे। समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि स्टेशन पर काम करने वाले कुछ वेंडरों का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। इसे देखते हुए रेल प्रशासन ने निर्णय लिया है कि सत्यापन के बाद सही और पात्र लोगों को ही स्टेशन परिसर में काम करने की अनुमति दी जाएगी। (संवाद)