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Jalaun News: फसलों की होगी ई-पड़ताल, लेखपाल नहीं कर सकेंगे गड़बड़ी
Mon, 11 Sep 2023 11:48 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 11 Sep 2023 11:48 PM IST
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जालौन। प्रदेश सरकार के निर्देश पर खरीफ की फसल का ई-पड़ताल अभियान शुरू हो गया है।
प्रदेश में फसलों का सर्वे अब तक कागजों पर होता था लेकिन अब जीपीएस युक्त ऐप के माध्यम से यह सर्वे होगा। एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि सर्वेयर को मौके पर जाकर किस गाटा संख्या में कौन सी फसल बोई गई है, इसकी बिंदुवार जानकारी फीड करनी होगी, मौके की फोटो भी अपलोड करनी होगी। इस व्यवस्था के तहत खेत में लगी फसल का नाम, प्रकार, श्रेणी, सिंचाई का विवरण, बुवाई की तारीख, क्रॉप की फोटो, भूखंड का जीआईएस कोऑर्डिनेट्स, क्रॉप सर्वे की तिथि और समय आदि जरूरी जानकारी ऐप पर दर्ज कर दी जाएगी। ई-पडताल से किसानों को भी लाभ मिलेगा।
फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को वास्तविक क्षति का मुआवजा मिलना भी आसान होगा। सरकार को यह पता होगा कि किस किसान ने किस खेत में कौन सी फसल लगाई है। ऐसे में किसानों को फसल से संबंधी कोई भी सलाह आसानी से मिल जाएगी। तहसील क्षेत्र में दो सितंबर से लेखपाल वैभव त्रिपाठी, सुधा अग्रवाल, दुष्यंत, सिंकी, स्वाति, पूजा राजपूत, विवेक, जितेंद्र, विनोद आदि ने खरीफ की फसल का ई-पड़ताल अभियान शुरू कर दिया गया है। 15 सितंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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प्रदेश में फसलों का सर्वे अब तक कागजों पर होता था लेकिन अब जीपीएस युक्त ऐप के माध्यम से यह सर्वे होगा। एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि सर्वेयर को मौके पर जाकर किस गाटा संख्या में कौन सी फसल बोई गई है, इसकी बिंदुवार जानकारी फीड करनी होगी, मौके की फोटो भी अपलोड करनी होगी। इस व्यवस्था के तहत खेत में लगी फसल का नाम, प्रकार, श्रेणी, सिंचाई का विवरण, बुवाई की तारीख, क्रॉप की फोटो, भूखंड का जीआईएस कोऑर्डिनेट्स, क्रॉप सर्वे की तिथि और समय आदि जरूरी जानकारी ऐप पर दर्ज कर दी जाएगी। ई-पडताल से किसानों को भी लाभ मिलेगा।
फसल को नुकसान होने की स्थिति में किसानों को वास्तविक क्षति का मुआवजा मिलना भी आसान होगा। सरकार को यह पता होगा कि किस किसान ने किस खेत में कौन सी फसल लगाई है। ऐसे में किसानों को फसल से संबंधी कोई भी सलाह आसानी से मिल जाएगी। तहसील क्षेत्र में दो सितंबर से लेखपाल वैभव त्रिपाठी, सुधा अग्रवाल, दुष्यंत, सिंकी, स्वाति, पूजा राजपूत, विवेक, जितेंद्र, विनोद आदि ने खरीफ की फसल का ई-पड़ताल अभियान शुरू कर दिया गया है। 15 सितंबर तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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