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Jalaun News: एक्सईएन, एई व जेई की तिकड़ी ने कराया 40 सड़कों का निर्माण
Sat, 28 Dec 2024 11:56 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Sat, 28 Dec 2024 11:56 PM IST
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उरई। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन, जेई को शासन ने निलंबित, जबकि सहायक अभियंता पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही इसकी जांच के लिए मुख्य अभियंता अयोध्या को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इन तीनों ने जिले में करीब 40 सड़कों का निर्माण कराया है। लोगों का कहना है कि अगर इनके कराए सभी कार्यों की जांच की जाए तो कई मामले और उजागर हो सकते हैं। लोगों का कहना है कि अगर यह छोटी-छोटी सड़कों में गड़बड़ी कर सकते हैं तो बड़ी सड़कों में तो और भी कई मामले खुल सकते हैं। शुक्रवार को कार्रवाई होने पर विभाग में शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारी बात करने से भी बचते रहे।
जिले में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के कराए गए कार्यों की जांच करने के लिए 10 नवंबर को मुख्य प्रभारी मुख्य अभियंता कानपुर रवि कुमार दत्ता की अगुवाई में एसएलसी टीम आई थी। टीम ने प्रांतीय खंड द्वारा कराए गए सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण भेंपता संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया तो उसमें पाया गया कि विभागीय अधिकारियों ने करीब आठ सौ मीटर सड़क का बिना कार्य कराए ही भुगतान कर लिया। जब टीम को यह जानकारी हुई तो उन्होंने अन्य और सड़कों के नमूने लिए।
तब टीम ने उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता मार्ग सहित चार मार्गों के नमूने लिए थे। जब नमूने लैब में भेजे गए तो उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता सहित चार सड़कों के नमूने फेल हो गए थे। टीम द्वारा जब शासन को इसकी रिपोर्ट सौंपी गई तो देखा कि प्रांतीय खंड में तैनात एक्सईएन अमित सक्सेना, एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद ने गड़बड़ी की है। इस पर शुक्रवार को एक्सईएन अमित सक्सेना, जेई सुनील आनंद को शासन ने निलंबित, जबकि सहायक अभियंता पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही इसकी जांच के लिए मुख्य अभियंता अयोध्या को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो तीनों की तिगड़ी ने जिले में करीब 40 सड़कों में एक साथ काम किया है। इनकी जांच हो जाए तो और भी खुलासे हो सकते हैं।
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कम आवागमन वाली सड़कों में किया खेल
उरई। प्रांतीय खंड के एक्सईएन अमित सक्सेना, एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद ने कोंच तहसील की दो सड़कों में घपला किया। प्रांतीय खंड के कर्मचारियों की मानें तो इन लोगों ने ऐसी सड़कों में घपला किया, जिन सड़कों में किसी का ध्यान नहीं जाता है। क्योंकि यह सड़कें गांव के संपर्क मार्ग को जोड़ती थीं। यहां आवागमन कम होने व लोगों के जागरूक न होने से मनमाने तरीके से काम करा दिए गए। 10 नवंबर को जब एसएलसी की टीम जिले में आई तो अधिकारियों को यह मालूम नहीं था कि टीम इन मार्गों पर जा सकती थी। कर्मचारियों ने बताया कि टीम पहले भी आ चुकी हैं, लेकिन टीमें बड़ी सड़कों का काम देखतीं थी। लेकिन जब टीम के सदस्यों ने भेंपता मार्ग पर जाने की इच्छा जताई तो प्रांतीय खंड के अधिकारियों के पसीने छूट गए। टीम जब वहां पहुंची तो सड़क में गड़बड़ी मिली। इसके बाद जब उसकी नपाई की गई तो लंबाई भी कम पाई गई। इस पर टीम ने रिपोर्ट शासन को बनाकर भेजी और शुक्रवार को एक्सईएन सहित तीनों पर कार्रवाई हो गई। (संवाद)
तानाशाही: बिना पर्ची के कार्यालय में किसी का नहीं था प्रवेश
उरई। प्रांतीय खंड कार्यालय में तानाशाही इस कदर हावी थी कि अगर किसी व्यक्ति को एक्सईएन से मिलना होता था तो उसे पहले पर्ची कटवानी पड़ती थी। इसके बाद घंटों इंतजार के बाद अगर एक्सईएन की इच्छा है तो वह अंदर बुलाते थे और अगर नहीं है, तो कल आने की बात कहकर बाहर बैठा चपरासी व्यक्ति को टरका देता था। लोगों का कहना है कि अगर कोई सड़क से संबंधित शिकायत करने आता था तो उल्टा उसे धमका दिया जाता था। (संवाद)
घर आने-जाने में करता था सरकारी गाड़ी का उपयोग
उरई। प्रांतीय खंड में तैनात एक्सईएन अमित सक्सेना लखनऊ स्थित अपने घर आने जाने में सरकारी गाड़ी का उपयोग करता था। वह किसी काम की बात कहकर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर देता था। इसके साथ ही गाड़ी में उपयोग होने वाले डीजल व अन्य खर्चों को दिखाकर उसका भुगतान भी करवा लेता था। (संवाद)
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जिले में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के कराए गए कार्यों की जांच करने के लिए 10 नवंबर को मुख्य प्रभारी मुख्य अभियंता कानपुर रवि कुमार दत्ता की अगुवाई में एसएलसी टीम आई थी। टीम ने प्रांतीय खंड द्वारा कराए गए सामान्य मरम्मत के साथ नवीनीकरण भेंपता संपर्क मार्ग का निरीक्षण किया तो उसमें पाया गया कि विभागीय अधिकारियों ने करीब आठ सौ मीटर सड़क का बिना कार्य कराए ही भुगतान कर लिया। जब टीम को यह जानकारी हुई तो उन्होंने अन्य और सड़कों के नमूने लिए।
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तब टीम ने उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता मार्ग सहित चार मार्गों के नमूने लिए थे। जब नमूने लैब में भेजे गए तो उरई से एट बंगरा भीखेपुर, उरई से मोहाना, परेछा संपर्क मार्ग व भेंपता सहित चार सड़कों के नमूने फेल हो गए थे। टीम द्वारा जब शासन को इसकी रिपोर्ट सौंपी गई तो देखा कि प्रांतीय खंड में तैनात एक्सईएन अमित सक्सेना, एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद ने गड़बड़ी की है। इस पर शुक्रवार को एक्सईएन अमित सक्सेना, जेई सुनील आनंद को शासन ने निलंबित, जबकि सहायक अभियंता पर अनुशासनिक कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही इसकी जांच के लिए मुख्य अभियंता अयोध्या को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय कर्मचारियों की मानें तो तीनों की तिगड़ी ने जिले में करीब 40 सड़कों में एक साथ काम किया है। इनकी जांच हो जाए तो और भी खुलासे हो सकते हैं।
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कम आवागमन वाली सड़कों में किया खेल
उरई। प्रांतीय खंड के एक्सईएन अमित सक्सेना, एई क्षितिज विवेक व जेई सुनील आनंद ने कोंच तहसील की दो सड़कों में घपला किया। प्रांतीय खंड के कर्मचारियों की मानें तो इन लोगों ने ऐसी सड़कों में घपला किया, जिन सड़कों में किसी का ध्यान नहीं जाता है। क्योंकि यह सड़कें गांव के संपर्क मार्ग को जोड़ती थीं। यहां आवागमन कम होने व लोगों के जागरूक न होने से मनमाने तरीके से काम करा दिए गए। 10 नवंबर को जब एसएलसी की टीम जिले में आई तो अधिकारियों को यह मालूम नहीं था कि टीम इन मार्गों पर जा सकती थी। कर्मचारियों ने बताया कि टीम पहले भी आ चुकी हैं, लेकिन टीमें बड़ी सड़कों का काम देखतीं थी। लेकिन जब टीम के सदस्यों ने भेंपता मार्ग पर जाने की इच्छा जताई तो प्रांतीय खंड के अधिकारियों के पसीने छूट गए। टीम जब वहां पहुंची तो सड़क में गड़बड़ी मिली। इसके बाद जब उसकी नपाई की गई तो लंबाई भी कम पाई गई। इस पर टीम ने रिपोर्ट शासन को बनाकर भेजी और शुक्रवार को एक्सईएन सहित तीनों पर कार्रवाई हो गई। (संवाद)
तानाशाही: बिना पर्ची के कार्यालय में किसी का नहीं था प्रवेश
उरई। प्रांतीय खंड कार्यालय में तानाशाही इस कदर हावी थी कि अगर किसी व्यक्ति को एक्सईएन से मिलना होता था तो उसे पहले पर्ची कटवानी पड़ती थी। इसके बाद घंटों इंतजार के बाद अगर एक्सईएन की इच्छा है तो वह अंदर बुलाते थे और अगर नहीं है, तो कल आने की बात कहकर बाहर बैठा चपरासी व्यक्ति को टरका देता था। लोगों का कहना है कि अगर कोई सड़क से संबंधित शिकायत करने आता था तो उल्टा उसे धमका दिया जाता था। (संवाद)
घर आने-जाने में करता था सरकारी गाड़ी का उपयोग
उरई। प्रांतीय खंड में तैनात एक्सईएन अमित सक्सेना लखनऊ स्थित अपने घर आने जाने में सरकारी गाड़ी का उपयोग करता था। वह किसी काम की बात कहकर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर देता था। इसके साथ ही गाड़ी में उपयोग होने वाले डीजल व अन्य खर्चों को दिखाकर उसका भुगतान भी करवा लेता था। (संवाद)