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Jalaun News: मौके पर सपा सरकार लिखा डंडा छोड़कर पुलिस को किया गुमराह

Mon, 22 Sep 2025 01:10 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Sep 2025 01:10 AM IST
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The police were misled by leaving a stick with SP government written on it at the spot.
उरई। मेडिकल स्टोर संचालक के अपहरण मामले में पुलिस को गुमराह करने के लिए बदमाशों ने घटनास्थल पर सपा सरकार लिखा एक डंडा छोड़ दिया था। मकदस था कि इससे पुलिस का ध्यान नेताओं की ओर जाए।
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पुलिस बदमाशों से दो हाथ आगे निकली और मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। सभी दोषियों को अभी पुलिस मुठभेड़ में सजा होनी बाकी है। मामला ट्रायल कोर्ट में विचाराधीन है। मुठभेड़ के गवाह मेडिकल स्टोर संचालक अजय की बीमारी के चलते मौत भी हो चुकी है। मामले में विशेष न्यायाधीश (डकैती कोर्ट) ने छह बदमाशों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई दी है।
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एट थाना क्षेत्र के चावनपुरा गांव निवासी सौरभ ने एट थाना को तहरीर देते हुए बताया था कि 23 जुलाई 2013 की रात नौ बजे उसका बड़ा भाई अजय कुमार एट स्थित मेडिकल स्टोर की दुकान बंदकर बाइक से अपने घर आ रहा था। वह देर रात तक घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसकी खोजबीन की तो एट के रास्ते में उसकी बाइक, चप्पल, मोबाइल व डंडा पड़ा मिला था।
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जब पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां जो डंडा पड़ा था, उसमें बदमाशों ने सपा सरकार लिख दिया था जिससे कि पुलिस समझे कि बदमाशों ने घटना को अंजाम नहीं दिया है। जब बदमाशों ने पीड़ित संचालक के पिता के दोस्त जाहर सिंह को फोन कर एक करोड़ की फिरौती मांगी तो उन्हें अजय के अपहरण होने की जानकारी हुई थी।
इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कैलिया के जंगल में मुठभेड़ के दौरान मध्य प्रदेश के दतिया कोतवाली क्षेत्र के रिछारा फाटक निवासी प्रीतम जमादार, नीरज वाल्मीकी, कानपुर देहात के नवीपुर निवासी संदीप कुमार, प्रदीप कुमार व कानपुर नगर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी मुहम्मद इकबाल, झांसी जिले के मोंठ कोतवाली क्षेत्र के जोरा गांव निवासी उमेश कुमार मिश्रा व दतिया निवासी बाल किशुन कुशवाहा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था।
जबकि मध्य प्रदेश के दतिया जिले के तलैया निवासी छोटू उर्फ दादा, कानपुर देहात के गजनेर थाना क्षेत्र के कुरारी निवासी दीपक उर्फ दिनेश मौके से भागने में सफल हो गया था। पुलिस ने युवक को बदमाशों के पास से छुड़ा लिया था। पीड़ित संचालक की फरवरी 2024 में मौत हो चुकी है। लेकिन अभी पुलिस मुठभेड़ में सभी दोषियों को सजा होनी बाकी है।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदमाश छोटू दादा ने कर दिया था सरेंडर
अपहरण के मामले में पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार किया था। जबकि दो भाग गए थे। मामले में मध्य प्रदेश के दतिया के तलैया निवासी छोटू दादा का नाम सामने आया था। पुलिस ने जब उसके घर पर दबिश दी तो उसने र्ट में सरेंडर कर दिया था। करीब 12 साल से वह जेल में था। साक्ष्य व सबूत न मिलने पर न्यायालय ने उसे बरी कर दिया है।




आगरा के दो लोगों तक नहीं पहुंच पाई पुलिस
मेडिकल स्टोर संचालक के अपहरण के मामले में पुलिस को आगरा जिले के दो लोगों के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए कोशिश की, लेकिन उन तक नहीं पहुंच पाई। पुलिस जिस कार से बदमाशों ने अजय का अपहरण किया था और उसे जंगल उसी से ले गए थे, उसका भी कोई पता नहीं कर पाई है। जबकि विवेचना में पुलिस ने कार का जिक्र किया है।
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