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सुबह सात बजते ही गांव में गूंजने लगता है राष्ट्रगान

Mon, 17 Aug 2020 11:49 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2020 11:49 PM IST
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The national anthem starts echoing in the village at seven o'clock in the morning
जरारा गांव के ग्रामीण राष्ट्रीय गान करते - फोटो : ORAI
सिरसाकलार (जालौन)। यूं तो धार्मिक स्थलों में नियमित रुप से भजन कीर्तन होना कोई नई बात नहीं है, पर बीहड़ के गांव में यदि नियमित रुप से जन गण मन सुनाई देने लगे तो मेरा गांव मेरा देश सा लगने लगता है। बीहड़ के गांवों में देश भक्ति की अलख जगाने का बीड़ा उठाया है समाजसेवी राम मनोहर चतुर्वेदी ने, जिन्होंने गांव में एक बड़ा सा माइक लगा रखा है, जिससे सुबह के सात बजते ही जन गण मन अधिनायक गूंजने लगता है।
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राष्ट्रगान शुरू होते ही फिर जो जहां होता है, वहीं राष्ट्रगान के सम्मान में खड़ा होकर उसे पूरा करता है। राम मोहन का कहना है कि अभी तो उन्होंने देश भक्ति की यह मशाल सिर्फ अपने ही गांव में जलाई है लेकिन योजना बन रही है कि इसे आसपास के गांवों में जल्द रोशन किया जाएगा। बीहड पट्टी के महेबा ब्लाक से जुड़े जरारा गांव निवासी राममोहन ने बताया कि वे कई सामाजिक संगठनों (एनजीओ) से जुड़े हैं। जिसमें कृषि से लेकर पर्यावरण तक पर काम किया जाता है।
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बीते स्वतंत्रता दिवस पर ग्रामीणों का राष्ट्रगान के प्रति उत्साह देखकर विचार मन में आया कि देशभक्ति केवल स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस पर ही क्यों हिलोरे मारे, यदि थोड़ा प्रयास किया जाए तो यह काम रोज किया जा सकता है, बल्कि दिन की शुरुआत ही देश भक्ति से की जा सकती है। बस फिर क्या था, गांव के युवाओं का साथ मिला और अगले ही दिन से शुरू करा दिया रोजाना होने वाला राष्ट्रगान। फिलहाल तो मंदिर के पास खाली पड़े सार्वजनिक स्थान पर ही लोगों को एकत्र किया जाता है।
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सात बजे से पहले ही माइक से लोगों राष्ट्रगान के लिए बुलाया जाता है। सात बजते ही माइक से राष्ट्रगान गूंजता है, गांव में जहां तक उसकी आवाज सुनाई देती है, लोग स्वयं ही उसके सम्मान में सावधान खड़े हो जाते हैं। जिसमें युवाओं के अलावा बच्चे और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेते हैं। समाजसेवी के मुताबिक जल्द ही एक टीम तैयार की जा रही है, जो कि राष्ट्रगान की इस परंपरा को आसपास के रगौली, टिकरा, कुकोहनू समेत 103 गांवों में भी शुरू कराने की योजना बना रही है। इस अवसर पर जिसमें गांव के जीतू सिंह, विक्रम यादव, राजू राम बिहारी, अनुराग पाठक सत्यम आदि सहयोग करेंगे।

जरारा गांव के समाजसेवी राम मोहन चतुर्वेदी

जरारा गांव के समाजसेवी राम मोहन चतुर्वेदी- फोटो : ORAI

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