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Jalaun News: जनता दरबार में पहुंचे दो युवकों के परिचय पत्र जांच के लिए रखे
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जालौन। तहसील परिसर में आयोजित जनता दरबार के दौरान दो युवकों के परिचय पत्रों को लेकर संदेह की स्थिति बनने पर एसडीएम ने उनके दस्तावेज जांच के लिए सुरक्षित रख लिए। दोनों युवकों से अपने पक्ष में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
एसडीएम रिंकू सिंह राही के जनता दरबार में पहुंचे एक युवक ने स्वयं को मानवाधिकार संगठन से जुड़ा बताते हुए अपना नाम मुहम्मद अकील बताया, जबकि दूसरे युवक ने पुलिस फ्रेंड ऑर्गेनाइजेशन का परिचय पत्र दिखाकर अपना नाम दयाशंकर बताया। एसडीएम के अनुसार दोनों युवकों की बातचीत और प्रस्तुत जानकारी में कुछ संदिग्धता प्रतीत हुई, जिसके बाद उनसे पहचान और संगठन संबंधी दस्तावेज मांगे गए।
उन्होंने बताया कि प्रारंभ में दोनों स्वयं को सरकारी संस्थाओं से जुड़ा बता रहे थे, लेकिन प्रस्तुत परिचय पत्रों से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इस पर उनके परिचय पत्र जांच के लिए रख लिए गए और उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि उन्हें पूर्व में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग जनता दरबार के बाहर बैठकर फरियादियों को गुमराह कर रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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वहीं, मानवाधिकार संगठन से जुड़े बताए जा रहे मुहम्मद अकील का कहना है कि वह अपने संगठन की ओर से शिकायत लेकर एसडीएम से मिलने गए थे। उनका आरोप है कि एसडीएम ने उनका परिचय पत्र अपने पास रख लिया और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। हालांकि एसडीएम रिंकू सिंह राही ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों से अपने दावों के समर्थन में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।
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एसडीएम रिंकू सिंह राही के जनता दरबार में पहुंचे एक युवक ने स्वयं को मानवाधिकार संगठन से जुड़ा बताते हुए अपना नाम मुहम्मद अकील बताया, जबकि दूसरे युवक ने पुलिस फ्रेंड ऑर्गेनाइजेशन का परिचय पत्र दिखाकर अपना नाम दयाशंकर बताया। एसडीएम के अनुसार दोनों युवकों की बातचीत और प्रस्तुत जानकारी में कुछ संदिग्धता प्रतीत हुई, जिसके बाद उनसे पहचान और संगठन संबंधी दस्तावेज मांगे गए।
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उन्होंने बताया कि प्रारंभ में दोनों स्वयं को सरकारी संस्थाओं से जुड़ा बता रहे थे, लेकिन प्रस्तुत परिचय पत्रों से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। इस पर उनके परिचय पत्र जांच के लिए रख लिए गए और उन्हें आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए समय दिया गया है। एसडीएम ने बताया कि उन्हें पूर्व में शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग जनता दरबार के बाहर बैठकर फरियादियों को गुमराह कर रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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वहीं, मानवाधिकार संगठन से जुड़े बताए जा रहे मुहम्मद अकील का कहना है कि वह अपने संगठन की ओर से शिकायत लेकर एसडीएम से मिलने गए थे। उनका आरोप है कि एसडीएम ने उनका परिचय पत्र अपने पास रख लिया और मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी। हालांकि एसडीएम रिंकू सिंह राही ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और संबंधित व्यक्तियों से अपने दावों के समर्थन में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।