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Jalaun News: हिरण का शिकार करने वाला शिकारी गिरफ्तार, गोली लगने से हुई थी मौत
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सिरसा कलार। थाना क्षेत्र के कोढा किर्राई वन रेंज के जंगल में मंगलवार को मृत मिले हिरण की हत्या शिकारी ने गोली मारकर की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट हुई है कि चीतल प्रजाति के हिरण को 4 मिमी के छर्रे से गोली मारी गई। एक छर्रा पेट में मिला, जबकि दूसरा शरीर को चीरते हुए बाहर निकल गया।
घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई थी, जिसके बाद गुरुवार को जंगल के खरगोई इलाके में शिकारी को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम कप्तान है, जो गांव में अस्थायी रूप से रह रहा था। ग्रामीणों ने पहचान कर उसका नाम बताया, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि दो स्वतंत्र गवाह भी मिले हैं। उन्होंने शिकार की घटना को होते हुए देखा था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों को झाड़ियों में मरा हुआ हिरण मिला था। सूचना पर नियामतपुर वन रेंज अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव, थाना अध्यक्ष पीके सिंह और नियामतपुर चौकी इंचार्ज शिवम सिंह मौके पर पहुंचे और हिरण का पंचनामा भरवाकर उसे नियामतपुर पशु चिकित्सालय भेजा गया। पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों की संयुक्त टीम बनाई गई, जिसमें नियामतपुर के पशुधन अधिकारी सतीश कुमार राजपूत, महेवा के बालेंद्र सिंह और कालपी के देवेंद्र सिंह सचान शामिल रहे। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई थी। वन विभाग का मानना है कि हिरण का शिकार उसकी खाल या मांस की तस्करी के उद्देश्य से किया गया था। आरोपी को पकड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे समय रहते पूरा कर लिया गया।
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घटना की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दी गई थी, जिसके बाद गुरुवार को जंगल के खरगोई इलाके में शिकारी को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम कप्तान है, जो गांव में अस्थायी रूप से रह रहा था। ग्रामीणों ने पहचान कर उसका नाम बताया, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को जेल भेजा जा रहा है। डीएफओ प्रदीप कुमार ने बताया कि दो स्वतंत्र गवाह भी मिले हैं। उन्होंने शिकार की घटना को होते हुए देखा था। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे ग्रामीणों को झाड़ियों में मरा हुआ हिरण मिला था। सूचना पर नियामतपुर वन रेंज अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव, थाना अध्यक्ष पीके सिंह और नियामतपुर चौकी इंचार्ज शिवम सिंह मौके पर पहुंचे और हिरण का पंचनामा भरवाकर उसे नियामतपुर पशु चिकित्सालय भेजा गया। पोस्टमार्टम के लिए तीन डॉक्टरों की संयुक्त टीम बनाई गई, जिसमें नियामतपुर के पशुधन अधिकारी सतीश कुमार राजपूत, महेवा के बालेंद्र सिंह और कालपी के देवेंद्र सिंह सचान शामिल रहे। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई थी। वन विभाग का मानना है कि हिरण का शिकार उसकी खाल या मांस की तस्करी के उद्देश्य से किया गया था। आरोपी को पकड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी, जिसे समय रहते पूरा कर लिया गया।
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