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जालौन: पंचतत्व में विलीन हुए लोकतंत्र सेनानी स्वर्णकार
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दिवंगत लोकतंत्र सेनानी को सलामी देती गारद, साथ में तहसीलदार व कोतवाल
- फोटो : ORAI
कोंच। वामपंथी नेता एवं लोकतंत्र सेनानी रामा स्वर्णकार (64) का शनिवार की देर शाम निधन हो गया। निधन का समाचार सुनते ही शुभचिंतकों और जानने वालों में शोक व्याप्त हो गया। वह कुछ समय से बीमार चल रहे थेे और उपचार के दौैरान कानपुर में उन्होंने अंतिम सांस ली।
रविवार को दोपहर उन्हें सैकड़ों नम आंखों के बीच कंजरबाबा के समीप स्थित श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि उनके बेेटेे धर्मवीर ने दी। इससे पूर्व तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने जवाहर नगर स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें तिरंगा ओढ़ाया और पुष्पांजलि अर्पित की।
श्मशान घाट पर उरई से आई गारद ने उन्हें सलामी दी। कामरेड दयाराम कुशवाहा की अगुवाई में वामपंथियों ने भी उन्हें लाल झंडा ओढ़ाया। मूल रूप से धनौरा निवासी रामा स्वर्णकार कई दशकों पूर्व वह अपने पिता लल्लूराम स्वर्णकार और दो भाइयों के साथ कोंच आकर बस गए थे।
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अंतिम यात्रा में कोतवाल इमरान खान, एसआई धर्मेंद्र सिंह, लेखपाल सदर नरेंद्र, लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र मयंक, भूपेंद्र सीरौठिया, संतोष गोयल आदि शामिल रहे।
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रविवार को दोपहर उन्हें सैकड़ों नम आंखों के बीच कंजरबाबा के समीप स्थित श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी गई। मुखाग्नि उनके बेेटेे धर्मवीर ने दी। इससे पूर्व तहसीलदार राजेश विश्वकर्मा ने जवाहर नगर स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें तिरंगा ओढ़ाया और पुष्पांजलि अर्पित की।
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श्मशान घाट पर उरई से आई गारद ने उन्हें सलामी दी। कामरेड दयाराम कुशवाहा की अगुवाई में वामपंथियों ने भी उन्हें लाल झंडा ओढ़ाया। मूल रूप से धनौरा निवासी रामा स्वर्णकार कई दशकों पूर्व वह अपने पिता लल्लूराम स्वर्णकार और दो भाइयों के साथ कोंच आकर बस गए थे।
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अंतिम यात्रा में कोतवाल इमरान खान, एसआई धर्मेंद्र सिंह, लेखपाल सदर नरेंद्र, लोकतंत्र सेनानी कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष ब्रजेंद्र मयंक, भूपेंद्र सीरौठिया, संतोष गोयल आदि शामिल रहे।