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नए मकानों और व्यावसायिक भवनों पर लगेगा टैक्स
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उरई। शहर में दस हजार से ज्यादा नए मकानों पर नगर पालिका संपत्ति कर लगाने की तैयारी कर रही है। व्यावसायिक भवनों पर भी नए सिरे से कर लगाया जाएगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है।
इस वक्त नगर पालिका क्षेत्र में 35,500 घरों से हाउस टैक्स (संपत्ति कर) वसूला जा रहा है। साढ़े दस हजार ऐसे मकान हैं, जिनसे संपत्ति कर नहीं लिया जा रहा है। ऐसे मकानों का सर्वे कराकर उन पर टैक्स लगाया जाएगा, जिससे पालिका की आय बढ़ाई जा सकेगी। इसी तरह लगभग 230 भवनों से नगर पालिका व्यावसायिक कर वसूल रही है। हालांकि इनकी संख्या फिलहाल 600 से अधिक हो चुकी है। ऐसे मकानों का भी सर्वे कराकर संपत्ति कर वसूलने की तैयारी की जा रही है।
तीन गुना आय बढ़ाने की योजना
नगर पालिका को गृहकर के रुप में फिलहाल 70 लाख रुपये की आय हो रही है। जबकि व्यावसायिक भवनों से भी दस लाख की आय हो रही है। इस आय को तीन गुना तक करने की नगर पालिका की तैयारी है। गृहकर के मुकाबले व्यवसायिक भवनों से तीन गुना शुल्क वसूला जाता है। कुल छह टीमें लगाई गई है, जो सर्वे का काम कर रहीं हैं।
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भवन स्वामियों को नोटिस
नगर पालिका के कर अधीक्षक गणेश प्रसाद गौतम ने बताया कि कर विभाग से जुड़ी टीमें सर्वे में लगी हैं। जिन भवनों से व्यवसायिक कार्य संचालित हो रहे हैं, ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। रिहायशी मकानों के लिए भी सर्वे किया जा रहा है। कुछ पुराने भवन हैं, जिनका कर निर्धारण बहुत समय से नहीं हुआ है, ऐसे मकानों का दोबारा सर्वे किया जा रहा है। कर लगाने का उद्देश्य नगर पालिका की आय बढ़ाना है। नगर पालिका की आय बढ़ने पर नागरिक सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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इस वक्त नगर पालिका क्षेत्र में 35,500 घरों से हाउस टैक्स (संपत्ति कर) वसूला जा रहा है। साढ़े दस हजार ऐसे मकान हैं, जिनसे संपत्ति कर नहीं लिया जा रहा है। ऐसे मकानों का सर्वे कराकर उन पर टैक्स लगाया जाएगा, जिससे पालिका की आय बढ़ाई जा सकेगी। इसी तरह लगभग 230 भवनों से नगर पालिका व्यावसायिक कर वसूल रही है। हालांकि इनकी संख्या फिलहाल 600 से अधिक हो चुकी है। ऐसे मकानों का भी सर्वे कराकर संपत्ति कर वसूलने की तैयारी की जा रही है।
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तीन गुना आय बढ़ाने की योजना
नगर पालिका को गृहकर के रुप में फिलहाल 70 लाख रुपये की आय हो रही है। जबकि व्यावसायिक भवनों से भी दस लाख की आय हो रही है। इस आय को तीन गुना तक करने की नगर पालिका की तैयारी है। गृहकर के मुकाबले व्यवसायिक भवनों से तीन गुना शुल्क वसूला जाता है। कुल छह टीमें लगाई गई है, जो सर्वे का काम कर रहीं हैं।
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भवन स्वामियों को नोटिस
नगर पालिका के कर अधीक्षक गणेश प्रसाद गौतम ने बताया कि कर विभाग से जुड़ी टीमें सर्वे में लगी हैं। जिन भवनों से व्यवसायिक कार्य संचालित हो रहे हैं, ऐसे भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया गया है। रिहायशी मकानों के लिए भी सर्वे किया जा रहा है। कुछ पुराने भवन हैं, जिनका कर निर्धारण बहुत समय से नहीं हुआ है, ऐसे मकानों का दोबारा सर्वे किया जा रहा है। कर लगाने का उद्देश्य नगर पालिका की आय बढ़ाना है। नगर पालिका की आय बढ़ने पर नागरिक सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।