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Jalaun News: माता-पिता की हत्या में बेटे को उम्रकैद
Fri, 31 May 2024 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Fri, 31 May 2024 01:31 AM IST
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उरई। माता पिता की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले बेटे के खिलाफ दोष सिद्ध होने पर अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
कदौरा थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी मलखान अहिरवार ने आठ सितंबर 2018 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके बड़े भाई जनक और उसकी भाभी का आए दिन घर में झगड़ा होता रहता था। जिसका बीच बचाव उसके माता-पिता करते थे। इसी बात से उसका भाई जनक नाराज रहता था। आठ सितंबर 2018 को जब उसकी मां कुसुमा व पिता रामलाल खेत से जानवर चराकर घर आ रहे थे तभी गांव के बाहर जनक ने माता-पिता को रोककर उनके ऊपर कुल्हाड़ी से कई वार किए। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसी दौरान ग्रामीणों को आता देखकर जनक मौके से भाग गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घटना के दूसरे दिन पुलिस ने जनक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में छह सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसका ट्रायल अपर जिला जज भारतेंदु सिंह की अदालत में चल रहा था। घटना के समय से आरोपी जेल में बंद था। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों व बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने जनक को माता-पिता को कुल्हाड़ी मारकर हत्या के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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कदौरा थाना क्षेत्र के बड़ागांव निवासी मलखान अहिरवार ने आठ सितंबर 2018 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके बड़े भाई जनक और उसकी भाभी का आए दिन घर में झगड़ा होता रहता था। जिसका बीच बचाव उसके माता-पिता करते थे। इसी बात से उसका भाई जनक नाराज रहता था। आठ सितंबर 2018 को जब उसकी मां कुसुमा व पिता रामलाल खेत से जानवर चराकर घर आ रहे थे तभी गांव के बाहर जनक ने माता-पिता को रोककर उनके ऊपर कुल्हाड़ी से कई वार किए। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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इसी दौरान ग्रामीणों को आता देखकर जनक मौके से भाग गया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर घटना के दूसरे दिन पुलिस ने जनक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में छह सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसका ट्रायल अपर जिला जज भारतेंदु सिंह की अदालत में चल रहा था। घटना के समय से आरोपी जेल में बंद था। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों व बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज भारतेंदु सिंह ने जनक को माता-पिता को कुल्हाड़ी मारकर हत्या के मामले में दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई और 25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
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