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जानवर टकराने से टूटा झांसी पैसेंजर के इंजन का शीश
अमर उजाला जालौन
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:55 PM IST
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घायल ट्रेन चालक पीके सचान।
- फोटो : अमर उजाला
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उरई। झांसी से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के सामने अन्ना जानवर आने से एक बार फिर हादसा होने से बाल बाल बच गया। जानवर एक पैर ट्रेन की चपेट में आकर कटा और उछलकर इंजन के शीशे को तोड़ता हुआ सीधे चालक के सिर से जा टकराया। इससे ट्रेन के चालक को भी मामूली चोट आई है।
झांसी से कानपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन सोमवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे उरई की ओर आ रही थी। एट व भुआ सेक्शन के बीच एक अन्ना जानवर ट्रेन के सामने आ गया। ट्रेन चालक पीके सचान कुछ समझ पाते तब तक जानवर ट्रेन की चपेट में आ गया। जानवर का पैर कटकर इंजन का शीश तोड़ता हुआ चालक सचान के सिर से जा टकराया। इससे सिर में चोट लग गई। चालक के सहायक उपेंद्र पाल ने इंजन संभाला। ट्रेन लगभग 11 बजे उरई स्टेशन पहुंची। वहां चालक ने अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी। घायल चालक को अस्पताल भेजा गया। उरई स्टेशन पर हादसे की जानकारी होने पर यात्री कुछ सहम से गए। गौरतलब है कि चार दिन पहले ही भुआ के पास ही इंदौर गुवाहाटी एक्सप्रेस के सामने फिश प्लेटें आने से भी ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। उस वक्त भी हादसा टल गया था। शुरुआती जांच में रेल कर्मियों की लापरवाही की बात ही सामने आ रही है।
- स्टेशन पर यूनियन नेताओं का जमावड़ा
पैसेंजर ट्रेन का चालक पीके सचान रेलवे यूनियन के पदाधिकारी भी हैं। साथियों को सूचना मिलते ही कई यूनियन पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। पदाधिकारियों ने सचान को आगे जाने से रोका, इसके बाद दूसरे चालक को बुलाकर ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना किया गया।
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- हाईवे से लेकर ट्रैक तक अन्ना जानवर
जनपद में बढ़ रहे अन्ना जानवर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। अभी अन्ना जानवरों के कारण हाईवे पर ही हादसे होते ते, अब रेलवे ट्रैक पर भी अन्ना जानवरों की धमाचौकड़ी नजर आने लगी है।
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झांसी से कानपुर जा रही पैसेंजर ट्रेन सोमवार सुबह करीब पौने ग्यारह बजे उरई की ओर आ रही थी। एट व भुआ सेक्शन के बीच एक अन्ना जानवर ट्रेन के सामने आ गया। ट्रेन चालक पीके सचान कुछ समझ पाते तब तक जानवर ट्रेन की चपेट में आ गया। जानवर का पैर कटकर इंजन का शीश तोड़ता हुआ चालक सचान के सिर से जा टकराया। इससे सिर में चोट लग गई। चालक के सहायक उपेंद्र पाल ने इंजन संभाला। ट्रेन लगभग 11 बजे उरई स्टेशन पहुंची। वहां चालक ने अधिकारियों को हादसे की जानकारी दी। घायल चालक को अस्पताल भेजा गया। उरई स्टेशन पर हादसे की जानकारी होने पर यात्री कुछ सहम से गए। गौरतलब है कि चार दिन पहले ही भुआ के पास ही इंदौर गुवाहाटी एक्सप्रेस के सामने फिश प्लेटें आने से भी ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था। उस वक्त भी हादसा टल गया था। शुरुआती जांच में रेल कर्मियों की लापरवाही की बात ही सामने आ रही है।
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- स्टेशन पर यूनियन नेताओं का जमावड़ा
पैसेंजर ट्रेन का चालक पीके सचान रेलवे यूनियन के पदाधिकारी भी हैं। साथियों को सूचना मिलते ही कई यूनियन पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। पदाधिकारियों ने सचान को आगे जाने से रोका, इसके बाद दूसरे चालक को बुलाकर ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना किया गया।
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- हाईवे से लेकर ट्रैक तक अन्ना जानवर
जनपद में बढ़ रहे अन्ना जानवर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। अभी अन्ना जानवरों के कारण हाईवे पर ही हादसे होते ते, अब रेलवे ट्रैक पर भी अन्ना जानवरों की धमाचौकड़ी नजर आने लगी है।