{"_id":"644581254c37aca9200921f4","slug":"radheshyam-was-the-municipal-president-who-lost-his-chair-due-to-confidence-motion-orai-news-c-12-1-195788-2023-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jalaun News: विश्वास प्रस्ताव से कुर्सी गंवाने वाले पालिकाध्यक्ष रहे राधेश्याम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jalaun News: विश्वास प्रस्ताव से कुर्सी गंवाने वाले पालिकाध्यक्ष रहे राधेश्याम
Mon, 24 Apr 2023 12:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
Updated Mon, 24 Apr 2023 12:34 AM IST
विज्ञापन
फोटो-19-पूर्व पालिकाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित इटहिया (फाइल फोटो)
संवाद न्यूज एजेंसी
जालौन। नगर पालिका चेयरमैन के रूप में लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पालिकाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित इटहिया ने एक सैकड़ा से अधिक दुकानों का निर्माण कराया। पालिका के इतिहास में वह एकमात्र चेयरमैन रहे जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ा।
1989 का दौर बदलाव का दौर था। किसानों और मजदूरों के लिए संघर्ष करने वाले नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले राधेश्याम दीक्षित इटहिया ने नगर पालिकाध्यक्ष का सातवां चुनाव लड़ा और नगर की जनता ने उन्हें जीत दिला दी। उन्होंने लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्होंने नगर के विभिन्न स्थानों पर नगर पालिका की ओर से दुकानों का निर्माण कराया।
तहसील रोड और ज्वालागंज में दुकानों का निर्माण कराना उन्हीं की देन हैं। दुकानों का निर्माण कराकर उन्होंने लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ा। लेकिन वह महज दो वर्ष तक ही चेयरमैन की कुर्सी संभाल सके। उस समय सभासदों ने अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उन्हें चेयरमैन पद से हटा दिया। वह अब तक नगर के एकमात्र चेयरमैन रहे जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उनके पद से हटाया गया। दो सितंबर 2010 को जब उनका निधन हुआ तब तक वह गरीबों और मजदूरों के नेता के रूप में ही पहचाने जाते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जालौन। नगर पालिका चेयरमैन के रूप में लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए पालिकाध्यक्ष राधेश्याम दीक्षित इटहिया ने एक सैकड़ा से अधिक दुकानों का निर्माण कराया। पालिका के इतिहास में वह एकमात्र चेयरमैन रहे जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ा।
1989 का दौर बदलाव का दौर था। किसानों और मजदूरों के लिए संघर्ष करने वाले नेता के तौर पर पहचाने जाने वाले राधेश्याम दीक्षित इटहिया ने नगर पालिकाध्यक्ष का सातवां चुनाव लड़ा और नगर की जनता ने उन्हें जीत दिला दी। उन्होंने लोगों को रोजगार देने के उद्देश्य से उन्होंने नगर के विभिन्न स्थानों पर नगर पालिका की ओर से दुकानों का निर्माण कराया।
विज्ञापन
तहसील रोड और ज्वालागंज में दुकानों का निर्माण कराना उन्हीं की देन हैं। दुकानों का निर्माण कराकर उन्होंने लोगों को सीधे रोजगार से जोड़ा। लेकिन वह महज दो वर्ष तक ही चेयरमैन की कुर्सी संभाल सके। उस समय सभासदों ने अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उन्हें चेयरमैन पद से हटा दिया। वह अब तक नगर के एकमात्र चेयरमैन रहे जिन्हें अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से उनके पद से हटाया गया। दो सितंबर 2010 को जब उनका निधन हुआ तब तक वह गरीबों और मजदूरों के नेता के रूप में ही पहचाने जाते रहे।
विज्ञापन