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प्रसूताओं को मिला दूध और केला

Fri, 21 Oct 2016 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
अमर उजाला ब्यूरो, उरई Updated Fri, 21 Oct 2016 11:12 PM IST
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Prsutaon got milk and banana
रसोई में खाना पकाती रसोइया सुमन। - फोटो : अमर उजाला
जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को अस्पताल में भोजन के साथ नियमित नाश्ता देने का प्रावधान है। बीते कुछ समय से अस्पताल प्रशासन की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी से प्रसूताओं को वार्ड में न तो समय पर नाश्ता और न ही भोजन की थाली परोसी जा रही थी। अमर उजाला संवाददाता ने इस समस्या को देखा और खबर प्रकाशित की तो
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अस्पताल प्रशासन व ठेकेदार हरकत में आ गया। आनन फानन में प्रसूताओं को दूध के साथ केला दिए तो वहीं दोपहर को स्वादिष्ट भोजन की थाली परोसी गई। अस्पताल परिसर में ही बनी रसोई को भी व्यवस्थित किया गया।  जिला महिला अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना के तहत गुरुवार को जिला महिला अस्पताल में प्रसूताओं को भोजन की थाली नहीं परोसी
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गई। 19 अक्तूबर को भी भोजन की थाली तैयार नहीं हुई थी। दो दिन से अस्पताल की रसोई में ताला लटक रहा था। 18 व 19 अक्तूबर को दूध व फल का वितरण भी नहीं किया गया। इस लापरवाही को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की पहल शुरू हो गई। शुक्रवार को वार्डों में प्रसूताओं को समय पर दूध के साथ फल नाश्ता के
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रूप में दिए गए। इसके बाद दोपहर की थाली भी सजा कर पहुंचाई गई। शाम के लिए भी भोजन का बंदोबस्त करने के लिए अस्पताल की रसोई पकाई गई। इसके पहले गुरुवार की शाम को जब खबर के वर्जन के लिए सीएमएस से मोबाइल पर बात की तो लापरवाही उनके संज्ञान में आई। इसके बाद तो तत्काल भोजन का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। इसी का असर

था कि गुरुवार को रात में तकरीबन आठ बजे प्रसूताओं के लिए शहर के एक होटल से भोजन मंगाया। बाकायदा पैक थाली में दाल से लेकर दोे सब्जी और चार रोटियां थी। शुक्रवार को भी सब कुछ ओके रहा। अब देखना यह है कि यह व्यवस्था कितने दिन तक बनी रहती है।

प्रसूताएं बोली थैंक यू अमर उजाला
जिला महिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती प्रसूताओं को एक दिन पहले योजना के आधार पर कुछ नहीं मिल रहा था। इसके बाद जिला अस्पताल प्रशासन में आए बदलाव पर गोराभूपका निवासी मंजू शुक्ला, मवई ब्राह्मण निवासी गोल्डी, सरावन गांव निवासी आकांक्षा, बघौरा निवासी सोनिया समेत अन्य प्रसूताओं ने कहा कि जननी सुरक्षा योजना में सब कुछ है लेकिन

यहां पर ठेकेदार व अधिकारियों की मंशा साफ नहीं है जिससे योजना का लाभ नहीं मिलता। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद तो सब कुछ बदल गया। छुट्टी का बहाना बताने वाले भोजन की थाली लिए वार्ड में खड़े नजर आए। इसके लिए हम सभी अमर उजाला को दिल से थैंक यू कहेंगे।

 
अस्पताल की रसोई में भी हुई सफाई

अब यह खबर का ही असर है कि एक दिन पहले बंद रसोई घर शुक्रवार को न केवल खोला गया, बल्कि उसकी साफ सफाई भी की गई। मसाले से लेकर अन्य राशन सामग्री को बेहतर तरीके से रखा गया था। रसोइया सुमन का कहना था कि साहब के निर्देश पर व्यवस्था को ओके किया गया है। साफ-सफाई में लापरवाही कभी नहीं बरती गई।
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